Himachal Panchayat Election Results: 'कांग्रेस सरकार की उल्टी गिनती शुरू, चुनाव परिणाम के झूठे आंकड़े पेश कर रहे सीएम'

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : May 26, 2026 at 3:20 PM IST
|Updated : May 27, 2026 at 7:26 PM IST
हिमाचल प्रदेश के पंचायत चुनाव के पहले चरण के दिलचस्प नतीजे सामने आ रहे हैं. कहीं ससुर बहू की जोड़ी प्रधान-उपप्रधान बनी तो कहीं जिला परिषद चुनाव जीतने वाली पार्टी की नेता प्रधान का चुनाव हार गई
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हिमाचल प्रदेश के पंचायत चुनाव के पहले चरण के दिलचस्प नतीजे सामने आ रहे हैं. कहीं ससुर बहू की जोड़ी प्रधान-उपप्रधान बनी तो कहीं जिला परिषद चुनाव जीतने वाली पार्टी की नेता प्रधान का चुनाव हार गई
पंचायत चुनाव नजीतों को लेकर जयराम ने सरकार को घेरा
पंचायत चुनाव को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सत्ता के इस सेमीफाइनल में जिस प्रकार से जनता ने भाजपा के पक्ष में जनसमर्थन और विश्वास दिखाया है, उससे कांग्रेस सरकार की उल्टी गिनती शुरू. मुख्यमंत्री ने स्थानीय निकाय चुनाव के परिणाम निकलते ही झूठे आंकड़े पेश कर पंचायत चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास किया, लेकिन प्रथम चरण चुनाव में ही उन्हें निराशा मिली. आनन-फानन में आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन कर बिना चुनाव आयोग को सूचित किए कैबिनेट की बैठक कर लोकलुभावन फैसले लेकर लोगों को लुभाने का प्रयास किया, लेकिन नहीं मिली सफलता.
ससुर-बहू की जोड़ी बनी प्रधान-उपप्रधान
पंचायत चुनाव में एक बहुत ही दिलचस्प नतीजा मंडी जिले से आया है. जहां 90 साल के शंकर सिंह चौथी बार प्रधान बने हैं. जबकि उनकी बहू नीलम दूसरी बार प्रधान बनी है. अब ससुर और बहू की ये जोड़ी ग्राम पंचायत की कमान संभालेगी. ये दिलचस्प चुनाव परिणाम सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र की चनोल ग्राम पंचायत में आया है. इस नतीजे को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है.
90 बसंत देख चुके शंकर सिंह सामाजिक कार्यकर्ता और कांग्रेस पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता हैं. उन्होंने एक बार फिर पंचायत की जनता का भरोसा जीतते हुए उपप्रधान पद पर शानदार जीत दर्ज की है। खास बात यह रही कि शंकर सिंह लगातार चौथी बार उप-प्रधान चुने गए हैं, जिससे उनकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है. उन्होंने अपने विरोधी को 172 मतों के अंतर से हराया.
वहीं शंकर सिंह की बहू नीलम ने भी प्रधान पद पर शानदार जीत दर्ज हासिल की है. ये दूसरी बार है जब पंचायत की जनता ने उन्हें कमान सौंपी है. चुनाव नतीजों के बाद से ही घर में बधाइयां देने के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है.
ग्रामीणों ने बताया कि शंकर सिंह लंबे समय से लोगों के सुख - दुख में साथ खड़े रहे हैं और उन्होंने पंचायत स्तर पर कई विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई है. जनती की समस्याओं को प्राथमिकता देने की वजह से ही जनता ने उन्हें फिर से जीत का ताज पहनाया है. ग्राम पंचायत चनोल के लोगों ने प्रधान नीलम कुमारी से भी उम्मीदें लगाई हैं. पंचायत के विकास, जनसमस्याओं के समाधान और ग्रामीण हितों को प्राथमिकता देने की उम्मीद पर ही उन्हें दूसरी बार प्रधान चुना गया है.
'बीजेपी नेता की कार पर चिपकाई गोली मारने की धमकी'
हिमाचल प्रदेश में इन दिनों पंचायत चुनाव का शोर हैं. दो चरण का मतदान हो चुका है और पहले चरण के नतीजों के बाद आज दूसरे चरण के नतीजे भी आने वाले हैं. लेकिन इस बीच इन चुनावों में धांधली, गुंडागर्दी के आरोप लग रहे हैं. बीजेपी विधायक सतपाल सत्ती ने तो भाजपा नेता को गोली मारने की धमकी देने का आरोप लगा दिया है. साथ ही उन्होंने चुनाव के दौरान लोगों को डरा धमकाकर वोट हासिल करने की कोशिश का आरोप भी लगाया है.
ऊना विधानसभा के मंडल अध्यक्ष रविंद्र कौशल के गांव में उनकी गाड़ी के ऊपर एक चिट्ठी चिपकाई गई थी. जिस पर लिखा था कि 28 तारीख को हम आपको देख लेंगे और गोली तेरा इंतजार कर रही है.- सतपाल सत्ती, बीजेपी विधायक
सतपाल सिंह सत्ती ने पंचायती राज चुनावों के दौरान बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने दावा किया कि ऊना के भाजपा मंडल अध्यक्ष दविंदर कौशल को अज्ञात लोगों द्वारा गोली मारने की धमकी दी गई है. इतना ही नहीं, धमकी भरा पत्र उनकी गाड़ी पर रखकर भय और दहशत का माहौल बनाने का प्रयास किया गया और यह मामला जिला में लगातार कमजोर होती कानून-व्यवस्था का बड़ा उदाहरण है. उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत चुनावों में कांग्रेस समर्थित लोग धनबल, बाहुबल और सत्ता के दबाव का इस्तेमाल कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने में जुटे हैं. पंचायतों में मतदाताओं को डराने-धमकाने, बाहरी लोगों और बाउंसरों के माध्यम से दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, जबकि प्रशासन निष्क्रिय बना हुआ है.
उन्होंने कहा कि बनगढ़ पंचायत में चुनाव के दौरान अफरा-तफरी का माहौल रहा और मारपीट में बच्चे भी घायल हुए। वहीं सोहारी पंचायत में प्रधान पद की महिला प्रत्याशी और उसके भाई पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें गंभीर रूप से घायल व्यक्ति का उपचार पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा है। सत्ती ने आरोप लगाया कि चुनावों में बाहरी लोगों और बाउंसरों का इस्तेमाल कर मतदाताओं में भय का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से चुनावों में हिंसा, धमकी और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही दावा किया कि पहले चरण में 85 पंचायतों में से 55 पंचायतों में भाजपा समर्थित उम्मीदवार प्रधान और उपप्रधान पदों पर विजयी रहे हैं.
ग्राम पंचायत चुनाव के दौरान पैसे और सरकार की धौंस दिखाकर जनता को डराने धमकाने की कोशिश कर रहे ताकि अपने पक्ष में वोट डलवाए जा सकें. प्रशासन से अपील है कि ऐसे लोगों के तानाशाही रवैये के खिलाफ एक्शन होना चाहिए.- सतपाल सत्ती, बीजेपी विधायक

