HP Assembly Monsoon Session: सदन की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, मानसून सेशन में 45.30 घंटे तक चली कार्यवाही

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : September 3, 2026 at 11:01 AM IST
|Updated : September 3, 2026 at 4:26 PM IST
हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र की दसवीं और आखिरी बैठक आज (गुरुवार, 3 सितंबर को) सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू हो रही है. मानसून सत्र के अंतिम दिन विधायकों ने विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 92 सवाल पूछे हैं. इनमें 50 तारांकित प्रश्न ऐसे हैं, जिनके मौखिक जवाब मंत्रियों को सदन में खड़े होकर देने होंगे. बाकी 42 अतारांकित सवालों के लिखित जवाब पटल पर रखे जाएंगे. सड़कें, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, भर्तियां और आपदा राहत एवं जनता के रोजमर्रा के मुद्दे इन्हीं सवालों के जरिए एक बार फिर सरकार के सामने आएंगे. सीएम ने कहा हिमाचल में सभी बचे कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम का लाभ दिया जाएगा.
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सदन की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
हिमाचल विधानसभा से सभी विधायकों को उपलब्ध कराया जाएगा फ्लैग. विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन में कही ये बात. विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मानसून सत्र में 10 बैठकें हुई. सदन की कार्यवाही 45.30 घंटे तक चली. जिसकी प्रॉडक्टिविटी 91 फीसदी रही. नियम 62 के तहत 14 विषय आए. 7 सरकारी विधयेक पारित हुए. शून्य काल में 34 मामले चर्चा में आए. 2 हजार के करीब शिक्षण संस्थानों के बच्चों ने सदन की कार्यवाही देखी. ऑफिसर गैलरी में होने चाहिए थे. इस मामले को देखा जाएगा. सदन में कुल 514 तारांकित और 272 अतारांकित सवाल लगे. सदन की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
भाजपा दिशाहीन है, इनके पास मुद्दा नहीं: हर्षवर्धन चौहान
हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि भाजपा दिशाहीन है. इनके पास मुद्दा नहीं है. इसलिए सुर्खियों में रहने को इन्होंने वॉकआउट किया है. मैं इसकी निंदा करता हूं. जयराम ठाकुर ने ऑफिसर गैलरी खाली होने पर उठाए सवाल. उन्होंने कहा कि ऑफिसर गैलरी खाली है. आज तक जब भी सत्र होता था ऑफिसर गैलरी भरी होती थी, इस पर संज्ञान लिया जाए. गैलरी में केवल दो ही ऑफिसर बैठे हैं.
भाजपा ने सदन से किया वॉकआउट
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा जितना गंभीर विषय चर्चा में लाया गया, उस हिसाब से गंभीर जवाब नहीं आया है. उन्होंने कहा कि हमारा विषय था कि आपने 58 साल वाली कितनी पक्की नौकरी दी है. आपका उतर संतोषजनक नहीं है. भाजपा ने सदन से किया वॉकआउट.
हमने 1,60,429 रोजगार के संसाधन जुटाए: हर्षवर्धन
हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि हमने 1,60,429 रोजगार के संसाधन जुटाए है. हम भांग और लॉटरी से आय के साधन जुटाने जा रहे हैं. आपने इसको राजनीतिक मामला बना दिया. हमने जनता से किए हुए वादे के मुताबिक एक लाख नौकरी के आंकड़े की छुएंगे.
'हमारी सरकार ने 2025 तक दी 32,223 नौकरियां'
हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार 31 दिसंबर 2025 तक 32,223 नौकरियां दी हैं. इसमें शिक्षा में 7403, वन विभाग 2133, HRTC में 766, बिजली बोर्ड में 1286, आयुष में 1162, पुलिस में 1427, हेल्थ में 343, कृषि में 426, मेडिकल एजुकेशन में 1237, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग में 253, चाइल्ड वेलफेयर में 3243, PWD में 717 नौकरियों दी गई है. उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2026 तक 50 हजार नौकरियां दी जाएंगी. कोई सरकार बन जाए हर युवा को सरकारी नौकरी नहीं दी जा सकती.
माइनिंग से 450 करोड़ रेवेन्यू आ रहा: उद्योग मंत्री
संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा हमारी सरकार ने राजस्व जुटाने के लिए काम किया है. हिमाचल को माइनिंग में 450 करोड़ रेवेन्यू आ रहा है. हमने माइनिंग के लिए नई पॉलिसी बनाई है. इसके विभाग दूसरे विभाग को रोकने का प्रयास किया जाता है. आपने आर्मी की पक्की नौकरी को 4 साल की नौकरी बना दिया. एयरपोर्ट आपने अडाणी और अंबानी को बेच दिया. विपक्ष ने शोर शराबा किया शुरू. भाजपा सदस्य बोले आप अपना जवाब दो.
