नीट छात्रा मौत मामला: सम्राट चौधरी बोले- मंत्री के बेटे का नाम बताएं राबड़ी देवी, 24 घंटे के अंदर जेल में होगा

Published : February 6, 2026 at 9:51 AM IST
|Updated : February 6, 2026 at 12:07 PM IST
पटना: बिहार विधानसभा बजट सत्र का आज चौथा दिन है और आज वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा शुरू होगी. इसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से अपना पक्ष रखा जाएगा. सदस्यों की ओर से कई विभागों के प्रश्न भी पूछे जाएंगे. कानून व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष आज भी सरकार को घेरने की कोशिश करेगा.
LIVE FEED
जनता के बीच नाम बताएं राबड़ी देवी- सम्राट चौधरी
नीट छात्रा मौत मामले पर गुरुवार को बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा था कि मामले की लीपापोती की जा रही है. मामले में मंत्री या उनका बेटा शामिल है. इसको लेकर बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राबड़ी देवी जनता के बीच नाम बताएं, मैं गारंटी देता हूं किसी भी मंत्री या मंत्री के बेटे का नाम आएगा तो 24 घंटे के अंदर जेल में डालूंगा.
मैथिली ठाकुर का सवाल
मैथिली ठाकुर ने अपने विधानसभा अलीनगर में चिकित्सक, नर्स और ड्रेसर की पदस्थापना नहीं होने पर सरकार से सवाल पूछा. सवाल पर प्रभारी मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा, बिहार तकनीकी सेवा आयोग पटना के प्राप्त अनुशंसा के आलोक में 624 विशेषज्ञ चिकित्सक पदाधिकारी, 575 सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी की राज्य के विभिन्न संस्थाओं में नियुक्ति सह पदस्थापना की कार्रवाई की जा रही है. साथ ही स्टाफ नर्स ग्रेड ए के 11389 पदों एवं ड्रेसर के 3326 पदों पर नियुक्ति हेतु बिहार तकनीकी सेवा आयोग को अधियाचना भेजी गई है, जिसमें से लिखित परीक्षा संपन्न हो चुका है अनुशंसा प्राप्त होते ही पदस्थापन की जाएगी.
स्वास्थ्य केंद्र के जर्जर भवन को लेकर सरकार की ओर से जो जवाब दिया गया उसे पर असंतोष जताते हुए मैथिली ठाकुर ने कहा की स्वास्थ्य मंत्री उसे दिखवा लें. मैथिलि ठाकुर ने कहा कि, मैं जब छोटी थी उसी समय से स्वास्थ्य व्यवस्था को देख रही हूं. स्वास्थ्य मंत्री गंभीर है, इसलिए मेरा आग्रह है इसे दिखवा लें, क्षेत्र के लोगों को इलाज में सुविधा मिल सके.
'सीधी बात, स्वास्थ्य सुविधा कैशलेस हो'
राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने सदन में कैशलेस सुविधा पर कहा कि, मंत्री की तरफ से कैशलेस का आश्वाशन दिया गया है. लेकिन अभी सरकार की तरफ से जो व्यवस्था है, उसमें बहुत खामियां है. जब हम जांच कराते है तो वहां बहुत सारी रसीद नहीं मिलती है, पैसे देने पर जांच की जाती है. कोई मरीज अस्पताल में दम तोड़ दें, उसके बाद सुविधा मिले, इसका कोई मतलब है. मुख्यमंत्री ने कैशलेस सुविधा की बात की थी, लेकिन इससे वंचित क्यों किया जा रहा है?. कैशलेस सुविधा कई सालों से विचाराधीन है, यह कब तक होगा?.
इस सवाल पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि, सरकार इस बात से सहमत है. लेकिन जो सुविधा अभी हम दे रहे है, वो सुविधा सीजीएचएस में नहीं है. एक मुश्किल यह है कि एडवांस में पैसा देना पड़ता है.
सम्राट चौधरी के जवाब पर राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि, सीधी बात है 'कैशलेस' उसके अलावा कोई डिमांड नहीं, कई बैठक हो चुकी है, घूमाने का काम नहीं किया जाय.
कैशलेस सुविधा पर बीजेपी विधायक जिवेश मिश्र ने भी कहा कि दिल्ली एम्स के एमडी का हस्ताक्षर होने के बाद विधानसभा उसे वेरिफाई करती है, और सदस्यों को परेशान किया जाता है. इसका सरकार को उत्तर देना चाहिए.
स्वास्थ्य सुविधा पर आईपी गुप्ता का सवाल
आईपी गुप्ता बिहार में प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य सुविधा पर होने वाले खर्च को लेकर सवाल पूछा. आईपी गुप्ता ने कहा कि झारखंड और पश्चिम बंगाल से भी प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य पर खर्च बिहार का कम है. बिहार का औसत खर्च 701 रुपए सालाना है, जबकि झारखंड का 1014 और पश्चिम बंगाल का 1346 रुपए है, ऐसा क्यों?.
इस पर सरकार की ओर से प्रभारी मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि, नेशनल हेल्थ प्रोफाइल 2023 में जो आंकड़ा प्रकाशित हुआ है, वह नेशनल हेल्थ एस्टीमेट 2019-20 के आधार पर है, जिसमें बिहार सरकार का खर्च 8477 करोड रुपए दर्शाया गया है, जो 2024- 25 में बढ़कर 15488 करोड़ हो गया है नेशनल हेल्थ प्रोफाइल 2023 के प्रकाशित आंकड़ों में जीएसडीपी का 1.5% पर स्वास्थ्य पर खर्च होता है, जबकि झारखंड का 1.2 फीसदी, पश्चिम बंगाल का 1.1 फीसदी. बिहार सरकार लगातार स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ा रही है.
कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष का हमला
कानून व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष की तरफ से लगातार सरकार को घेरने की कोशिश हो रही है. राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर भी तेजस्वी यादव ने लगातार हो रही दुष्कर्म और हत्या की घटनाओं की चर्चा की और सरकार पर निशाना साधा. हालांकि मुख्यमंत्री ने उसका जवाब भी दिया और बिहार में कानून के राज की बात भी कही. सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास भी हो गया. संख्या बल में विपक्ष इस बार कम है लेकिन इस बार भी कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है.
2:00 बजे से वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा
प्रश्न काल के बाद शून्य काल में सदस्य तात्कालिक विषयों को उठाएंगे और सरकार के संज्ञान में लाएंगे. उसके बाद ध्यान कर्षण में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों की तरफ से प्रश्न पूछे जाएंगे जिसका उत्तर विस्तृत रूप से सरकार देगी. भोजन अवकाश के बाद 2:00 बजे से वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा शुरू होगी. दो दिनों तक चर्चा चलेगी और सरकार का फिर उत्तर होगा. इसके अलावा सरकार अन्य जरूरी कामकाज भी निपटायेगी.
11 बजे शुरू होगी कार्यवाही
आज 11:00 बजे से विधानसभा की कार्यवाही शुरू होगी. प्रश्न काल में ऊर्जा विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, पर्यटन विभाग, योजना एवं विकास विभाग, संसदीय कार्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग और विधि विभाग से संबंधित प्रश्न सदस्य पूछेंगे जिसका उत्तर संबंधित विभाग के मंत्री देंगे.