'रिटायर्ड फौजी को धांधली करके कांग्रेस ने चुनाव हरवाया'
ऊना जिले की बनगढ़ पंचायत में मतगणना को लेकर भाजपा विधायक सतपाल सत्ती ने संगीन आरोप लगाए हैं. दरअसल पंचायत में भाजपा समर्थित प्रत्याशी के चुनाव हारने के बाद मतगणना में धांधली का आरोप लगाया गया है. वोट रद्द करके परिणाम बदलने का आरोप लगाने के साथ साथ चुनाव कार्य में लगे कर्मचारियों पर भी सवाल उठाया गया है.
सतपाल सत्ती ने कहा कि बनगढ़ पंचायत में कुछ लोगों को लग रहा था कि नतीजा उनके पक्ष में होगा क्योंकि पैसे की धमक, गुंडागर्दी और सरकार की ताकत है उनके साथ लेकिन जब नतीजा आया तो 47 वोट से हार गए. जिसके बाद वहां लाइट चली गई, भगदड़ भी मच गई और तीन बार रीकाउंटिंग हुई और फिर 37 वोट कैंसिल किए गए और उम्मीदवार को 22 वोट से हरा दिया गया. इसे लेकर हम दोबारा काउंटिंग करवाने को लेकर कोर्ट में भी जाएंगे और जो कर्मचारी जेब में मुहर लेकर गया था उसके खिलाफ एक्शन की मांग की गई है. हमने एसडीएम से अपील की है कि वो वीडियो देखें और ऐसे कर्मचारी को सस्पेंड करे.
क्या है बनगढ़ पंचायत का पूरा मामला ?
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में पंचायत चुनाव के नतीजों में धांधली का आरोप लगा है. यहां बनगढ़ पंचायत में प्रधान पद का चुनाव हारे प्रत्याशी ने चुना ड्यूटी पर तैनात टीम पर संगीन आरोप लगाए हैं. जिसके बाद विधायक सतपाल सत्ती की अगुवाई में हारे हुए प्रत्याशी और अन्य लोग एसडीएम कार्यालय पहुंचे.
पंचायत प्रधान पद के चुनाव में हार का सामना करने वाले प्रत्याशी देवेंद्र सिंह ने चुनाव प्रक्रिया में धांधली और प्रशासनिक मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं. बुधवार को विधायक सतपाल सिंह सत्ती के नेतृत्व में देवेंद्र सिंह अपने समर्थकों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे थे. जहां उन्होंने प्रशासन के समक्ष लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है. गौरतलब है कि यहां पंचायत चुनाव के पहले चरण में 26 मई को वोटिंग हुई थी.
क्या आरोप लगाए गए ?
प्रधान पद का चुनाव हारने वाले प्रत्याशी का आरोप है कि मतगणना के दौरान चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों द्वारा नियमों की अनदेखी की गई और परिणामों को प्रभावित करने का प्रयास हुआ.
काउंटिंग के दौरान धांधली हुई है और मुझे 22 वोट से हराया गया है. एसडीएम और डीसी ऊना से निष्पक्ष जांच की मांग करता हूं. वीडियो निकालकर जंच होनी चाहिए. काउंटिंग के दौरान मैं वहां पहुंचा तो उप प्रधान का पोलिंग एजेंट मौके पर था जो वहां नहीं होना चाहिए था. वहीं एक पोलिंग स्टाफ के पास एक स्टैंप भी था जो कि लागू नहीं होनी चाहिए. सवाल है कि उन्होंने वो स्टैंप क्यों रखी थी इसकी जांच होनी चाहिए. मुझे मिले 36 वोट रिजेक्ट किए हैं, इसकी जांच होनी चाहिए. - देवेंद्र सिंह, प्रधान पद के उम्मीदवार
देवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि मतगणना प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं थी और चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में रही. उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिस मोहर का उपयोग समाप्त हो जाना चाहिए था, उसे एक अधिकारी मतगणना स्थल पर लेकर घूमता रहा. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले चरण की गिनती में वह जीत की स्थिति में थे, लेकिन बाद में अचानक परिणाम बदल दिए गए और उन्हें पराजित घोषित कर दिया गया.
प्रशासन ने क्या कहा ?
उधर, शिकायत मिलने के बाद एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल ने मामले की जांच का भरोसा दिया है. उन्होंने कहा कि इस मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। इस जांच की रिपोर्ट को जल्द ही उपायुक्त को सौंप दी जाएगी. इसके बाद आगामी कार्रवाई उन्हीं के स्तर पर होगी.
सिर्फ 6 वोट पड़े
हिमाचल पंचायत चुनाव के पहले चरण में कुछ दिलचस्प नतीजे आ रहे हैं तो कुछ जगह से चौंकाने वाली खबरें भी आ रही है. इसी तरह का एक मामला बिलासपुर जिले के झंडूता उपमंडल से सामने आया है. जहां ग्राम पंचायत भडोलीकलां के वार्ड नम्बर एक भड़ोली खुर्द में पक्की सड़क सुविधा को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा पंचायत चुनावों में साफ देखने को मिला और ग्रामीणों द्वारा चुनाव बहिष्कार कर दिया. जिसका असर वोटिंग पर साफ देखा गया
सिर्फ 6 वोट पड़े
झंडूता उपमंडल की ग्राम पंचायत भडोलीकलां में पहले चरण के दौरान 26 मई को मतदान हुआ था. यहां वार्ड नम्बर एक भड़ोली खुर्द में पक्की सड़क सुविधा को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा पंचायत चुनावों में ऐसा दिखा कि इस वार्ड में सिर्फ 6 लोगों ने वोट डाला. इस वार्ड में कुल 242 वोट हैं लेकिन मतपेटी में सिर्फ 6 वोट ही पड़े.
क्यों फूटा लोगों का गुस्सा ?
स्थानीय निवासी विक्रम ने कहा कि गांव की सड़क 30 से 35 साल से बनी हुई है लेकिन आज तक पक्का नहीं हुआ. जिसके कारण स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने तक में दिक्कत आती है. अधिकारियों से पत्र व्यवहार करने के बाद भी कोई विश्वास नहीं मिला इसलिये पूरे वार्ड के लोगों ने फैसला लिया कि आने वाले किसी भी चुनाव में तब तक वोट नहीं देंगे जब तक हमारी समस्या का समाधान नहीं होगा
राकेश कुमार ने बताया कि हमारी सबसे बड़ी समस्या सड़क की है. पंचायत से लेकर विधायक और सांसदों तक ने जुमलेबाजी की. वादे किए लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं दिखा. 2014 मे स्थानीय सांसद आए थे और कहा था कि जब तक रोड काली नहीं हो जाती तब तक नहीं आएंगे उसके बाद से सांसद नहीं आए क्योंकि रोड काली नहीं हुई
प्रशासन ने क्या कहा
वहीं झंडूता विकास खण्ड अधिकारी संजीव पुरी ने बताया कि भड़ोली खुर्द में केवल 6 वोट पड़ने की रिपोर्ट उपायुक्त बिलासपुर को भेज दी गई है और उपायुक्त द्वारा इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसे प्रशासन को भेज दिया गया है.
जिला परिषद सदस्य को प्रधानी के चुनाव में सिर्फ 222 वोट
हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव के पहले चरण के चुनाव नतीजों में कई दिलचस्प परिणाम भी नजर आ रहे हैं. इसी कड़ी में बीजेपी नेता और पूर्व जिला परिषद सदस्य द्रोपती उर्फ रजनी ठाकुर की करारी हार हुई है. मंडी जिले के सराज की काण्डा बगस्याड पंचायत में एक बड़ा उलटफेर हुआ है जिसकी स्थानीय सियासत के गलियारों और गांव की चौपालों में खूब चर्चा हो रही हैय
पूर्व जिला परिषद सदस्य और भाजपा की नेत्री द्रोपती देवी उर्फ रजनी ठाकुर ने इस बार प्रधान का चुनाव लड़ा था. अपनी ही पंचायत में उन्हें सिर्फ 222 वोट मिल पाए जबकि प्रधान पद पर जीत हासिल करने वाली दमयंती को 803 मत मिले. इस तरह उन्होंन बीजेपी नेता को 581 मतों से हराया.
गौरतलब है कि पिछले जिला परिषद चुनाव में 10476 हजार से ज्यादा वोट लेकर रजनी ठाकुर ने बंपर जीत हासलि की थी. लेकिन इस बार वो अपनी ही पंचायत में जनता का भरोसा नहीं जीत पाईं.
कौन हैं रजनी ठाकुर ?
रजनी ठाकुर सराज भाजपा में कद्दावर नेत्री में से एक है. भाजपा की पूर्व सरकार में उन्हें कॉपरेटिव बैंक का निदेशक बनाया गया था लेकिन इस बार उन्हें अपनी पंचायत में सिर्फ 222 मत मिलना सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही है.
स्थानीय लोगों के मुताबिक इस बार पंचायत चुनाव में अंदरूनी नाराजगी, गुटबाजी और गांव स्तर पर बढ़ते विरोध ने पूरी बाजी पलट दी और जीत के दावे कर रहे समर्थकों को नतीजों के बाद निराशा और झटका लगा है.
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पंचायत चुनाव में गांव की जनता ने साफ संदेश दे दिया है कि गांव की राजनीति में बड़े नाम और पुराने रिकॉर्ड हमेशा जीत की गारंटी नहीं होते. जनता अब सीधे स्थानीय कामकाज और जमीनी पकड़ पर फैसला सुना रही है.
पहली बार में ही अभिषेक ठाकुर ने जीता पंचायत प्रधान का चुनाव
बिलासपुर जिला की धार टटोह पंचायत प्रधान चुनाव में युवा उम्मीदवार अभिषेक ठाकुर ने पहली बार में ही शानदार जीत हासिल कर राजनीतिक हलकों में अपनी मजबूत पहचान बना ली है. पंचायत चुनाव में अभिषेक ठाकुर को भारी जनसमर्थन मिला. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों को बड़े अंतर से हराया. चुनाव परिणामों के अनुसार अभिषेक ठाकुर को कुल 930 मत प्राप्त हुए. जबकि अमरनाथ को 236 और दलेल सिंह को 291 वोट मिले. इस तरह अभिषेक ठाकुर ने कुल 639 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज कर पंचायत में नया इतिहास रच दिया.
जीत के बाद अभिषेक ठाकुर ने पंचायत की जनता का आभार जताते हुए कहा कि यह जीत पूरे क्षेत्र की जनता और युवाओं की जीत है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंचायत के विकास, युवाओं के हित और जनसमस्याओं के समाधान के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य करेंगे.

