बिहार मैट्रिक परीक्षा : सेंटर के अंदर से हुआ 'Facebook Live' वायरल, परीक्षा केन्द्र के अंदर कैसे पहुंचा मोबाइल?

Published : February 17, 2026 at 10:24 AM IST
|Updated : February 17, 2026 at 11:34 AM IST
पटना: बिहार में आज 17 फरवरी 2026 से मैट्रिक (कक्षा 10वीं) की वार्षिक परीक्षा 2026 शुरू हो गई है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा आयोजित इस परीक्षा में राज्य भर के कुल 15,12,687 परीक्षार्थी दो पालियों में 1,699 परीक्षा केंद्रों पर शामिल होंगे, जिसमें 7,85,722 छात्राएं और 7,26,961 छात्र हैं. इस बार छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है, जिसे बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने राज्य सरकार की बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने वाली विभिन्न योजनाओं का सकारात्मक परिणाम बताया है. यह प्रवृत्ति शिक्षा में लड़कियों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है और परीक्षा कदाचार मुक्त व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सख्त व्यवस्थाएं की गई हैं.
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बक्सर में 8 फीट दीवार फांदकर छात्रा ने किया प्रवेश
बक्सर में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार परीक्षा प्रारंभ होने से आधा घंटा पूर्व मुख्य द्वार बंद कर दिया जाता है. इसी नियम के तहत जब छात्रा एक मिनट देरी से पहुंची तो मुख्य द्वार नहीं खोला गया. परिजन द्वारा काफी अनुरोध के बावजूद प्रवेश नहीं मिलने पर छात्रा ने परीक्षा छूटने के डर से दीवार फांदकर अंदर प्रवेश किया. परीक्षार्थियों को जूता-मोजा पहनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं है. परीक्षा केन्द्र पर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, पेजर, स्मार्ट वॉच, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, व्हाइटनर और इरेजर जैसे सभी इलेक्ट्रॉनिक व संदिग्ध सामग्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है. परीक्षा केंद्रों पर दो स्तर की फ्रिस्किंग व्यवस्था की गई है, जबकि महिला परीक्षार्थियों के लिए महिला वीक्षक और केंद्राधीक्षक की तैनाती अनिवार्य की गई है.
बेतिया में 4 आदर्श परीक्षा केन्द्र
बेतिया जिले में चार परीक्षा केंद्रों को आदर्श घोषित किया गया. आदर्श परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा को लेकर बेहतर तैयारी की गई है. इन परीक्षा केंद्रों को दुल्हन की तरह सजाया गया है. आदर्श परीक्षा केंद्रों पर गुब्बारे व फूलों से सजावट की गई है. मेन गेट को तोड़न द्वार के रूप में विकसित किया गया है. अंदर के कैंपस में टेंट व डेकोरेशन किया गया है. इन केंद्रों पर परीक्षार्थी से लेकर वीक्षक तक सभी महिलाएं होंगी. परीक्षार्थी का स्वागत टाफी या गुलाब के फूल से केंद्र अधीक्षक करेंगी, जिसमें बेतिया में विपिन हाई स्कूल व संत तेरेसा बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केंद्र शामिल है. वहीं बगहा में पंडित उमाशंकर तिवारी महिला कॉलेज तथा नरकटियागंज में सेंट्रल स्कूल को आदर्श परीक्षा केंद्र बनाया गया है.

मैट्रिक एग्जाम, 1 घंटे पहले सेंटर आना होगा
मैट्रिक की परीक्षा 25 फरवरी तक दो पालियों में आयोजित होगी, जिसमें पहली पाली सुबह 9.30 बजे से 12.45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2.00 बजे से 5.15 बजे तक चलेगी. परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले तक परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर लेना आवश्यक है. देर से आने वाले परीक्षार्थी को उस पाली की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जायेगी. प्रथम पाली के परीक्षार्थी को परीक्षा शुरू होने के समय 9:30 बजे से 30 मिनट पहले अर्थात नौ बजे तक व दूसरी पाली के परीक्षार्थी को दो बजे से 30 मिनट पहले यानी 1:30 बजे तक ही परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति दी जायेगी. इसके बाद विलंब से आने वाले परीक्षार्थी को परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी. पहली पाली के लिए केंद्र के अंदर 8:30 बजे से प्रवेश शुरू हो जएगा.

