HIMACHAL BUDGET SESSION: OPS और बिजली प्राइवेटाइजेशन पर CM सुक्खू का बड़ा बयान

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 16, 2026 at 12:44 PM IST
|Updated : February 16, 2026 at 8:51 PM IST
शिमला: आज (सोमवार, 16 फरवरी) से हिमाचल प्रदेश विधानसभा का तीन दिवसीय बजट सत्र शुरू हो गया है. बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत दोपहर बाद 2 बजे से हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के अभिभाषण के साथ हुई. सत्र के पहले दिन सत्ता और विपक्ष दोनों की नजरें अभिभाषण पर टिकी रहेंगी, जिसमें सरकार अपनी नीतियों और उपलब्धियों को सदन में रखेगी. हिमाचल प्रदेश विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
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RDG खैरात नहीं, हिमाचल का अधिकार: CM
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि, "भाजपा आरडीजी के मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख प्रदेश की जनता के सामने रखने में विफल रही है. प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि प्रमुख विपक्षी दल होने के नाते क्या भाजपा हिमाचल के लोगों के अधिकारों के साथ खड़ी है या नहीं. मैं प्रदेशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि उनके अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए हम हर मंच पर पूरी प्रतिबद्धता, दृढ़ता और पारदर्शिता के साथ अपनी आवाज़ बुलंद करते रहेंगे."
OPS पर CM सुक्खू का बड़ा बयान
OPS को लेकर हिमाचल विधानसभा में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बड़ा ऐलान किया है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि, "हमारी सरकार कर्मचारियों को OPS भी देगी. बिजली बोर्ड का निजीकरण नहीं होगा. बिजली बोर्ड को स्ट्रेंथ करेंगे. हिमाचल में हिम केयर योजना भी चलाएंगे और सहारा योजना भी चलेगी."

आरडीजी पर केंद्र का फैसला हिमाचल के साथ अन्याय: मुकेश अग्निहोत्री
RDG के मुद्दे पर हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार और प्रदेश भाजपा पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरडीजी) को लेकर केंद्र के रवैये पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि, "ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि केंद्र सरकार को सद्बुद्धि दे, ताकि हिमाचल प्रदेश की आरडीजी को तुरंत बहाल किया जा सके. यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश के अस्तित्व, विकास और आम जनता से जुड़ा गंभीर विषय है. राज्य के गठन के समय ही यह स्वीकार किया गया था कि हिमाचल एक पहाड़ी प्रदेश है और अपनी भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यह पूरी तरह आत्मनिर्भर नहीं हो सकता. ऐसे में केंद्र सरकार की सहायता, विशेषकर रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट, राज्य की आर्थिक रीढ़ मानी जाती रही है. बिना किसी पूर्व चेतावनी के इस ग्रांट को बंद कर देना न केवल असंवैधानिक है, बल्कि प्रदेश की जनता के साथ खुला अन्याय भी है."
नियम 102 के तहत सदन में प्रस्ताव पेश
संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि, राज्यपाल का अभिभाषण भी महत्वपूर्ण है. अब नियम 102 लिस्ट जो गया है तो इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अब चर्चा होनी चाहिए. इसपर विधानसभा अध्यक्ष ने नियम 102 पर चर्चा करने की अनुमति दी. अब सदन में नियम 102 के तहत संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान ने प्रस्ताव पेश किया. इसके साथ ही हर्षवर्धन चौहान नियम ने 102 के प्रस्ताव को सदन में विस्तृत तौर पर रखा.
राज्यपाल के अभिभाषण पर मंगलवार से चर्चा
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि, राज्यपाल के अभिभाषण पर मंगलवार से चर्चा होगी. हमारे पास आज सरकारी संकल्प के रूप में बिजनेस है. इस पर अभी चर्चा हो सकती है. सदन को रात 12 बजे तक एक्सटेंड किया जा सकता है.
हिमाचल बजट पर CM सुक्खू का बड़ा बयान
सदन को संबंधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि, "RDG 10 हजार करोड़ बंद हो गई हैं. क्या आप प्रधानमंत्री के पास जाने को तैयार हैं. छोटी सी बात को क्लियर करें. इसके बाद राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा शुरू करते हैं. 17 मार्च को बजट पेश होना है. संसदीय कार्यमंत्री ने जो प्रस्ताव लाया है उस पर चर्चा शुरू करें."