जागृति शर्मा दूसरी बार बनीं प्रधान
हिमाचल पंचायत चुनाव के पहले चरण में खारसी पंचायत से जागृति शर्मा दूसरी बार बनीं प्रधान. उन्होंने अपनी जीत के लिए जनता का आभार जताया. समर्थकों ने खुशी जताते हुए जागृति शर्मा को बधाई दी.
गौरतलब है कि ग्राम पंचायत खारसी में प्रधान पद के लिए हुए चुनाव में तीन महिला उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ. इस मुकाबले में एडवोकेट जागृति शर्मा ने शानदार जीत दर्ज करते हुए लगातार दूसरी बार प्रधान बनने का गौरव हासिल किया. चुनाव में जागृति शर्मा को 876 वोट मिले, रक्षा देवी को 481 वोट और मीना देवी के पक्ष में 352 मत पड़े.
जागृति शर्मा पेशे से एडवोकेट हैं. अपने पिछले कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों के दम पर उन्होंने दोबारा जनता का विश्वास हासिल किया है. जीत के बाद जागृति शर्मा ने पंचायतवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह सभी को साथ लेकर पंचायत के विकास को नई गति देंगी और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगी.

फिर से होगी वोटिंग
हिमाचल प्रदेश के रामपुर बुशहर स्थित ग्राम पंचायत नरैण के वार्ड नंबर-1 ब्रांदली-1 में फिर से मतदान होगा. दरअसल यहां 26 मई को पहले चरण में मतदान हुआ था. लेकिन पंचायत चुनाव के दौरान सामने आए मतदान विवाद के बाद अब राज्य निर्वाचन आयोग ने पूरी चुनाव प्रक्रिया रद्द कर दी है. आयोग की सख्ती के बाद जिला प्रशासन ने 30 मई को पुनर्मतदान करवाने की नई अधिसूचना जारी कर दी है. बताया जा रहा है कि 26 मई को मतदान के दौरान पोलिंग बूथ में NOTA स्टैंप के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया था. मामला बढ़ने पर प्रशासन ने मौके पर ही मतदान प्रक्रिया रोक दी थी और पूरी रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी गई। जांच के बाद आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को निरस्त करते हुए दोबारा मतदान करवाने का निर्णय लिया.
जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम 1994 के नियम-33 के तहत नया चुनाव कार्यक्रम लागू किया गया है। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इस फैसले के बाद ब्रांदली वार्ड में एक बार फिर चुनावी माहौल गर्म हो गया है। ग्रामीणों के बीच पुनर्मतदान को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है, वहीं प्रशासन भी इस बार किसी प्रकार की चूक न हो इसके लिए अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। जिला प्रशासन ने मतदाताओं तक सूचना पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश जारी किए हैं ताकि सभी मतदाता 30 मई को होने वाले पुनर्मतदान में भाग ले सकें.

