तीन दिन से बाधित कंडारी मार्ग, रस्सी के सहारे दूध के ड्रम पहुंचा रहे काश्तकार, 27 गांवों के लोगों में आक्रोश
कंडारी मोटर मार्ग बाधित होने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं. वहीं सेब की पैदावार को मंडी तक पहुंचाना भी मुश्किल हो गया है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : August 30, 2026 at 9:33 AM IST
उत्तरकाशी: यमुनोत्री हाईवे के चौड़ीकरण के चलते लगातार हो रहे धंसाव ने गोडर पट्टी के 27 गांवों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कंडारी मोटर मार्ग पिछले तीन दिनों से बंद पड़ा है. मार्ग बंद होने से क्षेत्र के काश्तकार अपनी नगदी फसल सेब को मंडियों तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं. वहीं, दुग्ध समितियों के माध्यम से लाखामंडल दुग्ध संग्रह केंद्र तक पहुंचाया जाने वाला दूध भी समय पर नहीं पहुंच पा रहा है. स्थिति यह है कि ग्रामीण दूध के ड्रमों को रस्सियों के सहारे बांधकर खड़ी ढलान से नीचे मुख्य मोटर मार्ग तक पहुंचाने को मजबूर हैं.
कंडारी मोटर मार्ग पर यमुनोत्री हाईवे चौड़ीकरण के दौरान हुई रोड कटिंग के बाद से लगातार धंसाव की समस्या बनी हुई है. बारिश होने पर मार्ग के क्षतिग्रस्त होने का खतरा और बढ़ जाता है. जुलाई में समस्या गंभीर होने पर जिलाधिकारी ने स्वयं मौके का निरीक्षण कर वैकल्पिक व्यवस्था करने के साथ ही एक माह के भीतर स्थायी समाधान के निर्देश दिए थे. ग्रामीणों का कहना है कि दो माह बीतने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है.
आए दिन मार्ग बंद होने से क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है. सबसे अधिक परेशानी काश्तकारों को उठानी पड़ रही है. सेब सीजन के दौरान सड़क बंद होने से तैयार फसल समय पर मंडियों तक नहीं पहुंच पा रही है. वहीं, दूध को समय पर चिलिंग प्लांट तक पहुंचाना भी चुनौती बन गया है. ग्रामीणों को आशंका है कि निर्धारित समय पर दूध संग्रह केंद्र तक नहीं पहुंचने पर दूध खराब हो सकता है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा.
पीएमजीएसवाई पुरोला के अधिशासी अभियंता योगेंद्र कुमार के मुताबिक
कंडारी मोटर मार्ग के बंद होने की सूचना नहीं है. राजमार्ग निर्माण खंड की ओर से रोड कटिंग से हुए नुकसान को रोकने के लिए सुरक्षात्मक कार्य किया जाना था, लेकिन लगातार बारिश के कारण कार्य नहीं हो पाया. राजमार्ग निर्माण खंड से जल्द सुरक्षात्मक कार्य कराने के लिए कहा जाएगा.
-योगेंद्र कुमार,अधिशासी अभियंता,पीएमजीएसवाई पुरोला-
सामाजिक कार्यकर्ता राजेश बहुगुणा ने बताया कि कंडारी मोटर मार्ग तीन-चार दिन से बंद है. इससे क्षेत्र की नगदी फसलें मंडी तक नहीं पहुंच पा रही हैं. दूध उत्पादकों को मजबूरी में दूध के ड्रम रस्सियों के सहारे मुख्य मोटर मार्ग तक पहुंचाने पड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र के ग्रामीण राजमार्ग निर्माण खंड के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
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