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वार्डवार फीडबैक मॉडल ! निकाय चुनाव में टिकट नहीं, पहले वार्ड का नब्ज टटोल रही भाजपा, जमीनी फीडबैक से तय होंगे 'जीताऊ चेहरे'

निकाय चुनाव में भाजपा ने वार्डवार फीडबैक मॉडल के जरिए टिकट देने का फार्मूला तैयार किया है.

पार्टी ऑफिस की बैठक में मौजूद पदाधिकारी
पार्टी ऑफिस की बैठक में मौजूद पदाधिकारी (बीजेपी FB से)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : August 24, 2026 at 2:31 PM IST

8 Min Read
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जयपुर : राजस्थान के 309 नगरीय निकायों के चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद भाजपा ने अब टिकट चयन की रणनीति को जमीनी स्तर तक ले जाने की तैयारी शुरू कर दी है. पार्टी इस बार केवल दावेदारों की राजनीतिक पहुंच या संगठन में पद को आधार नहीं बनाएगी, बल्कि हर वार्ड का फीडबैक लेकर यह तय करने की कोशिश करेगी कि वहां भाजपा के लिए सबसे मजबूत और जीताऊ चेहरा कौन है?

निकाय चुनाव में स्थानीय समीकरण, व्यक्तिगत संपर्क और वार्ड की समस्याएं अहम होने के कारण भाजपा ने प्रत्याशी चयन को संगठन के फील्ड फीडबैक से जोड़ने पर जोर दिया है. पार्टी ने निकाय चुनाव के लिए प्रभारियों की नियुक्ति की है. ये प्रभारी संबंधित निकायों में जाकर स्थानीय संगठन और कोर कमेटियों के साथ बैठक करेंगे. इसके बाद वार्डवार संभावित प्रत्याशियों को लेकर राय जुटाई जाएगी. इस बार टिकट के लिए प्रदेश मुख्यालय तक पहुंच बनाने से ज्यादा महत्वपूर्ण वार्ड में अपनी स्वीकार्यता साबित करना होगा.

श्रवण सिंह बगड़ी , प्रदेश महामंत्री बीजेपी (ETV bharat jaipur)

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दावेदार कई, फैसला वार्ड की रिपोर्ट से : भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन वार्डों में होगी, जहां एक से ज्यादा मजबूत दावेदार हैं. ऐसे में पार्टी स्थानीय कार्यकर्ताओं से यह जानने की कोशिश करेगी कि कौन सा चेहरा संगठन के लिए सक्रिय रहा है? किसकी जनता के बीच पकड़ है और कौन चुनावी मुकाबले में पार्टी के वोट को जीत में बदल सकता है? फीडबैक में स्थानीय जनसंपर्क, संगठनात्मक सक्रियता, पिछले चुनाव का अनुभव, सामाजिक समीकरण, वार्ड के प्रमुख मुद्दों और मतदाताओं के बीच स्वीकार्यता जैसे पहलुओं को महत्व दिए जा रहा है.

इससे पार्टी को टिकट वितरण के दौरान स्थानीय स्तर पर उठने वाले विरोध और असंतोष का भी पहले से अंदाजा मिल सकेगा. भाजपा की रणनीति में स्थानीय कोर कमेटियों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी. निकाय प्रभारी इन कमेटियों के साथ बैठक कर संभावित उम्मीदवारों और वार्ड की स्थिति पर चर्चा करेंगे. इसके बाद फीडबैक संगठन के वरिष्ठ स्तर तक पहुंचेगा. इस पूरी प्रक्रिया का मकसद पार्टी के लिए ऐसे चेहरों की पहचान करना है, जो केवल संगठन में सक्रिय ही नहीं बल्कि अपने वार्ड में चुनावी मुकाबला जीतने की क्षमता भी रखते हो.

पार्टी ऑफिस की बैठक में मौजूद पदाधिकारी
स्थानीय क्षेत्र में जिताऊ उम्मीदवार का फीडबैक लेते चुनाव प्रभारी. (ETV bharat jaipur)

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टिकट वितरण में 'सिफारिश' बनाम 'सर्वे' की लड़ाई : राजनीतिक तौर पर भाजपा का यह प्रयोग इसीलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि निकाय चुनावों में टिकट को लेकर स्थानीय स्तर पर सबसे ज्यादा खींचतान होती है. कई बार पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की पसंद और स्थानीय कार्यकर्ताओं की पसंद अलग-अलग होती है. ऐसे में वार्डवार फीडबैक पार्टी के लिए सिफारिशों के बीच संतुलन बनाने का आधार बन सकता है. पार्टी की कोशिश यह भी रहेगी कि टिकट घोषित होने के बाद बगावत की स्थिति कम से कम हो. स्थानीय संगठन और कार्यकर्ताओं की राय को टिकट चयन की प्रक्रिया में शामिल किया जाता है तो पार्टी असंतुष्ट दावेदारों को भी निर्णय का आधार समझाने की स्थिति में होगी.

भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने कहा कि निकाय चुनाव की दृष्टि से संगठनात्मक बैठक में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा हुई है. निकाय प्रभारियों के संबंधित क्षेत्रों में जाने और स्थानीय कोर कमेटियों के साथ बैठकर वार्ड के प्रत्याशियों के नाम जुटाने और चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर काम होगा. पार्टी का लक्ष्य ऐसा कार्यकर्ता चुनना है जो विचारधारा से जुड़ा, संगठन में मजबूत और चुनाव जीतने की क्षमता रखता हो. उन्होंने कहा कि इसी दृष्टि से संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं.