शिमला जिले की लिस्ट
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के पहले चरण का मतदान 26 मई को हुआ उसके बाद मतगणना के बाद नतीजे आ गए हैं. शिमला जिले में पहले चरण के चुनाव के बाद निर्वाचित प्रधान और उप-प्रधान की सूची आप यहां पर देख सकते हैं.
'भाजपा की ऐतिहासिक जीत, कांग्रेस की करारी हार'
पंचायत चुनाव के पहले चरण में हुए मतदान और फिर आए नतीजों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने जीत का दावा किया है. जयराम ठाकुर ने सराज की 28 पंचायत में से 25 में भाजपा के उम्मीदवारों की जीत का दावा किया है. गौरतलब है कि जयराम ठाकुर मंडी जिले की सराज सीट से ही छठी बार विधायक बने हैं. पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पंचायत चुनाव के पहले चरण में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत और कांग्रेस की करारी हार बताया है. पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष ने कहा, चुनाव के पहले ही चरण में प्रदेश की लगभग 75 प्रतिशत पंचायतों में भाजपा समर्थित प्रधान और उपप्रधान प्रत्याशियों ने की ऐतिहासिक जीत दर्ज की है.
जनता अब इस सच्चाई को अच्छी तरह समझ चुकी है कि यदि गांव और क्षेत्र का वास्तविक विकास करना है तो भाजपा के साथ ही आगे बढ़ना होगा. पहले चरण में 75% पंचायतों में भाजपा समर्थित उममीदवारों ने जीत हासिल की है. - जयराम ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष
दरअसल 26 मई को हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव का पहला चरण हुआ. वोटिंग के बाद मतगणना हुई और नतीजे भी आ चुके हैं. जिन्हें लेकर जयराम ठाकुर ने दावा किया है कि प्रथम चरण में जनता ने कांग्रेस की जनविरोधी नीतियों को नकारते हुए भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में एकतरफा और प्रचंड जनादेश सुना दिया है. इस चुनाव के पहले ही चरण में प्रदेश की लगभग 75 प्रतिशत पंचायतों में भाजपा समर्थित प्रधान और उपप्रधान प्रत्याशियों ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, जिसने यह साफ कर दिया है कि प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में राष्ट्रवाद और विकास की एक नई लहर चल रही है और कांग्रेस का गांव-गांव से सफाया शुरू हो चुका है.
'सराज में बंपर जीत मिली है'
जयराम ठाकुर ने कहा कि सराज में भाजपा ने प्रथम चरण में अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए क्षेत्र की 28 पंचायतों में से 25 पर अपना परचम लहराया है, जबकि कांग्रेस को महज दो जगह पर ही संतोष करना पड़ा है। सराज की जनता के इस प्रचंड समर्थन और आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि कई बार प्राकृतिक आपदा का दंश झेल चुके सराज क्षेत्र को सभी नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ मिलकर फिर से मजबूती के साथ खड़ा किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश की जनता को इस शानदार जनादेश के लिए धन्यवाद दिया और वीरवार को होने वाले दूसरे चरण के पंचायत चुनाव के लिए भी जनता से इसी प्रकार के सहयोग की पुरजोर अपील की.
'अगले साल बनेगी भाजपा की सरकार'
नेता प्रतिपक्ष ने वर्तमान कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि इस सरकार ने झूठ बोलकर और जनता को गुमराह करके सत्ता तो हथिया ली, लेकिन सत्ता में आने के बाद प्रदेश के विकास कार्यों पर पूरी तरह से पूर्ण विराम लगा दिया है। जनता अब इस सच्चाई को अच्छी तरह समझ चुकी है कि यदि गांव और क्षेत्र का वास्तविक विकास करना है तो भाजपा के साथ ही आगे बढ़ना होगा। उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि आने वाले समय में प्रदेश में फिर से भाजपा की सरकार बनना तय है और केंद्र सरकार के मजबूत सहयोग से हिमाचल में विकास का पहिया 'डबल इंजन' की रफ्तार से आगे बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को पता था कि चुनावों में परिणाम कांग्रेस पार्टी के पक्ष में नहीं आने वाले हैं तो उन्होंने इन चुनावों को समय पर नहीं करवाया और आज छः माह का अतिरिक्त समय निकल चुका है। इस अवधि में जो विकास पंचायतों में होना चाहिए था वो कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री की हठधर्मिता के कारण रुका पड़ा है। केंद्र सरकार से लगातार मदद मिल रही है लेकिन इस सरकार ने उसे भी लोगों तक पहुंचाने में देरी की है।
रामपुर ब्लॉक पंचायत चुनाव परिणाम
शिमला जिले के विकासखंड रामपुर में पंचायत चुनाव के प्रथम चरण के परिणाम बीते दिन ही घोषित कर दिए गए. पहले चरण में रामपुर विकासखंड के 13 पंचायतों में चुनाव हुए थे. जिनका परिणाम भी सामने आ चुका है. कई पंचायतों में उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, जबकि कुछ पंचायतों में कड़ी टक्कर देखने को मिली. सबसे अधिक चर्चा नरैन पंचायत की रही, जहां मतदान प्रक्रिया विवाद के चलते टाल दी गई.
सरपारा पंचायत में इंद्र सिंह बने प्रधान