'इस साल किसानों को दूध का 500 करोड़ दिया जाएगा'
हर्षवर्धन चौहान ने कहा हिमाचल 20 लीटर दूध खरीदने की कोई सिलिंग नहीं. वर्ष 2022 में दूध की कीमत 31 रुपए थी. जो कीमत तीन साल में 61 रुपए पहुंच गई है. वर्ष 2022 में हिमफैड के माध्यम से किसानों को 100 करोड़ दिया जाता था. इस साल किसानों को दूध का 500 करोड़ दिया जाएगा. वहीं वर्ष 2025-26 में किसानों को दूध के 406 करोड़ दिए थे.
युवाओं की पहली प्राथमिकता सरकारी नौकरी: हर्षवर्धन चौहान
नियम 130 के तहत चर्चा में भाग ले रहे भाजपा विधायक लोकेंदर कुमार ने कहा कि युवाओं को 58 साल वाली नहीं 5800 वाली नौकरी मिली है. आपने पार्ट टाइम लगा दिए, आपने पशु मित्र लगा दिए. आपने वन मित्र लगा दिए. यहां तक कि आपने अब डॉक्टरों को भी जॉब ट्रेनी लगा दिया है.
अब चर्चा का उत्तर दे रहे है संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान जवाब दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि युवाओं का विषय बहुत ही महत्वपूर्ण है. हिमाचल में युवाओं की पहली प्राथमिकता सरकारी नौकरी है. हिमाचल हर सेक्टर में आगे रहा है. इसमें हर सरकार का योगदान रहा है. कर्मचारियों और अधिकारियों की सेवाओं का भी योगदान है. सरकारी नौकरी का सीधा संबंध आर्थिक स्थिति से है. हिमाचल में अब कर्ज एक लाख से अधिक हो गया है. अब क्या सरकार नौकरी दे पाएगी.
'आर्थिक स्थिति सुधरने पर मिलेगा पूरा एरियर'
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लंबित एरियर के भुगतान को लेकर कहा है कि एरियर का भुगतान किसी के दबाव में आकर नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से एरियर का भुगतान किया जा रहा है और आगे भी परिस्थितियों के अनुसार कर्मचारियों व पेंशनर्स को उनका बकाया दिया जाएगा. 67 साल के ऊपर के सभी पेंशसर्न को एरियर का भुगतान कर दिया गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि, प्रदेश सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स के हितों को लेकर गंभीर है. सरकार ने पेंशनर्स को एरियर का भुगतान शुरू किया है और आने वाले समय में आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ कर्मचारियों के लंबित एरियर का भुगतान भी किया जाएगा. उन्होंने कर्मचारियों से सरकार का सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार पर अनावश्यक दबाव बनाने के बजाय परिस्थितियों को समझना जरूरी है.
सरकारी जमीन कब्जाने वाले की बहू भी नहीं लड़ पाएगी चुनाव
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने सदन में रखा हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 (1994 का अधिनियम संख्यांक 4) का और संशोधन का विधेयक.
भाजपा ने किया विरोध. इस विधेयक में परिवार में ससुर के अतिक्रमण करने पर पुत्रवधू नहीं लड़ सकती है चुनाव. जिस पर भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि इस विधेयक को 6 मई 2026 को पारित हुआ समझा जाए. उन्होंने कहा कि जब बिल का आज लाया गया तो ये आज की तारीख में पारित होगा. उन्होंने कहा कि बहु दूसरे घर से आई है, जब ससुर ने अतिक्रमण किया होगा तो वह परिवार का भी हिस्सा नहीं थी तो उसमें बहु का क्या कसूर है. ये किसी को टारगेट करने के लिए बिल लाया गया है.
वहीं, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि, आप किसी के लोकतांत्रिक अधिकार को खत्म कर रहे हैं. आपने इसमें किसी व्यक्ति विशेष को टारगेट किया है. आप मुख्यमंत्री की जिद्द पर न चलें. इस फैसले के बाद मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे. कानून की दृष्टि से ये मामला नहीं टिकेगा. इसलिए इस बिल को वापस लिया जाए
वहीं, ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा विडंबना है कि आप अतिक्रमण के हक में है या पक्ष में है. उन्होंने कहा कि जिन्होंने अतिक्रमण किया है वह खुद तो चुनाव नहीं लड़ सकते हैं तो वे पत्नी और बहु को आगे करते हैं. क्या बहु उस घर की लीगल हेयर नहीं होगी. शादी के बाद बेटी का सारा सुख दुख ससुराल में होता है. उन्होने कहा कि, एक प्रदेश एक कानून होना चाहिए. उन्होंने कहा कि लीगल ओपियन लेने बाद निर्णय लिया गया कि जो बहु परिवार में सभी सुविधाओं का लाभ ले रही है और उस परिवार का हिस्सा है तभी ये बिल लाया गया है.
