यूपी में रंगों का त्योहार; बनारस में मुस्लिम महिलाओं, कानपुर में बुजुर्गों ने खेली होली

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 2, 2026 at 3:19 PM IST
|Updated : March 2, 2026 at 7:13 PM IST
मथुरा: भगवान श्री कृष्ण की नगरी में इन दिनों होली का रंगोत्सव पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. ब्रज की होली के अनेक रंग हर रोज भक्तों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं.सोमवार को वृंदावन के प्राचीन गोपीनाथ मंदिर परिसर में निराश्रित माताओं ने अपार खुशी के साथ होली खेली. रसिया गीतों की धुन पर ये माताएं जमकर नाचीं और एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाया.
सुलभ इंटरनेशनल संस्था का प्रयास: इंटरनेशनल सुलभ संस्था के माध्यम से हर साल इन माताओं के जीवन में खुशियों के रंग भरने का प्रयास किया जाता है. संस्था द्वारा होली, दिवाली और रक्षाबंधन जैसे त्योहारों को भव्यता के साथ आयोजित किया जाता है. 'सब जग होरी, ब्रज होरा' की कहावत को चरितार्थ करते हुए ब्रज के कण-कण में उत्साह व्याप्त है. दूर-दराज से आए श्रद्धालु भी इन मंदिरों में होली के इस अनोखे आनंद का हिस्सा बन रहे हैं.
समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की अनूठी पहल: सोमवार को गोपीनाथ मंदिर में फूलों और रंगों की होली के बीच माताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था. वे रसिया गीतों पर थिरकती हुई दिखाई दीं और समाज को भक्ति व प्रेम का संदेश दिया. दरअसल, सुलभ इंटरनेशनल का मुख्य उद्देश्य इन निराश्रित माताओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है. अपनों से दूर रह रही इन माताओं के लिए यह पर्व किसी उत्सव से कम नहीं था.
अनोखे अंदाज में मनाया गया रंगों का उत्सव: होली का यह रंगोत्सव बेहद अनोखे और भावुक अंदाज में संपन्न हुआ. माताओं ने न केवल गुलाल उड़ाया, बल्कि कान्हा की भक्ति में डूबकर अपनी सुध-बुध खो दी. ब्रज मंडल के मंदिरों में हर दिन होली के नए स्वरूप देखने को मिल रहे हैं. यह आयोजन न केवल धार्मिक परंपरा का हिस्सा है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी गहराई से छूता है.
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बरेली में जमकर खेली गयी होली, हुरियारों की टोली ने पंप से की रंगों की बौछार
बरेली: शहर में लोगों ने छतों से गुलाल और फूलों की वर्षा की. वहीं ट्रैक्टर-ठेलों में भरे रंगों से हुरियारों ने पंप के जरिये रंगों की बौछार की. बैंड-बाजा और डीजे पर बजते होली गीतों पर लोग झूमते नजर आए. प्रवक्ता विशाल मेहरोत्रा ने बताया कि चंद्र ग्रहण के कारण श्री नरसिंह भगवान की शोभायात्रा अब बुधवार को निकाली जाएगी.

कानपुर के वृद्ध आश्रम में पहुंचे छात्र और शिक्षक; होली खेलकर बुजुर्गों के चेहरे खिले
कानपुर: शहर के पनकी क्षेत्र में स्थित स्वराज वृद्ध आश्रम में आईआईटी की कोचिंग से जुड़े शिक्षकों और छात्रों ने पहुंचकर बुजुर्गों के साथ होली खेली. आश्रम का आंगन उस समय रंगों से सराबोर हो उठा जब युवाओं की टोली हाथ में गुलाल और मिठाइयां लेकर पहुंची. छात्रों ने बुजुर्गों के साथ जमकर होली खेली, उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया और उन्हें उपहार दिए सालों बाद अपने बीच इस तरह का उत्साह और अपनापन देखकर कई बुजुर्गों की आंखें नम हो गईं. शिक्षक आशिष श्रीवास्तव ने कहा कि यह आयोजन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक भावनात्मक जुड़ाव है.

मेरठ में 4 मार्च को शाम 5 बजे से चलेगी मेट्रो, होली को लेकर किया गया बदलाव
मेरठ: होली के दिन यानी 4 मार्च को नमो भारत और मेरठ मेट्रो की सेवाएं यात्रियों के लिए शाम 5 बजे से शुरू होंगी. NCRTC के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने कहा कि होली के त्योहार की वजह से 4 मार्च को शाम 5 बजे तक नमो भारत और मेट्रो का संचालन नहीं होगा. परिवहन निगम के मेरठ क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक संदीप नायक का कहना है कि यूपी परिवहन निगम के चालक- परिचालक नियमित यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए तैनात हैं. ऐसे में यात्रियों को कोई परेशानी न हो इसको लेकर परिवहन निगम ने विशेष इंतजाम किये हैं.

बनारस में मुस्लिम महिलाओं ने खेली होली, काशी से लेकर काबा तक दिया एकता का पैगाम
वाराणसी: वाराणसी के लमही स्थित विशाल भारत संस्थान में बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाओं ने होली के पारंपरिक गीत गाए. इस खास मौके पर महिलाओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाया और फूलों की वर्षा कर होली का त्यौहार मनाया. मुस्लिम महिलाओं ने कहा कि वे मध्य एशिया के देशों में बढ़ती कट्टरता और अशांति को देख रही हैं. वहां कोई एक-दूसरे का साथ नहीं दे रहा है, जिससे समाज में असुरक्षा फैल रही है.
विश्व शांति और भाईचारे का अनूठा संदेश: इन महिलाओं ने विश्व शांति की कामना के साथ समाज को एकता और भाईचारे का संदेश दिया है. उन्होंने गर्व से कहा कि वे सनातनी मुसलमान हैं और भारतीय संस्कृति को पूरी श्रद्धा के साथ लेकर चलती हैं. उनका मानना है कि भारतीय संस्कृति हिंसा नहीं, बल्कि आपसी एकता और प्रेम का संदेश देती है. उत्सव के दौरान महिलाएं विभिन्न प्रकार के मधुर होली गीत गाकर अपनी खुशी का इजहार कर रही थीं.
भारतीय संस्कृति और मर्यादा पुरुषोत्तम के आदर्श: विशाल भारत संस्थान के संयोजक प्रोफेसर राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि दुनिया को शांति की सीख भारत से लेने की जरूरत है. हमारी भारतीय संस्कृति और प्रभु श्री राम इस बात के परिचायक हैं कि शांति और सद्भाव के साथ ही आगे बढ़ना संभव है. वर्तमान समय में दुनिया के विभिन्न हिस्सों में हो रहे युद्ध और विद्रोह की तस्वीरें समाज को तोड़ने वाली हैं. ऐसे में बनारस की हिंदू-मुस्लिम महिलाओं ने एक साथ होली खेलकर एकता की मिसाल पेश की है.
काशी से काबा तक एकता का पैगाम: होली में शामिल धर्मगुरु पंडित रिंकू मिश्रा ने कहा कि इन महिलाओं के प्रयासों से काशी से काबा तक एकता का संदेश गया है. यही हमारी साझा संस्कृति की सबसे बड़ी खूबसूरती और ताकत है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत हमेशा हिंसा करने वाले देशों से शांति की अपील करता रहेगा. आज का यह आयोजन केवल रंगों का मेल नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने वाला एक ऐतिहासिक कदम है.

