दिल्ली-NCR में मानसून की 'लुका-छिपी': बादलों का डेरा, फिर भी उमस से बेहाल दिल्लीवासी
विभाग के मुताबिक, दिनभर तेज रफ्तार हवाओं के साथ हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा की संभावना है.


Published : July 7, 2026 at 7:37 AM IST
नई दिल्ली: दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों (एनसीआर) में मानसून का आगमन तो हो चुका है, लेकिन झमाझम बारिश का इंतजार अब भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. आसमान में घने बादलों की आवाजाही लगातार बनी हुई है, लेकिन बरसने के मामले में मानसून की चाल काफी सुस्त है. अधिकांश इलाकों में केवल छिटपुट या हल्की फुहारों ने ही लोगों को निराश किया है. नतीजा यह है कि दिल्लीवासी अब भी उमस भरी चिपचिपी गर्मी से जूझने को मजबूर हैं.
तापमान में बढ़ोतरी से परेशानी
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री अधिक रहा. वहीं, न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.9 डिग्री कम है. तापमान का आंकड़ा बहुत अधिक न होने के बावजूद हवा में मौजूद नमी के कारण हीट इंडेक्स (महसूस होने वाली गर्मी) काफी ज्यादा है, जिससे लोग काफी परेशान हैं.
राहत की उम्मीद : इस हफ्ते मिलेगी कूल-कूल राहत
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राजधानी दिल्ली के लिए आज मंगलवार को भी पूर्वानुमान जारी किया है. विभाग के मुताबिक, दिनभर तेज रफ्तार हवाओं के साथ हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा की संभावना है. हालांकि, यह बारिश छिटपुट रहेगी या अच्छी होगी, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने के आसार हैं. दिल्ली में 8 जुलाई को अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस और 10 जुलाई तक इसके गिरकर 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. पूरे सप्ताह रुक-रुक कर होने वाली बारिश के कारण तापमान में गिरावट आएगी और मौसम के खुशनुमा व 'कूल-कूल' बने रहने की उम्मीद है.
वायु गुणवत्ता में सुधार, AQI संतोषजनक श्रेणी में
बारिश के इंतजार के बीच एक अच्छी खबर यह है कि दिल्ली-एनसीआर की हवा अब भी सांस लेने योग्य है. केंद्रीय प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 88 अंक दर्ज किया गया, जो संतोषजनक श्रेणी में आता है. राजधानी के अधिकांश इलाकों में AQI का स्तर 100 से नीचे बना हुआ है. हालांकि, कुछ चुनिंदा इलाकों में यह स्तर 100 से 200 के बीच यानी 'मध्यम' श्रेणी में दर्ज किया गया है. हवा की गति अच्छी रहने के कारण प्रदूषण के कणों का जमाव नहीं हो पा रहा है, जिससे वातावरण स्वच्छ बना हुआ है. अब दिल्लीवासियों को केवल मानसून की सक्रियता का इंतजार है, ताकि उमस से पूरी तरह राहत मिल सके और दिल्ली का मौसम पूरी तरह से बारिश के रंग में ढल जाए.
एनसीआर के शहरों में भी स्थिति काफी बेहतर है.
| गुरुग्राम | 83 (संतोषजनक) |
| फरीदाबाद | 98 (संतोषजनक) |
| ग्रेटर नोएडा | 92 (संतोषजनक) |
| नोएडा | 97 (संतोषजनक) |
| गाजियाबाद | 95 (संतोषजनक) |
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