यूपी में आफत की बारिश; प्रयागराज में गंगा-यमुना उफानाईं, चित्रकूट में बाढ़ से जूझ रहे लोग, गाजीपुर में फंसी 2 हजार भेड़ें

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 31, 2026 at 6:07 PM IST
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और नेपाल से छोड़े गए पानी के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है. वहीं, पिछले तीन-चार दिनों से हो रही भारी बरसात के कारण यूपी के कई जिलों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है. नदियों के करीब बने घर गिर रहें, लोग धीरे-धीरे गांवों से पलायन कर रहें.
LIVE FEED
गाजीपुर में बाढ़ के बीच फंसी 2000 भेड़ें, एसपी ने ड्रोन से तलाशा लोकेशन, 6 घंटे चला रेस्क्यू
गाजीपुर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बीच जमानियां क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाके में करीब 2000 भेड़ें और भेड़ पालक फंस गया. रात में परेशान भेड़ पालक ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई. सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ.
लोकेशन मिलने के बाद NDRF, SDRF, नाविक और गोताखोरों की चार टीमों को रेस्क्यू अभियान में लगाया गया. एसपी डॉ. ईरज राजा ने रेस्क्यू की पुष्टि करते हुए बताया कि बाढ़ के पानी में फंसी लगभग 2 हजार भेड़ों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है. गंगा का जलस्तर बढ़ने से जिले में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है, बाढ़ चौकियों और आश्रय स्थलों के साथ प्रभावित लोगों के लिए भोजन-पानी और पशुओं के चारे की व्यवस्था भी की जा रही है.
चित्रकूट के मंदाकिनी नदी में दोबारा जलस्तर बढ़ा; निरीक्षण पर पहुंचे जिला अधिकारी ने बाढ़ पीड़ित तो को बांटी रसद सामग्री
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में बीती रात हुई बारिश के बाद जल स्तर बढ़ने पर निरीक्षण पर पहुंचे जिला अधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की, उन्हें खाने का सामान भी वितरित किया. जिला अधिकारी ने बताया कि 2 दिन पूर्व मंदाकिनी नदी में भीषण बाढ़ आ गई थी, जिसके बाद रविवार को जल स्तर घटने लगा था और फिर दोबारा रात में हुई बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जल स्तर खतरे के निशान से 3 मीटर ऊपर बढ़ गया था. उन्होंने बताया कि चित्रकूट कर्वी के चंद्रकांता मॉल के मालिक विवेक असवानी ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए प्रशासन को 1 लाख की आर्थिक मदद की है.
प्रयागराज में गंगा-यमुना उफान पर, टोंस-बेलन कछार में 'रेड अलर्ट'
प्रयागराज: संगम नगरी में पिछले दो दिनों से गंगा, यमुना और उनकी सहायक नदियों के जलस्तर में तेज बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है. विभिन्न बैराजों और बांधों से भारी मात्रा में छोड़े जा रहे पानी के चलते टोंस नदी खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गई है, जिसके चलते टोंस और बेलन नदी के कछारी इलाकों में प्रशासन ने 'रेड अलर्ट' घोषित कर दिया है. बाढ़ की स्थिति और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर प्रयागराज के जिलाधिकारी ने ग्राउंड जीरो पर मुआयना करते हुए कहा कि "गंगा और यमुना दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, लेकिन कोई भी आबादी अभी प्रभावित नहीं है. एहतियातन हमने सभी राहत शिविर एक्टिव कर दिए हैं और NDRF की टीमें भी लगातार संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं.