सेंटर के अंदर से हुआ 'Facebook Live' वायरल
बिहार बोर्ड के नियमों के मुताबिक सेंटर के अंदर मोबाइल फोन पर पूरी तरह से प्रतिबंधित है. लेकिन मंगलवार को सिवान जिले के गोरखनाथ आईटीआई कॉलेज सेंटर के अंदर से फेसबुक लाइव किए जाने का मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. घटना की जानकारी मिलने के बाद महाराजगंज एसडीओ ने जांच के बाद दोषियों के खिलाई कार्रवाई की बात कही है.
मसौढ़ी में सिर्फ लड़कियों के लिए 6 परिक्षा केंद्र
पहले पाली में हिंदी विषय की परीक्षा हो रही है. ऐसे में मसौढी अनुमंडल में छह परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं जो सिर्फ लड़कियों के लिए ही परीक्षा केंद्र हैं. जहां 4697 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे. अनुमंडल पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने निर्देश देते हुए कहा है कि सभी परीक्षार्थी समय से पहले एक घंटा पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंच जाएं. इसके अलावा उन्होंने कहा है की दीवार फांदकर कर परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने वाले और हंगामा करने वाले परीक्षार्थियों को 2 साल के लिए निष्कासित कर दिया जाएगा. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के परीक्षा संचालन में कदाचार मुक्त दावों के साथ जीरो टोलेरेंस की नीति अपनाई गई है. इसके अलावा उन्होंने बताया की कोई भी वीक्षक मोबाइल लेकर प्रवेश नहीं करेंगे, सिर्फ सेंटर सुपरिंटेंडेंट ही मोबाइल रखेंगे. वहीं सभी परीक्षार्थियों को जूता मौजा पहनकर परीक्षा केंद्र में जाने की पाबंदी लगाई गई है.

CCTV से परीक्षा केन्द्र की निगरानी
मैट्रिका परीक्षा को कदाचारमुक्त बनाने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है. इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर वीडियोग्राफी की व्यवस्था भी की गई है. परीक्षार्थियों की तीन-स्तरीय तलाशी ली जा रही है. प्रवेश द्वार पर ही सघन जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है. महिला परीक्षार्थियों की तलाशी के लिए महिला केंद्राधीक्षक और महिला वीक्षकों की तैनाती की गई है. निर्देश के अनुसार, जूता-मोजा पहनकर आने वाले परीक्षार्थियों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है, सभी को चप्पल पहनकर ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना अनिवार्य है. परीक्षा संचालन के लिए सभी केंद्रों पर जोनल, सब-जोनल और सुपर जोनल स्तर पर मजिस्ट्रेटों की प्रतिनियुक्ति की गई है. इसके अलावा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई है. चापमान राजकीय बालिका इंटर स्तरीय विद्यालय के वीक्षक मृत्युंजय कुमार ने बताया कि परीक्षा समिति के निर्देशों के अनुसार पूरी सतर्कता और पारदर्शिता के साथ परीक्षा संपन्न कराई जा रही है.
मुजफ्फरपुर में तिलक से परीक्षार्थियों का स्वागत
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के आंकड़ों के अनुसार, मुजफ्फरपुर जिले में कुल 82 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जा रही है, जिसमें कुल 67,297 परीक्षार्थी शामिल हैं. इनमें 30,944 छात्र और 36,353 छात्राएं परीक्षा दे रही हैं. मुजफ्फरपुर के मॉडल परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों का टीका-तिलक लगाकर और चॉकलेट देकर स्वागत किया गया, जिससे छात्र-छात्राओं में उत्साह देखने को मिला.


