अब नहीं उठाने पड़ेंगे भारी लोहे के गैस सिलेंडर... बाजार में आया हल्का और सेफ फाइबर सिलेंडर
भिवानी में अब रसोई गैस उपभोक्ता हल्का फाइबर वाला गैस सिलेंडर ले सकते हैं. अधिक जानकारी के लिए आगे पढ़ें...

Published : December 12, 2025 at 4:12 PM IST
भिवानी: अब रसोई गैस उपभोक्ताओं को भारी-भरकम लोहे के सिलेंडर को उठाने की परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी. भारत गैस ने आधुनिक तकनीक से बने हल्के और पारदर्शी फाइबर कंपोजिट सिलेंडर की शुरुआत कर दी है. पहले जहां भरा हुआ लोहे का सिलेंडर लगभग 30 किलो का होता था, वहीं नया कंपोजिट सिलेंडर करीब 15 किलो का है, जिसमें 10 किलो गैस भरी जाती है. इससे इसे उठाना, इधर-उधर ले जाना और संभालना बेहद आसान हो गया है.
रसोई में नहीं दिखेंगे फर्श के निशान और जंग: फाइबर सिलेंडर का वजन कम होने के साथ-साथ इसका डिजाइन भी आधुनिक है. फाइबर और पॉलिमर से बना होने के कारण यह न तो जंग खाता है और न ही फर्श पर निशान छोड़ता है. इसका एक बड़ा फायदा यह है कि इसे बच्चे और बुजुर्ग भी आसानी से उठा सकते हैं. भारी लोहे के सिलेंडरों के दिन अब खत्म होने वाले हैं और उपभोक्ताओं के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है.
तीन-परत सुरक्षा तकनीक से बना हाई-टेक सिलेंडर: इस बारे में एजेंसी संचालक हंसराज ने कहा कि, "यह नया कंपोजिट सिलेंडर वजन में हल्का और सुरक्षा के लिहाज से पुराने सिलेंडरों से कई गुना बेहतर है. यह तीन-परत सुरक्षा तकनीक से बना है. अंदर हाई-डेंसिटी पॉलीइथाइलीन, बीच में फाइबरग्लास और बाहर मजबूत प्लास्टिक की परत होती है. इसका वजन लगभग आधा है, जिससे महिलाएं और बुजुर्ग भी आसानी से उठा सकते हैं. पारदर्शी हिस्सा गैस लेवल देखने में मदद करता है. आग लगने की स्थिति में यह सिलेंडर फटता नहीं, बल्कि धीरे-धीरे पिघल जाता है. 10 किलो वाले सिलेंडर की सिक्योरिटी राशि 2500 रुपये है, जबकि पुराने सिलेंडर को सरेंडर करने पर केवल 300 रुपये में नया सिलेंडर लिया जा सकता है."
लोहे के सिलेंडर की तुलना में दोगुनी सुरक्षा: लोहे के सिलेंडर में आग लगने पर उसके फटने का खतरा रहता था, लेकिन फाइबर ग्लास और पॉलीमर से बना यह सिलेंडर ऐसी स्थिति में फटता नहीं, बल्कि धीरे-धीरे पिघलने लगता है. इससे घर की सुरक्षा काफी बढ़ जाती है. इसके अलावा जंग न लगने के कारण यह ज्यादा टिकाऊ भी है.
स्वैपिंग योजना के तहत मिल रहा नया सिलेंडर: यह नया सिलेंडर 10 किलो कैटेगरी में उपलब्ध है. इसकी सिक्योरिटी राशि 2500 रुपये रखी गई है. जिन उपभोक्ताओं के पास पुराना लोहे का सिलेंडर है, वे इसे एजेंसी पर सरेंडर करके मात्र 300 रुपये की सिक्योरिटी राशि देकर नया कंपोजिट सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं. भिवानी में इसके लिए विशेष स्वैपिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया.
पारदर्शी हिस्सा बताएगा सिलेंडर में बची गैस: गैस उपभोक्ता महाबीर जांगड़ा ने कहा, "यह नया फाइबर सिलेंडर हमारे जैसे उपभोक्ताओं के लिए बहुत फायदेमंद है. इसे उठाना आसान है और पारदर्शी होने की वजह से गैस कितनी बची है, यह भी तुरंत पता चल जाता है." उपभोक्ता प्रदीप रंगा ने कहा, “भारी लोहे के सिलेंडर के कारण पहले घर में काफी परेशानी होती थी. यह कंपोजिट सिलेंडर हल्का है और इससे फर्श खराब होने का खतरा भी खत्म हो जाएगा. यह बदलाव बेहद उपयोगी है.”
उपभोक्ताओं ने बताया बेहद उपयोगी:उपभोक्ता अंजू ने कहा, "नए सिलेंडर की सबसे बड़ी सुविधा यह है कि गैस लेवल साफ दिखाई देता है. अब अचानक गैस खत्म होने की समस्या नहीं होगी और समय पर सिलेंडर बुक करवाया जा सकेगा." वहीं, पूनम ने कहा, "यह सिलेंडर ज्यादा सुरक्षित, सुंदर और आधुनिक है. इसे इधर-उधर ले जाने में बिल्कुल भी परेशानी नहीं होती. हमारे लिए यह बेहद लाभदायक बदलाव है.”