सरपारा पंचायत से इंद्र सिंह ने 423 मतों के साथ प्रधान पद पर जीत दर्ज की. उपप्रधान पद पर अर्जुन केदारटा 362 मत लेकर विजयी रहे. वार्ड कांधार से सीता देवी ने 95 मतों से जीत हासिल की. जबकि वार्ड सिकासेरी और सुघा में उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए.
बौंडा पंचायत में गोपू राम की जीत
बौंडा पंचायत में गोपू राम 289 मत प्राप्त कर प्रधान निर्वाचित हुए. उपप्रधान पद पर भानु प्रताप ने 368 मतों से जीत दर्ज की. पंचायत के कई वार्डों में मुकाबला रोचक रहा, जबकि कुछ वार्डों में उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए.
रंगोरी पंचायत में सूरज कुमारी बनीं प्रधान
रंगोरी पंचायत से सूरज कुमारी ने 343 मत प्राप्त कर प्रधान पद जीता. उपप्रधान पद पर सुन्दर सिंह निर्विरोध चुने गए. पंचायत के अधिकांश वार्डों में शांतिपूर्ण मतदान हुआ.
कुट पंचायत पूरी तरह निर्विरोध
कुट पंचायत में प्रधान, उपप्रधान समेत सभी वार्ड सदस्य निर्विरोध चुने गए. सुषमा देवी प्रधान और विक्रम सिंह उपप्रधान बने.
जघोरी पंचायत में सुनीता कुमारी की जीत
जघोरी पंचायत से सुनीता कुमारी ने 212 मत लेकर प्रधान पद पर कब्जा जमाया. उपप्रधान पद पर बनोद कुमार चौहान 240 मतों के साथ विजयी रहे.
देवनगर पंचायत में होशियार सिंह को भारी समर्थन
देवनगर पंचायत में होशियार सिंह ने 502 मतों के साथ प्रधान पद जीता, जबकि दीपक राज 763 मत प्राप्त कर उपप्रधान निर्वाचित हुए. पंचायत के एक वार्ड में कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं उतरा.
नरैन पंचायत में मतदान स्थगित
नरैन पंचायत में मतदान प्रक्रिया विवाद के चलते प्रधान, उपप्रधान और एक वार्ड का चुनाव स्थगित कर दिया गया. हालांकि अन्य कई वार्ड सदस्य निर्विरोध चुने गए.
डन्सा पंचायत में पदमा देवी की बड़ी जीत
डन्सा पंचायत में पदमा देवी ने 874 मत लेकर प्रधान पद पर बड़ी जीत दर्ज की. उपप्रधान पद पर राजेंद्र कुमार नेगी 657 मतों के साथ विजयी रहे.
रचौली पंचायत में वीना कुमारी बनीं प्रधान
रचौली पंचायत से वीना कुमारी ने 720 मत प्राप्त कर प्रधान पद जीता. उपप्रधान पद पर ज्योति लाल 665 मतों के साथ विजयी रहे.
गोपालपुर पंचायत में अधिकांश उम्मीदवार निर्विरोध
गोपालपुर पंचायत से उषा देवी 823 मतों के साथ प्रधान बनीं. उपप्रधान पद पर अजय मोदी विजयी रहे. पंचायत के सभी वार्ड सदस्य लगभग निर्विरोध चुने गए.
ज्युरी पंचायत में राज कान्ता ने मारी बाजी
ज्युरी पंचायत में राज कान्ता ने 635 मत लेकर प्रधान पद जीता. उपप्रधान पद पर देव राज नेगी 642 मतों के साथ विजयी रहे. पंचायत के कई वार्ड सदस्य निर्विरोध चुने गए.
देवठी पंचायत में दीप कुमार बने प्रधान
देवठी पंचायत से दीप कुमार ने 523 मत प्राप्त कर प्रधान पद हासिल किया. उपप्रधान पद पर विपिन 331 मतों से विजयी रहे.
काशपाट पंचायत में प्यासु मल की जीत
काशपाट पंचायत से प्यासु मल 401 मतों के साथ प्रधान बने, जबकि उपप्रधान पद पर ईश्वर सनाटू ने 488 मतों से जीत दर्ज की. पंचायत के अधिकांश वार्डों में सीधा मुकाबला देखने को मिला.
तत्तापानी में प्रधान पद पर इन्होंने मारी बाजी
करसोग के तत्तापानी में प्रधान पद के लिए चुनाव का नतीजा देर रात करीब 1 बजे घोषित किया गया. यहां भाजपा समर्थित प्रेम रैना की 6 वोटों से जीत हुई है.उनको 619 मत पड़े, वहीं उनके प्रतिद्वंदी भाजपा से संबंधित देवी सिंह को 613 मत पड़े. यहां मुकाबला इसलिए भी रोचक रहा कि भाजपा संबधित उम्मीदवार को स्थान कांग्रेस पार्टी का भी समर्थन प्राप्त था. इसके बाद देवी सिंह 6 मतों से चुनाव हार गए. प्रधान पद के लिए तीन से चार बार मतगणना होने के कारण चुनाव परिणाम देरी से घोषित किया गया.
टहली पंचायत में प्रधान पद का चुनाव रद्द
हिमाचल प्रदेश में राज्य निर्वाचन आयोग ने ग्राम पंचायत टहली में प्रधान पद के चुनाव को रद्द कर दिया है. नामांकन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं और उम्मीदवारों की ओर से अपने सरकारी दायित्व छिपाने के आरोपों के बाद निर्वाचन आयोग ने यह कड़ा फैसला लिया है. यह मामला उस समय सामने आया जब जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) बिलासपुर ने राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी गई रिपोर्ट में बताया कि प्रधान पद की उम्मीदवार कमलेश पत्नी राम कृष्ण व मीरा देवी पत्नी जयपाल ग्राम पंचायत टहली, विकासखंड श्री नैना देवी जी में प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं. इसमें कमलेश मिड डे मिल वर्कर के पद पर कार्य कर रही है, वहीं दूसरी उम्मीदवार मीरा देवी आंगनवाड़ी वर्कर के रूप में सेवाएं दे रही हैं. इन दोनों ने नामांकन के दौरान यह इस तथ्य को छुपाया है.
मोहल पंचायत प्रधान पद पर पूर्व बीडीसी सदस्य की जीत
जिला कुल्लू के भुंतर बीजेपी मंडल के अध्यक्ष एवं पूर्व बीडीसी सदस्य राजेश ठाकुर ने मोहल पंचायत प्रधान पद 537 वोट लेकर जीत हासिल की.