पार्टी ऑफिस की बैठक में मौजूद पदाधिकारी
चुनाव प्रभारी के सामने दावेदारी पेश करते कार्यकर्ता. (ETV bharat jaipur)

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दावेदारी नहीं, 'जीताऊ चेहरे' की तलाश : भाजपा के लिए निकाय चुनाव केवल स्थानीय निकायों पर कब्जे का चुनाव नहीं है. पार्टी इसे भजनलाल सरकार के कामकाज को स्थानीय स्तर तक ले जाने और संगठन की ताकत परखने के चुनाव के रूप में भी देख रही है. विधानसभा चुनाव में सरकार बनाने के बाद अब निकाय चुनाव में भाजपा की कोशिश है कि शहरों में भी राजनीतिक आधार मजबूत किया जाए. इसके लिए पार्टी का फोकस तीन स्तरों पर दिखाई दे रहा है. सरकार के विकास कार्यों का प्रचार, संगठन की वार्ड स्तर तक सक्रियता और स्थानीय स्तर पर जीताऊ उम्मीदवार.

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भाजपा का वार्डवार फीडबैक मॉडल :

  1. 309 निकायों में जमीनी फीडबैक पर जोर : टिकट चयन में स्थानीय संगठन, वार्ड की स्थिति और जीत की संभावना को प्राथमिकता दी जाएगी.
  2. प्रभारी करेंगे दो-तीन दिन प्रवास : सभी निकायों में नियुक्त प्रभारी अपने क्षेत्र में जाकर स्थानीय संगठन और कार्यकर्ताओं से फीडबैक जुटाएंगे.
  3. कोर कमेटी से होगी चर्चा : संभावित उम्मीदवारों के नाम और वार्ड के राजनीतिक समीकरणों पर स्थानीय कोर कमेटियों के साथ मंथन होगा.
  4. दावेदारों की संख्या नहीं, स्वीकार्यता अहम : एक वार्ड में कई दावेदार होने की स्थिति में जनता और कार्यकर्ताओं के बीच सबसे ज्यादा स्वीकार्य चेहरे की तलाश होगी.
  5. स्थानीय पकड़ बनेगी कसौटी : जनसंपर्क, संगठनात्मक सक्रियता, पिछले चुनाव का अनुभव और वार्ड के मुद्दों पर पकड़ को आकलन में शामिल किया जाएगा.
  6. सिफारिश के बजाय फील्ड रिपोर्ट : टिकट चयन में व्यक्तिगत प्रभाव और सिफारिशों के साथ-साथ वार्ड से मिलने वाले फीडबैक को महत्वपूर्ण आधार बनाया जाएगा.
  7. बगावत रोकने की कवायद : टिकट वितरण से पहले स्थानीय स्तर पर राय जुटाकर पार्टी संभावित असंतोष और बगावत के कारणों को समझने की कोशिश करेगी.
  8. अंतिम लक्ष्य जीताऊ चेहरा : प्रभारी वार्डवार फीडबैक तैयार कर पार्टी नेतृत्व को रिपोर्ट देंगे. इसके आधार पर संगठन में मजबूत और चुनाव जीतने की क्षमता रखने वाले उम्मीदवारों की पहचान की जाएगी.

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कमरे की बैठक से ज्यादा वार्ड की रिपोर्ट पर भरोसा : इस रणनीति का राजनीतिक संदेश भी महत्वपूर्ण है. भाजपा यह संकेत दे रही है कि निकाय चुनाव में टिकट का फैसला केवल जयपुर या जिला स्तर की बैठकों में नहीं होगा, बल्कि वार्ड की वास्तविक स्थिति को समझने के बाद किया जाएगा. खास तौर पर ऐसे वार्ड जहां पार्टी के भीतर कई दावेदार हैं, वहां स्थानीय फीडबैक यह तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है कि किस चेहरे को मैदान में उतारने से भाजपा की जीत की संभावना सबसे ज्यादा है.

हवामहल में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, 'बूथ जीता-चुनाव जीता' के संकल्प के साथ चुनावी बिगुल : राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा ने जयपुर में संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करना शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में हवामहल विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर आगामी नगर निगम चुनाव के लिए पार्टी ने चुनावी बिगुल बजाया. प्रेम गार्डन, जोरावर सिंह गेट, आमेर रोड पर हुए सम्मेलन में बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे.

हवामहल विधायक स्वामी बालमुकुंदाचार्य के नेतृत्व में हुए सम्मेलन में कार्यकर्ताओं से निकाय चुनाव को लेकर पूरी ताकत के साथ जुटने का आह्वान किया गया. सम्मेलन में 'बूथ जीता, चुनाव जीता' के मंत्र को आगामी निकाय चुनाव की रणनीति का आधार बनाने पर जोर रहा. कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने, मतदाताओं से सीधा संवाद बढ़ाने और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाने का जिम्मा लेने का आह्वान किया गया.

बूथ मैनेजमेंट और स्थानीय संगठन की ताकत : भाजपा के लिए हवामहल सम्मेलन को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि निकाय चुनाव में पार्टी का मुकाबला केवल प्रत्याशियों के स्तर पर नहीं, बल्कि बूथ मैनेजमेंट और स्थानीय संगठन की ताकत पर भी होगा. विधानसभा चुनाव के बाद अब भाजपा शहर के वार्डों में अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी में जुटी है.

ऐसे में कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिए पार्टी ने चुनाव से पहले ही संगठन को सक्रिय मोड में लाने का संदेश दिया. सम्मेलन में भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री रोहन गुप्ता, जयपुर शहर प्रभारी एवं पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी, सह प्रभारी राजेंद्र पराणा, जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा, हवामहल विधायक स्वामी बालमुकुंदाचार्य, शहर उपाध्यक्ष सुरेश गुर्जर सहित मंडल अध्यक्षों और बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे.