दिल्ली की छह जिला अदालतों में लोक अदालत आज, कई मामलों का होगा निपटारा
यह एक ऐसा मंच है जहां आपसी सहमति से विवादों का निपटारा किया जाता है. लोक अदालत विवादों को सुलझाने का वैकल्पिक साधन है.

Published : January 10, 2026 at 7:32 AM IST
|Updated : January 10, 2026 at 9:33 AM IST
नई दिल्ली: आज दिल्ली की छह जिला अदालतों में लोक अदालत का आयोजन किया गया है. ट्रैफिक चालान, चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद इत्यादि से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए आज छह जिला अदालतों में लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा.
हाउस कोर्ट, कड़कड़डूमा कोर्ट, राऊज एवेन्यू कोर्ट, रोहिणी कोर्ट और द्वारका कोर्ट. बता दें कि साकेत कोर्ट में 9 जनवरी को एक स्टाफ के खुदकुशी के बाद इस कोर्ट में लोक अदालत का आयोजन नहीं किया गया है.
लोक अदालत का अर्थ है जनता की अदालत
यह एक ऐसा मंच है जहां आपसी सहमति से विवादों का निपटारा किया जाता है. लोक अदालत विवादों को सुलझाने का वैकल्पिक साधन है. लोक अदालत में पक्षकारों की सहमति ही विवादों के समाधान का आधार होते हैं लेकिन वे समाधान कानून के विपरीत नहीं हो सकते हैं.
लोक अदालत में उन आपराधिक मुकदमों को छोड़कर जिनमें कानूनन समझौता संभव नही है, सभी दीवानी और आपराधिक मुकदमों का आपसी समझौते के द्वारा निपटाये जाते हैं. कोर्ट में मामला जाने से पहले भी ऐसे विवाद जिन्हें कोर्ट के समक्ष दायर नहीं किया गया है उनका भी प्री लिटिगेशन स्तर पर यानि मुकदमा दायर किये बिना ही दोनो पक्षोंं की सहमति से लोक अदालतों में निपटारा किया जा सकता है.
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