बांके बिहारी मंदिर में खेली गई रंगभरी एकादशी होली, अयोध्या में संतों ने भी खेली अवधी हुडदंग

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 27, 2026 at 3:33 PM IST
|Updated : February 28, 2026 at 9:03 AM IST
मथुरा: ब्रज के सभी मंदिरों में ठाकुर जी को गुलाल और रंग लगाकर एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं दे रहे हैं तो वहीं दूर दराज से पहुंचे लाखों की संख्या में श्रद्धालु होली का आनंद ले रहे हैं. श्रद्दालुओं ने बांके बिहारी मंदिर श्री कृष्ण जन्म स्थान और द्वारकाधीश में होली का आनंद लिया.
मंदिरों में शुरू हुई रंगों की होली: रंग भरी एकादशी के दिन मंदिरों में आज से रंग गुलाल की भरपूर होली शुरू हो जाती है. होली के रंग में सराबोर श्रद्धालु नाचते हुए नजर आ रहे हैं ब्रज में होली का एक अनोखा आनंद महसूस किया जा सकता है क्योंकि जनपद में पूरे 40 दिनों तक खोली शुरू होती है बसंत पंचमी के दिन से होली प्रारंभ होती है और फागुन के आखिरी दिन होली का समापन हो जाता है दूर दराज से पहुंच रहे श्रद्धालु होली का आनंद ले रहे हैं.
बांके बिहारी मंदिर में होली: रंग भरी एकादशी के दिन मंदिरों में रंगों की होली शुरू हो जाती है वृंदावन के प्रसिद्ध श्री ठाकुर बांके बिहारी मंदिर राधा रमण राधा दामोदर मंदिरों में ठाकुर जी को रंग लगाने के साथ ही मंदिरों में रंग गुलाल उड़ाना शुरू हो जाता है होली का आनंद और ठाकुर जी के अद्भुत दर्शन पाकर श्रद्धालु अपने आप को धन्य महसूस पा रहे हैं आज बिरज में होली रे रसिया होली रे रसिया बिरज में होली रे रसिया बर जोड़ी रे रसिया इन्हीं गीतों के साथ श्रद्धालु मंदिर परिसर में नाच रहे हैं
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ब्रज में रंगभरी एकादशी पर खेली गयी होली, लाखों की तादाद में पहुंचे श्रद्धालु
मथुरा: भगवान श्री कृष्ण की नगरी में होली की जबरदस्त धूम देखने को मिल रही है. चारों तरफ होली के रंगों के बीच श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे की धुन पर थिरक रहे हैं. शुक्रवार को श्री कृष्ण जन्मस्थान मंदिर परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ होली का उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया. रंगभरी एकादशी के इस विशेष अवसर पर मंदिरों में गुलाल उड़ाया गया और देश-विदेश से श्रद्धालु ठाकुर जी के दर्शन के लिए उमड़ पड़े.
सांस्कृतिक कार्यक्रमों और नृत्य की शानदार प्रस्तुति: श्री कृष्ण जन्मस्थान मंदिर परिसर में रंगोत्सव के दौरान भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला. दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने मंदिर के प्रांगण में संगीत की लहरों के साथ होली का आनंद लिया. रसिया गीतों की मधुर तान पर महिलाओं ने जमकर नृत्य किया और उत्सव की रौनक बढ़ाई. केशव धाम वाटिका में कलाकारों द्वारा राधा-कृष्ण के स्वरूप में मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं.
विविध प्रकार की होली और धार्मिक परंपराएं: मंदिर परिसर में मयूर नृत्य, रसिया गायन के साथ-साथ फूलों, लड्डू और लट्ठमार होली का आयोजन हुआ. श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे पर रंग और गुलाल डालकर ब्रज की पारंपरिक होली का आनंद उठाया. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी 'रंगभरी एकादशी' के रूप में विख्यात है. इस दिन सभी मंदिरों में ठाकुर जी को गुलाल अर्पित कर एकादशी की शुभकामनाएं दी जाती हैं.
ब्रज के प्रमुख मंदिरों में उमड़ा जनसैलाब: ब्रज मंडल के मंदिरों में टेसू के फूलों और केसर से बने प्राकृतिक रंगों से होली खेलने की शुरुआत हो गई है. शुक्रवार को वृंदावन के बांके बिहारी, राधा रमण और मथुरा के द्वारकाधीश मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी रेला उमड़ा. श्री कृष्ण जन्मस्थान पर जहाँ एक लाख से अधिक लोगों ने हाजिरी लगाई, वहीं बांके बिहारी मंदिर में यह संख्या पांच लाख के पार पहुंच गई. रंगभरी एकादशी के इस पावन पर्व पर समूचा ब्रजमंडल भक्ति और रंगों के सराबोर नजर आया.

लोकगीत गाकर महिलाएं कर रहीं बाबा विश्वनाथ का ससुराल में स्वागत
वाराणसी: बनारस को अल्हड़पन का शहर कहा जाता है. यहां की हर परंपराओं में इसकी झलक देखने को मिलती है. ऐसे में बात यदि काशी के राजा बाबा विश्वनाथ के विवाह और गौने की हो तो इस अल्हड़पन की अपनी अलग तस्वीर होती है. हर कोई उनके उत्सव में लीन होता है. ऐसे में महिलाएं भी इससे पीछे नहीं है.
ऐसे में महिलाएं बाबा विश्वनाथ को लोकगीत गाकर ससुराल में उनका स्वागत कर रही है. बड़ी बात यह है कि यहां पर बाबा को गारी भी सुनाने की परंपरा है. महिलाओं का कहना है कि बाबा आज प्रभु नहीं बल्कि हमारे घर के दामाद के रूप में गौरा को लेने आए हैं, इसलिए इस तरीके से दामाद का स्वागत होता है.
रंगभरी एकादशी पर अयोध्या में संतों ने खेली अवध की हुडदंग, मंदिरों से निकले प्रभु और साधु संत
अयोध्या: राम नगरी अयोध्या के मंदिरों में रंगभरी एकादशी तिथि पर अवध के हुड़दंग होली का अलग ही नजारा रहा, बड़ी संख्या में नागा साधु और संतों की टोली मंदिर से निकलकर सड़कों पर रंग खेलते हुए, प्राचीन परंपराओं का निर्वाह कर पंचकोसी परिक्रमा किया. कुछ संतों की टोली भगवान के विग्रह के साथ होली खेलते हुए सरयू घाट पर यात्रा निकाली गई.
अयोध्या के हनुमानगढ़ी परिसर में रंगभरी एकादशी पर प्रसिद्ध सिद्ध पीठ में रंगो के बीच आस्था का ज्वार दिखा. धार्मिक नगरी अयोध्या की सड़कें अबीर और गुलाल से रंगी नजर आयीं. परम्परागत रूप से कड़ी सुरक्षा में प्रमुख सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के निशान को लेकर साधू संतों का जुलूस अयोध्या की सड़कों पर निकला, संतो ने ढोल की धुन पर जमकर नृत्य किया.

