निकाय चुनाव 2026: भीलवाड़ा में बागियों को मनाने के लिए मान-मनौव्वल जारी, कोर कमेटी बैठक में नेताओं को दी घर-घर जाने की जिम्मेदारी
कांग्रेस प्रत्याशियों के सिंबल जमा नहीं होने पर भाजपा जिलाअध्यक्ष ने कहा कि यह उनकी लापरवाही से ही हुआ है. भाजपा पर आरोप गलत है.

Published : September 3, 2026 at 11:08 AM IST
भीलवाड़ा: नगर निगम सहित जिले की 10 नगर पालिकाओं में भाजपा व कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने से बागी मैदान में हैं. नाम वापसी के अंतिम दिन बड़े नेता बागियों के घर-घर जाकर पार्टी की रीति-नीति समझा रहे हैं. जिले में नगर निगम सहित गुलाबपुरा, आसींद, शाहपुरा, जहाजपुर, मांडलगढ़, बिजोलिया, बीगोद, हमीरगढ़, बनेड़ा व गंगापुर में कई कार्यकर्ता बागी हैं. नाम वापसी के अंतिम दिन प्रमुख दलों के आला नेताओं ने कोर कमेटी की बैठक कर बागी प्रत्याशियों के घर पहुंचकर मनाने की कोशिश की. भाजपा कार्यालय में जिला चुनाव प्रभारी, सांसद दामोदर अग्रवाल, पूर्व विधायक विट्ठल शंकर अवस्थी, निर्दलीय विधायक अशोक कोठारी की मौजूदगी में जिला अध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा की अध्यक्षता में कोर कमेटी बैठक हुई.
बीती रात से ही नेता बागियों को उनके घर जाकर मना रहे हैं. भाजपा जिला अध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा ने कहा कि जिन कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं मिला और निर्दलीय मैदान में हैं, उन्हें मना लेंगे. मेवाड़ा ने कहा कि भीलवाड़ा में 10 पालिका और एक निगम है. भीलवाड़ा नगर निगम के 70 वार्डों के लिए 1000 से अधिक आवेदन आए थे, सामाजिक संगठनों व कार्यकर्ताओं ने आवेदन किया था. कोर कमेटी ने पैनल तैयार कर प्रदेश मुख्यालय भेजा, वहां प्रत्याशियों के नाम पर मोहर लगी. इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने से कई लोगों को टिकट की अपेक्षा थी. टिकट तो किसी एक को ही मिलती. अब प्रमाणिक कार्यकर्ताओं से बात कर रहे हैं. उम्मीद है वे पार्टी के पक्ष में नामांकन उठा लेंगे. बीगोद में भाजपा प्रत्याशी का नामांकन खारिज होने पर कहा कि वहां प्रत्याशी खुद वकील हैं. वे लॉ ऑफिसर हैं. इस पद से उनका इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ. इस कारण निरस्त हुआ.
विकास कार्यों को लेकर जाएंगे जनता के बीच: मेवाड़ा ने कहा कि भाजपा निरंतर सक्रिय रहती है. 5 साल हर दिन कार्य करती है. कार्यकर्ता जनता के बीच रहते हैं. डबल इंजन सरकार है. नरेंद्र मोदी ने भारत का नाम विश्व में रोशन किया और भजनलाल ने 3 साल में ऐतिहासिक बजट दिए. भीलवाड़ा में विकास के लिए कड़ी से कड़ी जुड़े, इस दृष्टि से जनता के बीच जा रहे हैं. जनता को बताया जा रहा है कि महापौर और अध्यक्ष बनने पर किस प्रकार विकास करेंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का भीलवाड़ा से जुड़ाव है. जिले में विधायक भाजपा के हैं. फिलहाल भीलवाड़ा जिला कांग्रेस मुक्त है, इसका भाजपा को फायदा मिलेगा.
कांग्रेस में 'खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे' जैसा मामला: कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष और पदाधिकारी प्रशासन पर आरोप लगा रहे थे कि भीलवाड़ा प्रशासन बीजेपी की कठपुतली बना हुआ है, इसलिए सिंबल नहीं लिए. इस पर मेवाड़ा ने कहा कि यह 'खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे' जैसा मामला है. आप समय पर नहीं पहुंचे, 3 बजे सिंबल सबमिट करने थे और 3:15 बजे पहुंचे. इसमें किसी और का क्या दोष? उनके ही प्रदेश कार्यसमिति सदस्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर आरोप नहीं लगाया, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर आरोप लगाया और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र भी लिखा, आरोप है कि डोटासरा ने यह किया है. आपस में फुटबॉल हो रहा है. जनता देख रही है. दो दिग्गज नेताओं की प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में लड़ाई हुई थी, जनता को पता है.

जोधपुर में 41 अभ्यर्थियों ने नामांकन वापस लिए: नगर निगम जोधपुर में 2 सितंबर को नामांकन वापसी के दौरान कुल 41 अभ्यर्थियों ने अपने नाम वापस लिए. इनमें वार्ड संख्या 66 में सर्वाधिक 4 अभ्यर्थियों ने नामांकन वापस लिया. इस बीच भाजपा और कांग्रेस संगठन के नेता पूरे दिन अपने निर्दलीय और बागी कार्यकर्ताओं को समझाते रहे. नामांकन वापसी का आज अंतिम दिन है. एडीएम जवाहर चौधरी ने बताया कि वार्ड संख्या 46 एवं 47 में 3-3 अभ्यर्थियों, जबकि वार्ड संख्या 11, 31, 42, 56, 73 एवं 74 में 2-2 अभ्यर्थियों ने नामांकन वापस लिए. वहीं वार्ड संख्या 5, 10, 14, 15, 18, 35, 43, 44, 49, 65, 69, 71, 72, 76, 87, 92, 94, 97 एवं 100 से एक-एक अभ्यर्थी ने अपना नामांकन वापस लिया.
बागियों को मनाते रहे: कांग्रेस के बागी प्रत्याशियों को मनाने के लिए पूर्व विधायक मनीष पवार सक्रिय नजर आई. उन्होंने बताया कि कई बागी समझाने पर मान गए. इसी तरह से भाजपा में उपाध्यक्ष गौरव जैन सहित अन्य पदाधिकारी बागियों की नामांकन वापसी करवाने में लगे रहे.

