झारखंड विधानसभा में 1,58,560 करोड़ का बजट पेश, सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित

Published : February 24, 2026 at 10:58 AM IST
|Updated : February 24, 2026 at 2:13 PM IST
रांची: झारखंड विधानसभा में मंगलवार को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बजट पेश किया. वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर बजट की कॉपी राज्यपाल को सौंपने के बाद विधानसभा पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया के समक्ष बजट से भरी हरे रंग की थैली दिखाकर इसमें बहुत कुछ खास होने के संकेत दिए. उन्होंने कहा कि यह बजट झारखंड की जनता के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.
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झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय का होगा निर्माण
वित्त मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में धनबाद में दो, पलामू , लातेहार और गढ़वा में एक-एक यानी कुल पांच झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय के निर्माण की घोषणा की है. साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 में 100 नए उत्कृष्ट विद्यालय के संचालन का लक्ष्य रखा गया है.
पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद के लिए भी करोड़ों का बजट
पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के लिए 361 करोड़ 67 लाख का प्रावधान है जबकि गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के लिए 11,038 करोड़ 53 लाख रुपए, वित्तीय वर्ष 2022-23 में हमर अपन बजट, वित्तीय वर्ष 2023- 24 और 2024-25 में हमीन कर बजट, 2025-26 में अबुआ बजट और वित्तीय वर्ष 2026-27 में अबुआ दिशोम बजट रखा गया.
ग्रामीण कार्य के लिए 5081 करोड़ से अधिक का बजट
ग्रामीण कार्य के लिए 5081 करोड़ 74 लाख का प्रावधान, इसके अतिरिक्त ऊर्जा विभाग के लिए 11,197 करोड़ 89 लाख का प्रावधान और नगर विकास एवं आवास विभाग के लिए 3919 करोड़ 40 लाख का प्रावधान रखा गया है.
पथ निर्माण विभाग के लिए 6601 करोड़ 28 लाख रुपए का प्रावधान
अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के लिए 3568.19 करोड़ का प्रावधान रखा गया है. पथ निर्माण विभाग के लिए 6601 करोड़ 28 लाख रुपए का प्रावधान है.
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के लिए 5194.53 करोड़ का बजट रखा गया है
शिक्षा परिक्षेत्र के लिए 16,251.43 करोड़, स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 7990.30 करोड़. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के लिए 5194.53 करोड़, बजट भाषण संपन्न सभा की कार्यवाही कल 11:00 तक के लिए स्थगित.
कुरुक्षेत्र के लिए 59,044.63 करोड़ का प्रावधान
सामान्य प्रक्षेत्र के लिए 32,055.83 करोड़, सामाजिक कुरुक्षेत्र के लिए 67,459.54 करोड़ और आर्थिक कुरुक्षेत्र के लिए 59,044.63 करोड़ का प्रावधान है.
अपने कर राजस्व से 46,000 करोड़, गैर कर राजस्व से 20,700 करोड़, केंद्रीय सहायता से 18,273.66 करोड़, केंद्रीय करों में राज्य के हिस्सेदारी के रूप में 51,236.38 करोड़, लोक ऋण से 2249.96 करोड़ का अनुमान.
राजस्व आय 66700 करोड़ रहने का अनुमान
वित्तीय वर्ष 2026-27 में राजस्व आय 66700 करोड़ रहने का अनुमान. स्थापना एवं योजना व्यय का अनुपात 36:64 प्रस्तावित है. सिंकिंग फंड में इस वर्ष 654 करोड़ के दोबारा निवेश का प्रस्ताव है. वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 9% ज्यादा है. राजस्व व्यय के लिए 1 लाख 20 हजार 851.90 करोड़ का प्रस्ताव.
विकास दर 6.90% रहने का अनुमान है
केंद्रांश मद में 18,273 करोड़ का प्रावधान है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2011-12 के कांस्टेंट प्राइस पर आर्थिक विकास दर 6.90% रहने का अनुमान है, राजकोषीय घाटे को कम से कम स्तर पर रखने का है लक्ष्य.
1,58,560 करोड़ का बजट सभा पटल पर वित्त मंत्री ने रखा
वित्त मंत्री ने 1,58,560 करोड़ का बजट सभा पटल पर रखा, कहा गरीबों का दुख दूर करना सरकार का नैतिक कर्तव्य है. उन्होंने कहा गरीबों के आंसू पूछने वाला और झारखंड वासियों के चेहरे पर खुशी लाने वाला यह बजट होगा. कहा मेरे संसदीय जीवन का दूसरा अवसर जब मैं बजट पेश कर रहा हूं. वित्त मंत्री ने कहा कि कोई भी राज्य सरकार केंद्रीय सहायता के बिना अपेक्षित विकास का लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सकती. प्रतिपक्ष के सहयोगी भी मानते हैं कि केंद्र सरकार झारखंड के साथ अपेक्षित सहयोग नहीं कर रही है. अगर ऐसा होता तो प्रतिपक्ष जरूर राज्यपाल के अभिभाषण पर कटौती प्रस्ताव देता.
राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि बाल बजट तैयार करने के लिए स्कूली बच्चों के साथ-साथ संबंधित वर्गों का सुझाव लिया गया. इस बजट को वित्त मंत्री ने अबुआ दिशोम बजट नाम दिया. झारखंड के विकास के लिए केंद्र सरकार का सहयोग जरूरी है. केंद्रीय करों में झारखंड के हिस्सेदारी के लिए अभी तक 5000 करोड़ रुपए प्राप्त नहीं हुए हैं.केंद्र के गलत निर्णय के कारण झारखंड पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है. जीएसटी की वजह से झारखंड को हर साल 4000 करोड़ का नुकसान हो रहा है.
वित्त मंत्री ने कहा कि वीभी राम जी योजना की वजह से झारखंड को हर साल 5640 करोड़ का नुकसान होगा. झारखंड सरकार अपनी संसाधनों से जरूरतें पूरा कर रही हैं. किसी के एक माह का भी वेतन नहीं रुका है. आज भी राजकोष में 78000 करोड़ रुपया है उपलब्ध. राजस्व बढ़ाने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं
वित्त मंत्री का संबोधन
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर बजट पेश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह अवसर देने के लिय मैं आभारी हूं. इस अवसर पर मैं स्वर्गीय शीबू सोरेन को याद करता हू. कहा मैं सबका और हेमंत सोरेन का भी आभारी हूं कि उन्होंने यह अवसर दिया.
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर
वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर बजट की कॉपी राज्यपाल को सौंपने के बाद विधानसभा पहुंचे जहां उन्होंने मीडिया के समक्ष बजट से भरी हरे रंग की थैली दिखाकर इसमें बहुत कुछ खास होने के संकेत दिए. पत्रकारों द्वारा पूछेजाने पर अन्होंने कहा कि सब कुछ एक घंटे में मालूम हो जाएगा.