राकेश जम्वाल के क्षेत्र में कौन बना प्रधान उप प्रधान?
हिमाचल पंचायत चुनाव के पहले चरण के मतदान संपन्न होने के साथ ही प्रधान और उप प्रधान के परिणाम आ गए हैं. आइए जानते हैं सुंदरनगर से भाजपा विधायक राकेश जम्वाल के क्षेत्र से प्रधान और उप प्रधान सीट पर किस-किस को जीत हासिल हुई है.
पंचायत चुनाव 2026 सुंदरनगर: विकासखंड सुंदरनगर
1. ग्राम पंचायत- सेरी कोठी
प्रधान - दलीप सिंह ठाकुर
उप प्रधान - लीलाधर
2. ग्राम पंचायत- बटवाड़ा*
प्रधान -हुसन लाल
उप प्रधान - नंद लाल
3. ग्राम पंचायत- बोबर*
प्रधान -सोमनाथ
उप प्रधान -जगदीश
4. ग्राम पंचायत- जरल
प्रधान -जय सिंह
उप प्रधान - भीम सिंह
5. ग्राम पंचायत- पौड़ा कोठी
प्रधान -उत्तम चंद
उप प्रधान - भिंद्र पाल
6. ग्राम पंचायत- बरोटी
प्रधान - जगन नाथ
उप प्रधान - राकेश कुमार
7. ग्राम पंचायत- ज्योर
प्रधान -अंजना कुमारी
उप प्रधान - महाजन सिंह
8. ग्राम पंचायत- मलोह
प्रधान -रमना कुमारी
उप प्रधान - हेम चंद
9. ग्राम पंचायत- चनोल
प्रधान -नीलम कुमारी
उप प्रधान -शंकर सिंह
10. ग्राम पंचायत- समौण
प्रधान - निशा देवी
उप प्रधान - शेर सिंह
11. ग्राम पंचायत- डैहर
प्रधान - अजय कुमार
उप प्रधान - राकेश कुमार
कुल्हेड़ा पंचायत में एक वोट से फैसला
बड़सर विधानसभा क्षेत्र की कुल्हेड़ा पंचायत में एक वोट से जीत का फैसला होने पर देर रात तक जमकर हंगामा हुआ. उप प्रधान पद के मतों की चार दफा गणना हुई. अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और परिणाम घोषित किया गया. प्रत्याशी विजय उप प्रधान के पद पर विजयी हुए और इंद्र उपविजेता रहे. इसी दौरान विधायक इंद्रदत्त लखनपाल के मौके पर पहुंचने से लोग आक्रोशित हो गए और उनका विरोध करते हुए 'गो बैक' के नारे लगने लगे. कांग्रेस नेता डैनी जस्वाल ने लोगों के साथ स्थानीय विधायक के खिलाफ नारे लगाए.
विधायक इंद्र दत्त लखनपाल के खिलाफ लोगों ने लगाए गो बैक के नारे
बड़सर विधानसभा क्षेत्र से विधायक इंद्र दत्त लखनपाल के क्षेत्र में विरोध और 'गो बैक' के नारे लगने की घटनाएं सामने आई हैं. बड़सर विधानसभा क्षेत्र में देर रात 2:30 बजे पहुंचे विधायक के खिलाफ लोगों ने गो बैक के नारे लगाए.
BJP का पंचायत चुनाव में 75% पंचायतों में जीत का दावा
शिमला हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव के पहले चरण के मतदान संपन्न हो चुके हैं और प्रधान उप प्रधान के परिणाम भी घोषित हो गए हैं. परिणाम आने के साथ ही भाजपा ने पंचायतीराज चुनाव में जीत का दावा किया है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि, "पंचायती राज चुनाव के प्रथम चरण में भारतीय जनता पार्टी समर्थित उम्मीदवारों ने ऐतिहासिक और प्रचंड विजय प्राप्त की है. 26 मई को प्रदेश की 1293 पंचायतों में मतदान संपन्न हुआ और देर रात तक प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार लगभग 75 फीसदी पंचायतों में भाजपा समर्थित प्रधान एवं उपप्रधान उम्मीदवारों ने शानदार जीत दर्ज की है. इन नतीजों ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों और झूठे वादों से पूरी तरह निराश है."
ठियोग की एक और पंचायत में प्रधान 2, उप प्रधान 4 वोटों से विजयी
ठियोग की ग्राम पंचायत मझार में प्रधान पद पर महिला प्रत्याशी ने मात्र 2 वोटों के अंतर से ही जीत हासिल की है. वहीं, ठियोग की एक और पंचायत शर्मला में प्रधान 2 वोटों से जबकि उप प्रधान ने 4 वोटों से जीत हासिल की है.
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के निर्वाचन क्षेत्र सराज में जानें कौन बने प्रधान-उप प्रधान?
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के निर्वाचन क्षेत्र सराज के चुनावी परिणाम भी सामने आ गए हैं. मंडी जिले के सराज विधानसभा क्षेत्र के विकास खंड सराज की ग्राम पंचायत बगड़ाथाच में दिनेश कुमार प्रधान और विनोद कुमार उप-प्रधान चुने गए हैं. ग्राम पंचायत चेत (शोझा) में अनिल कुमार ने प्रधान और टिक्कम राम ने उप-प्रधान का पद जीता है. ग्राम पंचायत शिकावरी में राधा देवी ने प्रधान और पुष्प राज ने उप-प्रधान के चुनाव में जीत दर्ज की है. ग्राम पंचायत नैहरा मैहरीधान में विनोद कुमार प्रधान और बोध राज उप प्रधान चुने गए हैं. ग्राम पंचायत कांढा बगस्याड में दमयंती देवी ने प्रधान और दुनी चंद ने उप- प्रधान का पद जीता है. ग्राम पंचायत गुडाह में दुनी चंद ने प्रधान और तिलक राज ने उप-प्रधान के पद पर जीत दर्ज की है.
सिरमौर में पंचायत मुख्यालयों पर देर रात तक जारी रही मतगणना
जिला सिरमौर में पंचायती राज संस्थाओं के प्रथम चरण के चुनाव के बाद पंचायत मुख्यालयों पर देर रात तक मतगणना जारी है. चुनाव बैलट पेपर के माध्यम से संपन्न हुए, जिसके चलते मतों की गिनती में समय लग रहा है. देर रात तक प्रत्याशियों के समर्थक भी पंचायत मुख्यालयों के बाहर डटे है और नतीजों का इंतजार कर रहे हैं.
नाहन-2 पंचायत से प्रधान पद पर रामनिवास और उपप्रधान पद पर सुनील ने जीत दर्ज की. वहीं धगेड़ा पंचायत में नरेंद्र कुमार प्रधान और रघुबीर सिंह उपप्रधान निर्वाचित हुए.
कलाथा बढ़ाना पंचायत से आशा देवी प्रधान पद पर चुनी गईं. डाहर पंचायत में बिलम छाजटा ने प्रधान पद पर जीत हासिल की. माशु पंचायत से सुरेखा देवी प्रधान निर्वाचित हुईं, जबकि उपप्रधान पद पर सुरेश चुने गए. टोंठा जाखल पंचायत से रतन सिंह प्रधान पद पर निर्वाचित हुए. शिलाई क्षेत्र की क्यारी गुंडाह पंचायत से सुशीला ने प्रधान पद पर जीत दर्ज की. टाली भुज्जल पंचायत से जगदीश कुमार, थैना बसोतरी से ममता कुमारी, छोगटाली से नितेश कुमार, कढोली दोची से रोहित श्याम और शिलांजी पंचायत से सुरेंद्र सिंह प्रधान पद पर निर्वाचित हुए. वहीं उपप्रधान पद पर थैना बसोतरी से कृष्ण दत्त, शिलांजी से मदन सिंह, दाहन से प्रेम सागर, नेहर पाब से वेद प्रकाश शर्मा और कोटला बांगी से महेंद्र सिंह चुने गए.
ग्राम पंचायत पमता से वर्षा शर्मा, ठाकुरद्वारा बनौर से नीलम, राजपुर पंचायत से संतोष, कढ़वाड़ पंचायत से हीरा सिंह, कोटी उतराऊ पंचायत से विक्रम और झकाड़ो पंचायत से रेणु ठाकुर प्रधान पद पर निर्वाचित हुए. वहीं गवाली पंचायत से पंच राम और डांडा आंज पंचायत से दिनेश चौहान ने प्रधान पद पर जीत दर्ज की.
जिला सिरमौर में प्रथम चरण के तहत 94 पंचायतों में मतदान हुआ था. अधिकांश पंचायतों में मतगणना जारी है. प्रशासन की ओर से सभी पंचायत मुख्यालयों पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के इंतजाम किए गए थे. बुधवार तक ही सभी पंचायतों के अंतिम परिणाम स्पष्ट हो पाएंगे.
मात्र 2 वोट से जीता पंचायत प्रधान का पद
शिमला जिले के ठियोग उप मंडल की ग्राम पंचायत मझार में प्रधान पद की प्रत्याशी ऊषा देवी ने मात्र 2 वोटों के अंतर से प्रधान पद जीता. ऊषा देवी को कुल 922 वोटों में से 366 वोट पड़े, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी बबीता को 364 वोट मिले. मात्र 2 वोटों के अंतर से हुई ये चुनावी जीत अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है.