RDG पर चर्चा होनी चाहिए: हर्ष वर्धन चौहान
हिमाचल प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री हर्ष वर्धन चौहान ने सदन में कहा कि, "RDG (Revenue Deficit Grant ) महत्वपूर्ण मुद्दा है. इस पर चर्चा होनी चाहिए. इसमें कुछ सरकार की तरफ से बोलें और कुछ विपक्ष की तरह से चर्चा में भाग लें."
वहीं, भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि, "राज्यपाल के अभिभाषण के बाद नियमानुसार इस पर चर्चा होनी चाहिए."
सदन में नेता प्रतिपक्ष का सरकार से सवाल
सदन में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि, "सदन शुरू हुआ है, लेकिन यह बजट सत्र है या नहीं इसकी कोई जानकारी नहीं. जब बजट सत्र शुरू होता है तो विधायकों को 15 दिन का नोटिस दिया जाता है. इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ है. सभी सदस्य सोच रहे हैं कि प्रश्न दें या नहीं. यह भी क्लियर नहीं है कि सदन अभी 16 से 18 फरवरी तक का है. क्या ये आगे भी चलेगा या नहीं. राज्यपाल के अभिभाषण के बाद अभी सदन को स्थगित किया जाना चाहिए. इसके बाद इस पर मंगलवार से राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होनी चाहिए. अन्य प्रस्ताव बाद में भी लाये जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि नियम 102 के तहत लाए गए RDG के प्रस्ताव को शिफ्ट किया जाए. हम इस पर चर्चा को तैयार हैं."
सदन में शोकोद्गार प्रस्ताव
एक बार फिर से सदन की कार्यवाही शुरू हो गई है. सदन की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही मुख्यमंत्री ने भगतराम चौहान के निधन पर शोकोद्गार प्रस्ताव सदन में लाया. इसके बाद पूर्व विधायक भगतराम चौहान के निधन पर सदन में शोकोद्गार प्रकट किया गया.
विधानसभा की परंपराओं के विरुद्ध चल रही सरकार: जयराम ठाकुर
सर्वदलीय बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि, "11वें सत्र की शुरुआत के साथ ही कन्फ्यूजन की स्थिति बन गई है. बजट सत्र है, लेकिन बजट कब पेश होगा, इसकी कोई स्पष्टता नहीं है. केवल 3 दिनों की बैठक की अधिसूचना जारी की गई है. इसको लेकर विधायकों में भी असमंजस की स्थिति है. विधायकों में भी असमंजस की स्थिति है कि आखिर क्या होने वाला है. पूरा विपक्ष का एकमत है कि राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के बाद ही संकल्प पर चर्चा होनी चाहिए."
सदन की कार्यवाही 2.45 तक स्थगित
राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही 2.45 तक स्थगित किया गया है. राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के अभिभाषण के साथ हिमाचल विधानसभा बजट सत्र की शुरुआत हुई है.
विधानसभा में राज्यपाल का अभिभाषण
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के अभिभाषण के साथ हिमाचल विधानसभा बजट सत्र की शुरुआत हुई. राज्यपाल ने कहा कि, 1 सी 16 तक संस्थागत ढांचे के बारे में टिप्पणियां हैं. मुझे नहीं लगता है कि इसे पढ़ा जाना चाहिए. उन्होंने अभिभाषण के सबके सुखद भविष्य की कामना की. राज्यपाल ने कहा कि, पैरा 17 से आगे इसमें सरकार की तीन वर्षों के दौरान सरकार के किए कार्य हैं, विधायकों को इसे पढ़ना चाहिए.
पांच गुटों में बंटी है भाजपा: CM सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि, "भाजपा पांच गुटों में बंटी है लेकिन कहीं तो राज्य के अधिकार की बात हो. हमने 17 हजार करोड़ की RDG में ही कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई हैं."
RDG पर राजनीति नहीं होनी चाहिए: CM
सर्वदलीय बैठक समाप्त होने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला. मुख्यमंत्री ने कहा कि, "RDG पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. RDG युवाओं के रोजगार, गरीब लोगों और किसानों की लड़ाई है. यह सरकार की लड़ाई नहीं है. जो कहना है मेरे खिलाफ कहते रहें, लेकिन RDG पर राजनीति न हो.
बजट सत्र बढ़ाने पर विधानसभा अध्यक्ष का बड़ा बयान
सर्वदलीय बैठक समाप्त होने के बाद हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि, "अच्छे वातावरण में काफी मुद्दों पर बातचीत हुई है. बैठक में संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, राज्य सरकार के उप मुख्य सचेतक और भाजपा के मुख्य सचेतक शामिल हुए. राज्यपाल के अभिभाषण पर नेता प्रतिपक्ष की कुछ मांग है. इस मुद्दे पर संसदीय कार्य मंत्री मुख्यमंत्री से बात करेंगे. आज जो लिस्टेड बिजनेस है वो होगा. अभी RDG पर सरकार का जो प्रस्ताव है उस पर चर्चा हो. कोविड काल में भी ऐसा हुआ है. अभी तीन दिवसीय सत्र है. इस बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई, लेकिन संभव है सत्र की अवधि बढ़ाई जाए."
बजट सत्र के लिए आए इतने प्रश्न
हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि, "हमारे पास नियम 37 के तहत ओरल और लिखित कुल 125 नोटिस प्रश्नों के माध्यम से मिल चुके हैं. जिसमें 111 ओरल और 14 लिखित प्रश्न प्राप्त हुए हैं. इसके अलावा रूल 62 के तहत एक नोटिस आया है. इसके साथ ही रूल 101 के तहत सरकार का नोटिस भी प्राप्त हुआ है. यह बिजनेस अभी तक विधानसभा सचिवालय के पास पहुंच चुका है."

विधानसभा में सर्वदलीय बैठक
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सर्वदलीय बैठक हुई. बजट सत्र निर्विघ्न और सुचारू रूप से चल सके, इसके लिए हिमाचल विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की अध्यक्षता में दोपहर 12:15 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी. इस बैठक में संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, राज्य सरकार के उप मुख्य सचेतक और भाजपा के मुख्य सचेतक शामिल हुए.
बजट सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक
हिमाचल बजट सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांग्रेस विधायक दल के बैठक की अध्यक्षता की. इस दौरान बजट सत्र को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई.

हर्षवर्धन चौहान ने सीएम सुक्खू का किया स्वागत
हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के पहले दिन संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का स्वागत किया.

सीएम सुक्खू को गार्ड ऑफ ऑनर
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. सत्र में किसी प्रकार की कोई व्यवधान उत्पन्न न हो इसको लेकर सुरक्षा कड़े इंतजाम किए गए हैं.


