स्थानीय निकाय चुनाव 2026: अलवर में 65 वार्डों में भाजपा-कांग्रेस ने घोषित किए उम्मीदवार, बगावत रोकने को कोर कमेटी गठित
दोनों दलों ने नामांकन समय खत्म होने तक सूची सार्वजनिक नहीं की, इसलिए दावेदार दोपहर तक असमंजस में रहे.

Published : August 31, 2026 at 5:35 PM IST
अलवर: नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन के अंतिम दिन सोमवार को भाजपा और कांग्रेस ने अंतिम समय में सिंबल जमा कराए और उसके बाद उम्मीदवारों की सूची सार्वजनिक की. दोनों दलों के जिलाध्यक्ष बगावत की बात से इनकार कर रहे हैं, लेकिन अंदरखाने बगावत की आशंका को देखते हुए वरिष्ठ नेताओं की कोर कमेटी बना दी गई है, जो नाम वापसी के लिए मनाने में जुटी है. नाम वापसी के बाद ही चुनावी तस्वीर साफ होगी.
नामांकन दाखिल करने का कार्य सोमवार दोपहर 3 बजे पूरा हुआ. इस बार दोनों दलों ने बगावत के डर से समय खत्म होने से ऐन पहले मिनी सचिवालय पहुंच कर सिंबल चुनाव अधिकारी को सौंपे. इस बार महापौर पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित है. इसलिए दोनों दलों और निर्दलीय के रूप में बड़ी संख्या में महिलाओं ने नामांकन किया है. प्रमुख नेताओं ने परिवार की महिलाओं को आगे किया है. इनमें पूर्व कार्यवाहक महापौर घनश्याम गुर्जर, पूर्व सभापति अजय अग्रवाल, पूर्व सभापति प्रत्याशी धीरज जैन, नेता प्रतिपक्ष रहे सतीश यादव और कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष योगेश मिश्रा समेत कई नेता शामिल हैं.
भाजपा-कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले- पार्टी में कोई बगावत नहीं: भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक गुप्ता ने कहा कि सभी 65 वार्डों के सिंबल जमा करा दिए हैं. कार्यकर्ताओं का अधिकार है टिकट मांगना, लेकिन टिकट एक को ही मिलता है. भाजपा अनुशासित कार्यकर्ताओं की पार्टी है, सभी घोषित प्रत्याशी के पक्ष में रहेंगे. मंडल अध्यक्षों के इस्तीफे की जानकारी नहीं है. मापदंड के आधार पर टिकट दिए गए हैं, कार्यकर्ता सर्वोपरि हैं.
वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश गंगावत ने कहा कि पर्यवेक्षकों, ब्लॉक अध्यक्षों की रिपोर्ट और इंटरनल सर्वे के आधार पर पारदर्शिता से टिकट दिए गए हैं. युवा और महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है. यदि किसी में असंतोष होगा तो मनाया जाएगा. यह परिवार का मामला है, बैठकर बात करेंगे. लिस्ट में जेन जी और महिलाएं बड़ी संख्या में हैं.

असमंजस में रहे दावेदार: दोनों दलों ने नामांकन समय खत्म होने तक सूची सार्वजनिक नहीं की, इसलिए दावेदार दोपहर तक असमंजस में रहे. 3 बजे से कुछ देर पहले सिंबल जमा हुए, उसके बाद सूची जारी हुई. इसलिए कई दावेदारों ने पार्टी के साथ ही निर्दलीय के रूप में भी नामांकन दाखिल कर दिया. सूची सार्वजनिक होने के बाद ही लोगों को वार्डों के प्रत्याशियों का पता चल पाया.