भाजपा विधायक ने कहा कि, क्या चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद इस तरह बिल ला सकती है. अगर महिला लीगल हेयर है परिवार रजिस्टर का हिस्सा है तो उसकी जाति क्यों अलग है. क्या आप इस पर नियम बनाएंगे. सदन में बिल पारित हुआ.
'स्टाम्प ड्यूटी बढ़ने से आम लोगों की बढ़ेगी मुश्किलें'
विपक्ष के विरोध के बावजूद हिमाचल विधानसभा में भारतीय स्टांप (हिमाचल प्रदेश द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 पारित. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि, महिलाओं को एक करोड़ की संपत्ति पर खरीदने में लगेगी 4 फ़ीसदी स्टाम्प ड्यूटी. ताकि महिलाओं के नाम पर अधिक संपति खरीदी जाए. उन्होंने कहा कि अभी महिलाएं संपत्ति खरीदने पर 8 फीसदी स्टाम्प ड्यूटी चुकाती हैं. इसलिए बिल महत्वपूर्ण है.
जयराम ठाकुर ने चर्चा में भाग लेते कहा कि, मैं इस बात से सहमत है कि आर्थिक संकट से निपटने का प्रयास कर रही है. लेकिन, इसका मतलब ये नहीं कि स्टाम्प ड्यूटी बढ़ाकर आम लोगों का जीना मुश्किल किया जाए. बिल में हर चीज पर स्टाम्प ड्यूटी बढ़ाई गई है. कई जगह तो स्टॉम्प ड्यूटी को बढ़ाकर कर डबल किया गया है. आपने कोई सेक्शन नहीं छोड़ा जिसमें बढ़ोतरी नहीं की गई है. हिमाचल में ऐसी स्थिति न हो जाए कि ट्रांजेक्शन ही रुक जाए. जो बढ़ोतरी की गई है यह बहुत अधिक है. इसको कम किया जाए. हिमाचल के लोगों पर आप मेहरबानी कीजिए. इस बिल को वापस लें और इस पर फिर से विचार करें.
राजस्व मंत्री जगत सिंह ने कहा कि, इस बिल के विरुद्ध विचार रखें. पटवारी के पास स्टाम्प ड्यूटी भी लगती है. शपथ पत्र के हमने 100 रुपए किए. बिहार और महाराष्ट्र में पहले से ही 100 रुपए है. गरीब आदमी का इसमें कोई लेना देना नहीं है. संपत्ति वहीं खरीदेगा जिसके पास पैसा है. बच्चों का एडॉप्शन अमीर करता है. इसकी ड्यूटी बढ़ाई है, इसका गरीब से कोई लेना देना है. नॉन हिमाचली GPA करेगा. उनके लिए पैसा बढ़ेगा. हम महिलाओं का भी सम्मान कर रहे हैं. गरीब आदमी को हमने नहीं छेड़ा. ये बिल उनके लिए है जो पैसा दे सकता है. सदन में बिल संशोधित रूप में हुआ पारित. उन्होंने कहा कि, केंद्र जो डीजल और पेट्रोल की हर रोज कीमत बढ़ा रही है.
इस योजना से जरूरतमंद लोगों के घर का सपना होगा पूरा
ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि, हिमाचल में प्रधानमंत्री आवास योजना में जरूरतमंद लोगों के घर का सपना होगा पूरा. अगले पांच सालों के लिए हिमाचल के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2.18 लाख से अधिक मकान आए हैं. हिमाचल में छुटे हुए लोग प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि वर्ष 2023-24 के बाद भी प्रधानमंत्री आवास योजना में 93 हजार मकान आए हैं
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू दिल्ली जाएंगे. उन्होंने शून्य काल के तहत प्रश्नों का रिप्लाई लिखित में सदन में देने का आग्रह किया. विधानसभा अध्यक्ष ने काम सहमति बनाने का आग्रह किया. सीएम ने कहा कि आपको अगर शून्य काल की जबरदस्ती करनी है तो आपकी मर्जी. अब लंच के बाद होगा शून्य काल. फिलहाल सदन में विधेयक रखे जा रहे हैं.
