दिल्ली विधानसभा शीतकालीन सत्र की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित

Published : January 7, 2026 at 10:00 AM IST
|Updated : January 7, 2026 at 4:02 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी. इसके साथ ही सदन में दो महत्वपूर्ण बिल भी पेश किए जाएंगे. साथ ही कई कैग रिपोर्ट भी सीएम रेखा गुप्ता द्वारा सदन में पेश की जाएंगी. विधानसभा सचिव रंजीत सिंह द्वारा जारी कार्य सूची के अनुसार शुरू होगी, जिसमें प्रश्नकाल से लेकर के विधेयक प्रस्तुति तक कई अहम विषय शामिल होंगे. कार्य सूची के अनुसार बैठक की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी, जिसमें सदस्यों द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्नों के उत्तर दिए जाएंगे. इसके बाद विशेष उल्लेख के तहत नियम 280 के अंतर्गत अध्यक्ष की अनुमति से सदस्यों द्वारा अपने विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मामलों को सदन के पटल पर उठाया जाएगा. फिर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा 31 मार्च 2021 को समाप्त हुए वर्ष के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार से संबंधित कैग रिपोर्ट पेश की जाएगी.
साथ ही 31 मार्च 2020-2021 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए दिल्ली सरकारी संबंधी राजस्व, आर्थिक सामाजिक और सामान्य क्षेत्र उपकरणों पर कैग रिपोर्ट पेश की जाएगी. इसके साथ ही दिल्ली सरकार से संबंधित विशेष देखभाल और सुरक्षा की आवश्यकता वाले बच्चों के निष्पादन से संबंधित वर्ष 2023 की कैग रिपोर्ट भी पेश की जाएगी. 31 मार्च 2022 को समाप्त हुए वर्ष के लिए भी दिल्ली सरकार से सम्बंधित राज्य वित्त लेखा परीक्षा की कैग रिपोर्ट भी पेश की जाएगी. 31 मार्च 2023 को समाप्त हुए वित्त वर्ष से संबंधित और 2024 की कैग रिपोर्ट भी पेश की जाएगी. 31 मार्च 2022 को समाप्त हुए वर्ष के लिए दिल्ली सरकार से संबंधित 2024 की कैग रिपोर्ट संख्या 5 पेश की जाएगी. वहीं, 31 मार्च 2022 को समाप्त हुए वर्ष के लिए जल बोर्ड से संबंधित कैग रिपोर्ट भी पेश की जाएगी. इस तरह सरकार आज कुल 7 कैग रिपोर्ट पेश करने की तैयारी में रहेगी. इसके बाद विधायी कार्य मंत्री प्रवेश साहिब सिंह द्वारा दिल्ली जनविश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक 2026 को सदन के पटल पर रखेंगे. इसके साथ ही श्रम मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा दिल्ली दुकान और प्रतिष्ठा संशोधन विधेयक 2026 को भी सदन के पटल पर रखा जाएगा.
इसके अलावा मंगलवार को सदन में पेश की गई कार्य मंत्रणा समिति और विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट की सहमति से सदन को अवगत कराया जाएगा. इसके अलावा विधायक अजय महावर और अभय वर्मा द्वारा लोक लेखा समिति की रिपोर्ट भी पेश की जाएगी. जबकि पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा द्वारा पर्यावरण की वर्तमान स्थिति तथा प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे प्रमुख कदमों के संबंध में अपना वक्तव्य भी देंगे. वहीं, शिक्षा मंत्री आशीष सूद राष्ट्रगीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के संबंध में वक्तव्य देंगे. विधायक अनिल शर्मा द्वारा अटल कैंटीन योजना के सफल के क्रियान्वयन पर दिल्ली सरकार को बधाई दी जाएगी.
अंत में उपराज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर मंत्री रविंद्र सिंह इन्द्राज द्वारा चर्चा जारी रहेगी. कुल मिलाकर बुधवार को होने वाला विधानसभा सत्र नीतिगत फैसलों और जनहित के मुद्दों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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AAP के सदन से निलंबित चार विधायकों को परिसर के बाहर रोका गया, धरना देकर दो घंटे बाद वापस लौटे
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन आप के सदन से तीन दिन के लिए निष्कात विधायक भी विधानसभा जाने के लिए पहुंचे. लेकिन, उनको विधानसभा परिसर के बाहर ही रोक दिया गया. विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि हम विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय में जाने के लिए आए थे. लेकिन हमको परिसर के बाहर ही रोड पर ही रोक दिया गया है. आप के चार विधायकों कुलदीप कुमार, सोमदत्त, संजीव झा और जरनैल सिंह को सत्र के पहले दिन उपराज्यपाल के अभिभाषण में व्यवधान पहुंचाने के कारण 3 दिन के लिए सदन से निलंबित किया गया है.
आप विधायकों को विधानसभा परिसर के बाहर रोका गया
आप के सदन से तीन दिन के लिए निष्काशित विधायक संजीव झा, कुलदीप कुमार और विधायक जरनैल सिंह को विधानसभा परिसर के बाहर ही रोका गया. बता देंगे चार विधायकों कुलदीप कुमार, सोमदत्त, संजीव झा और जरनैल सिंह को सत्र के पहले दिन उपराज्यपाल के अभिभाषण में व्यवधान पहुंचाने के कारण 3 दिन के लिए सदन से निलंबित किया गया था. आज यह विधायक विधानसभा परिषद स्थित अपने कार्यालय में जाने के लिए आए थे लेकिन इनको परिसर के बाहर ही रोक दिया गया. विधानसभा अध्यक्ष का कहना है कि नियम के अनुसार निष्कर्ष का मतलब परिसर के बाहर ही होता है. जबकि विधायकों का कहना है कि सदन से निष्कासन का मतलब विधानसभा परिसर से बाहर करना नहीं होता है हमें अपने ऑफिस में जाने का अधिकार है लेकिन हमें रोड पर ही रोक दिया गया

विधानसभा की कार्यवाही 30 मिनट के लिए स्थगित
भारी हंगामे के चलते विधासनभा को 30 मिनट के लिए स्थगित किया गया.

सदन में हंगामा जारी
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के कहने पर भी शांत नहीं हो रहे भाजपा विधायक. विधानसभा अध्यक्ष का कहना है पूरे मामले का अध्ययन करके हम उस पर निंदा प्रस्ताव लाएंगे लेकिन भाजपा विधायक अध्यक्ष की बात सुनने को तैयार नहीं.
विधानसभा बीजेपी विधायकों का प्रदर्शन
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी द्वारा कल शहीदी दिवस की चर्चा के समय की गई टिप्पणी को लेकर भाजपा विधायकों का हंगामा. आतिशी से माफी मांगने की मांग को लेकर के भाजपा विधायक कर रहे हैं विधानसभा में प्रदर्शन.