चुनाव कार्य में लापरवाही बरतने पर 4 अधिकारी सस्पेंड
शिमला जिले के रामपुर उपमंडल की नरैण पंचायत के ब्रांदली वार्ड में नोटा (NOTA) स्टैम्प मामले में प्रशासन ने बेहद सख्त एक्शन लिया है. जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने पोलिंग पार्टी संख्या-65 के सभी चार अधिकारियों को गंभीर प्रक्रियात्मक लापरवाही बरतने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. जांच में सामने आया कि मतदान कक्ष के अंदर निर्धारित एरो क्रॉस मार्क सील के साथ नोटा की रबर स्टाम्प भी खुली छोड़ दी गई थी, जिसका खुलासा तब हुआ जब एक मतदाता ने अनजाने में उम्मीदवार के स्थान पर नोटा की मुहर लगा दी. सहायक रिटर्निंग अधिकारी को सूचना मिलने तक यहां कुल 124 मतदाता अपने वोट डाल चुके थे, जिसके बाद मतदान प्रक्रिया को बीच में ही रोकना पड़ा. चुनाव जैसे संवेदनशील कार्य में इस बड़ी चूक के लिए पीठासीन अधिकारी अनिल कुमार (टीजीटी), मतदान अधिकारी प्रकाश चंद (एलटी), राज कुमार (पीईटी) और रमेश चंद (जेओए आईटी) को जिम्मेदार ठहराते हुए सस्पेंड किया गया है और निलंबन अवधि के दौरान इन सभी का मुख्यालय खंड विकास अधिकारी कार्यालय रामपुर तय किया गया है.
मनाली की पलचान पंचायत को मिली युवा प्रधान
कुल्लू जिले के मनाली विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली पलचान पंचायत से एक बड़ा नतीजा सामने आया है. यहां शिवानी ठाकुर ने प्रधान पद पर शानदार जीत दर्ज की है. एक युवा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरीं शिवानी ठाकुर ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 188 वोटों के अंतर से मात दी है और वह इस पंचायत की नई युवा प्रधान बन गई हैं.

मौहल पंचायत में 500 वोटों से जीते राजेश ठाकुर
कुल्लू जिले की ग्राम पंचायत मौहल से प्रधान पद का नतीजा सामने आ गया है. यहां राजेश ठाकुर ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 500 वोटों के भारी अंतर से करारी शिकस्त देकर प्रधान पद पर कब्जा कर लिया है. मतगणना केंद्र के बाहर विजेता प्रत्याशी के समर्थकों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है और जीत का जश्न मनाया जा रहा है.
सराज की दो पंचायतों के नतीजे घोषित
मंडी जिले के सराज विधानसभा क्षेत्र के विकास खंड सराज से पहले दो चुनावी नतीजे सामने आ चुके हैं. चेत सोझा पंचायत में टिकम राम उप-प्रधान चुने गए हैं. कुल 660 वोटों में से उन्हें 410 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी पवन कुमार को 250 वोट मिले. वहीं, बगड़ाथाच पंचायत से प्रधान पद पर दिनेश कुमार ने बड़ी जीत दर्ज की है. कुल 1,090 वोटों में से दिनेश कुमार को 566 वोट पड़े, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी लाभ सिंह को 299 वोट मिल सके.

त्रिलोकनाथ पंचायत में प्रेम दासी प्रधान और विनोद बने उप-प्रधान
लाहौल-स्पीति जिले के लाहौल ब्लॉक की त्रिलोकनाथ पंचायत से भी अंतिम चुनावी नतीजे आ गए हैं. यहां प्रधान पद पर प्रेम दासी ने जीत का परचम लहराया है, जबकि उप-प्रधान पद पर विनोद विजेता घोषित किए गए हैं. बता दें कि पहले चरण के तहत आज लाहौल-स्पीति जिले की विभिन्न पंचायतों कुल 69.40% मतदान दर्ज किया गया.