'धरने पर बैठकर सरकार को जागरूक करते रहते हैं कर्मचारी'
सीएम सुक्खू ने कहा है कि, हम सदन में लड़ाई लड़ने नहीं प्रदेश के विकास के लिए आए हैं. उन्होंने कहा कि धरने पर बैठना कर्मचारियों का लोकतंत्र में अधिकार है. वे धरने पर बैठकर सरकार को भी जागरूक करते रहते हैं. भाजपा सदस्यों ने मुख्यमंत्री के उत्तर से संतुष्ट न होते हुए शोर शराबा शुरू किया. सदन में शोर शराबा शुरू होने पर मुख्यमंत्री कहा कि, सच से तकलीफ होती है.
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि, अब 58 से 67 वर्ष के बचे हुए कर्मचारियों को 1 जनवरी 2016 से 31 जुलाई 2022 को रिटायर हुए क्लास थ्री कर्मचारियों की 55 फीसदी एरियर दिया गया है. क्लास फोर कर्मचारियों को पेंशन का एरियर दिया गया है. मुख्यमंत्री ने भाजपा विधायक दीपराज के मूल सवाल पर सदन में ये जानकारी दी.
'67 साल से ऊपर के सभी कर्मचारियों का पूरा भुगतान'
सीएम सुक्खू ने कहा कि, वर्ष 2023 में सरकार ने ही माइनिंग की थी. उद्योग विभाग ने माइनिंग की शक्तियां भी फॉरेस्ट कॉरपोरेशन को दे दी है. जब हमने सत्ता संभाली तो प्रदेश आर्थिक संकट में जा चुका था. प्रदेश में 67 साल से ऊपर के सभी कर्मचारियों का पूरा भुगतान किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि अगर आपदा की राशि मिल गई होती, मोदी के 1500 करोड़ मिले होते और RDG बंद नहीं होती तो कर्मचारियों के सभी भुगतान हो गए होते.
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सप्लीमेंट्री सवाल पूछा कि, आप अगर कर्मचारी हितैषी हैं तो कर्मचारी और पेंशनर आज धरने पर क्यों हैं. उन्होंने कहा कि आपदा को जो पैसा आया है वो कहां है.आप कहते हैं कि आपने OPS दे दिया है तो बिजली बोर्ड के कर्मचारी पिछले कल यानी बुधवार OPS को लेकर धरने पर क्यों बैठे थे?
'माइनिंग डिपार्टमेंट ने दी माइनिंग की अनुमति'
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि, "मुश्किल से उद्योग विभाग से नदियों की ड्रेजिंग की अनुमति मिली है. माइनिंग डिपार्टमेंट ने माइनिंग की अनुमति दी है. इस पर अब भारत सरकार की स्वीकृति मिलनी है. माइनिंग से काफी आय होगी. इसके लिए हम डिपार्टमेंट बनाएंगे. ड्रेजिंग मटिरियल बेचने को फार्म जारी होती हैं. फॉरेस्ट कॉरपोरेशन के लिए ड्रेजिंग की अनुमति उद्योग विभाग से ली गई है. हमारे पास नदियां हैं. अगर इनकी हम इसकी ड्रेजिंग करेंगे तो इसका भी हिमाचल को आत्म निर्भर बनाने में योगदान होगा."
100 फीसदी इस्तेमाल करने लायक नहीं ड्रेजिंग का मटेरियल
हिमाचल के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि, ड्रेजिंग के लिए FCA (Forest Conservation Act) की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है. मटेरियल साइड करके ऑक्शन कर सकते हैं. कैबिनेट के फैसले के बाद ड्रेजिंग और माइनिंग का काम वन विभाग और वन निगम को दिया गया है. 74 हजार मीट्रिक टन पत्थर उठाकर रॉयल्टी सरकार के खजाने में जमा की है.
उद्योग मंत्री ने ये जानकारी भाजपा विधायक सुरेंद्र शौरी की ओर से कुल्लू जिला से होकर बहने वाली ब्यास नदी एवं बंजार विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में बहने वाली इसकी सहायक खड्डों में ड्रेजिंग एवं माइनिंग के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के सवाल में ये जानकारी दी है. उद्योग मंत्री कहा कि, ड्रेजिंग का मटेरियल 100 फीसदी इस्तेमाल करने लायक नहीं है. हाइड्रल कंपनी को ही ड्रेजिंग का खर्च उठाना होगा. सरकार सिर्फ ऑक्शन कर सकती है.
सदन में प्रश्नकाल शुरू
हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल के साथ सदन की कार्यवाही शुरू हो गई है.

