खामेनेई की मौत पर गम-गुस्सा; लखनऊ में तीन दिन के लिए बंद हुए ऐतिहासिक इमामबाड़े, अलीगढ़ में कैंडल मार्च

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 2, 2026 at 1:57 PM IST
|Updated : March 2, 2026 at 5:09 PM IST
लखनऊ : अमेरिकी-इजरायल हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत से शिया समुदाय में गुस्सा और मातम है. लखनऊ, अलीगढ़ समेत तमाम शहरों में समुदाय के लोगों ने शोक जताया है. लखनऊ में शिया समुदाय की ओर से तीन दिन के शोक का ऐलान किया गया है. इसके साथ ही प्रदर्शन भी किया. अलीगढ़ में कैंडल मार्च निकाला गया.
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रायबरेली में शिया समुदाय ने निकाला जुलूस, नारेबाजी
रायबरेली में शहर कोतवाली इलाके के गुलाब रोड पर शिया समुदाय के लोगों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन किया. कहा कि धर्म गुरु धोखे से कत्ल किया गया है. मौलाना कम्बर ने कहा कि अमेरिका-इजरायल ने कायरता का परिचय दिया है. हमारे धर्मगुरु की जो शहादत हुई है, उसी के शोक में जुलूस निकाला गया है. जुलूस में भारी तादाद में महिलाओं व बच्चों ने भी हिस्सा लिया.
अयोध्या में शिया समुदाय का प्रदर्शन
अयोध्या में शिया समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में सड़क पर उतरकर जुलूस निकाला. इमामबाड़ा से शुरू हुआ यह जुलूस चौक घंटाघर होते हुए वापस इमामबाड़ा परिसर पहुंचा. जुलूस के दौरान लोगों ने काले झंडे और तिरंगा लेकर प्रदर्शन किया. गमगीन माहौल में शिया समुदाय के लोगों ने कहा कि हमारे लिए यह बहुत दुख की घड़ी है. जुलूस को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए थे.

काशी में किया गया शांति पाठ
काशी में सोमवार को इजरायल और ईरान युद्ध जल्द से जल्द समाप्त हो, वहां से भारतवासी सकुशल देश वापसी कर पाएं, इसके लिए काशी के इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर काली अवेयरनेस के अध्यक्ष पंडित हरेंद्र उपाध्याय के नेतृत्व में शांति पाठ किया गया. पूजन में ब्राह्मणों ने पूरे विधि विधान से पूजा की. पंडित हरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि आज जिस तरह के हालात इजरायल और ईरान में हैं, वाकई सही नहीं हैं.

एएमयू में नमाज़-ए-जनाज़ा के बाद कैंडल मार्च
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी परिसर में खामेनेई की स्मृति में देर शाम नमाज़-ए-जनाज़ा अदा की गई. इसके बाद छात्रों और समुदाय के लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर शोक व्यक्त किया. यह मार्च विश्वविद्यालय की जामा मस्जिद से शुरू होकर बाब-ए-सैयद गेट तक गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, छात्राएं, महिलाएं शामिल हुईं. नमाज़-ए-जनाज़ा जामा मस्जिद में अदा की गई. आयोजन में मौजूद लोगों ने खामेनेई को एक धार्मिक मार्गदर्शक और विचारधारा के प्रतीक के रूप में याद किया. नमाज़ के बाद कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें शामिल लोग शांतिपूर्वक हाथों में मोमबत्तियां लिए आगे बढ़ते रहे. मार्च के दौरान सुरक्षा के भी इंतजाम रहे. अंजुमन तनजीमूल अजा कमेटी के सचिव सैयद नादिर अब्बास नकवी ने 40 दिन के शोक की घोषणा की है. इस अवधि के दौरान शहर में शिया समुदाय से जुड़े लोग घरों पर काले झंडे लगाएंगे. साथ ही विभिन्न स्थानों पर मजलिस और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाएंगी.
समुदाय के लोगों ने इसे बड़ा नुकसान बताया. कहा कि वे खामेनेई को धार्मिक नेतृत्व और मार्गदर्शन के स्रोत के रूप में देखते थे.
पुराने लखनऊ में गहरा शोक, 3 मार्च तक बंद रहेंगी ऐतिहासिक इमारतें
पुराने लखनऊ में गहरा शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है. नखास, चौक, घंटाघर और छोटा इमामबाड़ा क्षेत्र के व्यापारी अपनी दुकानें बंद रखे हुए हैं. शिया समुदाय की ओर से तीन दिन के शोक का ऐलान किया गया है, जिसके चलते बाजार बंद हैं. घंटाघर क्षेत्र में जबरदस्त धरना-प्रदर्शन और विरोध मार्च देखने को मिला. प्रदर्शनकारियों ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी की. इस बीच बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा, रूमी दरवाज़ा, पिक्चर गैलरी और नौबतखाना को 3 मार्च तक पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है. यह निर्णय हुसैनाबाद ट्रस्ट की ओर से लिया गया है. हुसैनाबाद ट्रस्ट के इंचार्ज हबीबुल हसन ने ईटीवी भारत से बातचीत में बताया कि एहतियातन तीन दिन तक इन ऐतिहासिक इमारतों को बंद रखने का फैसला किया गया है. उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है. हालांकि कोई लिखित सर्कुलर जारी नहीं किया गया है, लेकिन मौखिक आदेश पर ही अमल किया जा रहा है.