लाहौल ब्लॉक की 9 पंचायतों के नतीजे घोषित
लाहौल-स्पीति जिले के लाहौल ब्लॉक की 7 ग्राम पंचायतों (GP) के प्रधान और उप-प्रधान पद के विजेताओं की आधिकारिक सूची जारी हो गई है. कई पंचायतों में उम्मीदवार निर्विरोध (Un-opposed) भी चुने गए हैं.
पंचायतवार विजेताओं की पूरी सूची:
- नाल्डा (Nalda): प्रधान पद पर मोनिका और उप-प्रधान पद पर सुधीर कुमार ने जीत दर्ज की.
- गोहारमा (Goharma): प्रधान पद पर सरिता विजेता रहीं, जबकि उप-प्रधान पद पर राम नाथ निर्विरोध (Un-opposed) चुने गए.
- रानिका (Ranika): प्रधान पद पर ऊषा देवी निर्विरोध चुनी गईं, जबकि उप-प्रधान पद पर चमन लाल ने चुनाव जीता.
- कारदंग (Kardang): प्रधान पद पर सुमिता और उप-प्रधान पद पर अशोक कुमार ने जीत हासिल की.
- मूलिंग (Mooling): इस पंचायत में प्रधान पद पर पूनम और उप-प्रधान पद पर विपिन दोनों ही निर्विरोध चुने गए हैं.
- कोकसर (Koksar): यहां प्रधान पद पर सुनील कुमार और उप-प्रधान पद पर प्रवीण आनंद दोनों निर्विरोध निर्वाचित हुए.
- टिंगरेट (Tingret): प्रधान पद पर कुमारी अनिता और उप-प्रधान पद पर रविंदर ने जीत दर्ज की है.

बासा ठियोग में रमेश प्रधान और सुनील बने उप-प्रधान
शिमला जिले के ठियोग उपमंडल की बासा ठियोग पंचायत के नतीजे घोषित हो गए हैं. प्रधान पद पर रमेश हेटा ने 316 वोट हासिल कर जीत दर्ज की है, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी अरुण को 233 और अंकित को 212 वोट मिले वहीं, उप-प्रधान पद पर सुनील विजेता रहे जिन्हें 394 वोट मिले, उन्होंने अनिल (344 वोट) को शिकस्त दी. गौरतलब है कि पहले चरण के तहत आज शिमला जिले की विभिन्न पंचायतों में कुल 75.83% मतदान दर्ज किया गया.

कुल्लू की सोयल-2 पंचायत में मेहर चंद बने उप-प्रधान
कुल्लू जिले के कुल्लू ब्लॉक की सोयल-2 पंचायत से उप-प्रधान पद का नतीजा घोषित हो गया है. यहां मेहर चंद ने 156 वोटों के बड़े अंतर से शानदार जीत हासिल की है. आपको बता दें कि आज कुल्लू जिले की विभिन्न पंचायतों में पहले चरण के तहत रिकॉर्ड तोड़ मतदान हुआ, जहां पूरे प्रदेश में सबसे अधिक 82.44% वोटिंग दर्ज की गई है.

रानिका पंचायत में ऊषा बनीं प्रधान, ये चुने गए उप-प्रधान
लाहौल-स्पीति जिले के लाहौल ब्लॉक की ग्राम पंचायत रानिका से प्रधान और उप-प्रधान पद के नतीजे घोषित हो गए हैं. यहां प्रधान पद पर ऊषा देवी ने जीत दर्ज की है. वहीं, उप-प्रधान पद पर चमन लाल विजेता रहे हैं, जिन्हें कुल 106 वोट मिले.

कविता देवी बनीं प्रधान
चंबा जिले के भरमौर विकास खंड की ग्रौंडा पंचायत से प्रधान पद का चुनावी नतीजा घोषित हो गया है. यहां कविता देवी ने शानदार जीत दर्ज की है. इस पंचायत में कुल 209 वोट पड़े थे, जिसमें से कविता देवी को 119 वोट मिले. उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी सीमा देवी को मात दी, जिन्हें केवल 90 वोट ही मिल सके. जीत की घोषणा के बाद कविता देवी के समर्थकों में भारी उत्साह है.

इस पंचायत में वोटिंग रुकी, आज नहीं आएगा रिजल्ट
शिमला जिले के रामपुर विकास खंड की नरैण पंचायत के ब्रांदली वार्ड में चुनाव अधिकारियों की बड़ी लापरवाही के कारण मतदान प्रक्रिया को बीच में ही रोक दिया गया. ग्रामीणों का आरोप है कि पोलिंग बूथ पर वोटिंग स्टैम्प की जगह नोटा (NOTA) की स्टैम्प का इस्तेमाल करवाया जा रहा था. वहां एक के बजाय तीन-तीन स्टैम्प रखी थीं और अधिकारियों ने मतदाताओं को सही गाइड भी नहीं किया. जब तक इस गड़बड़ी का पता चला, तब तक करीब 100 लोग वोट डाल चुके थे. हंगामा बढ़ने पर एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेन्द्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और वोटिंग रुकवा दी. प्रशासन ने मामले की रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेज दी है और अब इस वार्ड में दोबारा मतदान करवाया जाएगा. इस एक वार्ड में चुनाव रद्द होने की वजह से अब पूरी नरैण पंचायत के प्रधान, उप-प्रधान और वार्ड सदस्यों का चुनावी नतीजा अटक गया है.

वोटिंग में पुरुषों से आगे महिलाएं
चुनाव में महिलाओं ने पुरुषों से 6% अधिक उत्साह दिखाया. राज्य चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत 76.19% रहा, जबकि पुरुषों का 70.133% दर्ज हुआ.
दोपहर 3 बजे तक जिलावार वोटिंग ट्रेंड्स
- कुल्लू: 74.16%
- सोलन: 72.31%
- ऊना: 71.51%
- सिरमौर: 70.21%
- बिलासपुर:69.61%
- शिमला: 67.57%
- लाहौल-स्पीति: 67.40%
- कांगड़ा: 61.25%
- चंबा: 53.91%
हिमाचल में दोपहर 3 बजे तक 65.01% वोटिंग
हिमाचल प्रदेश पंचायती राज चुनाव के पहले चरण का मतदान दोपहर 3:00 बजे तक पूरा हो गया है. राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, प्रदेश में कुल 65.01% मतदान दर्ज किया गया है. कुल 18,22,636 मतदाताओं में से 11,84,871 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. यह मतदान कुल 1,293 पंचायतों और 7,729 पंचायत वार्डों के लिए हुआ है.

