नक्सलवाद के साये से विकास की रोशनी तक, रायपुर AIIMS के मंच से उपराष्ट्रपति का छत्तीसगढ़ को संदेश
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रायपुर में कहा कि छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के खात्मे के बाद विकास के पथ पर है. प्रवीण कुमार सिंह की रिपोर्ट

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : September 2, 2026 at 8:00 PM IST
रायपुर: छत्तीसगढ़ की बदलती तस्वीर और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की कहानी आज रायपुर एम्स के मंच पर साफ दिखाई दी. उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने तीसरे दीक्षांत समारोह में मेधावी छात्रों को सम्मानित किया. उन्होंने कहा कि एम्स रायपुर सिर्फ एक संस्थान नहीं, बल्कि नए भारत और नए छत्तीसगढ़ के बदलाव का प्रतीक बन चुका है
छात्रों के लिए नई जिम्मेदारियों का संदेश
एक दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंचे उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एम्स रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में शिरकत की। इस दौरान विभिन्न चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विज्ञान पाठ्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले विद्यार्थियों को 689 डिग्री प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जबकि उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले 16 विद्यार्थियों को पुरस्कारों से सम्मानित किया गया. मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक और प्रमाण-पत्र भी दिए गए.


दीक्षांत समारोह जश्न के साथ बड़ी जिम्मेदारी का पल
छात्रों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल सफलता का उत्सव नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारियों की शुरुआत भी है. उन्होंने कहा कि एम्स रायपुर का विकास, छत्तीसगढ़ और पूरे भारत में हो रहे बदलाव का प्रतिबिंब है. एडवांस्ड हेल्थकेयर, रिसर्च और अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में एम्स रायपुर की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने राज्य के पहले स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया.


जहां कभी हिंसा थी, वहां आज हो रहा विकास
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की चुनौती पर बात करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि राज्य अब डर और अभाव के अतीत से निकलकर शांति, तरक्की और अवसरों की ओर बढ़ रहा है. जिन इलाकों में कभी हिंसा का बोलबाला था, वहां आज सड़कें, स्कूल, अस्पताल, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने इस बदलाव के लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रभावी सुरक्षा उपायों को अहम बताया.
माननीय उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन की गरिमामयी उपस्थिति में AIIMS रायपुर का तीसरा दीक्षांत समारोह सम्पन्न हुआ। 689 डिग्री प्रमाण-पत्र एवं 16 उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए गए। यह उपलब्धि संस्थान के लिए गौरव का क्षण रही। @MoHFW_INDIA @AIIMS pic.twitter.com/tSzS1h5xHE
— AIIMS, Raipur, CG (@aiims_rpr) September 2, 2026
"पहले लोग एम्स तक पहुंचते थे, अब एम्स लोगों तक पहुंच रहा है"
उपराष्ट्रपति ने कहा कि पहले लोग इलाज के लिए एम्स तक पहुंचने की कोशिश करते थे, लेकिन अब देश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार इस तरह हुआ है कि एम्स लोगों तक पहुंच रहा है. उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों के दौरान हुए विस्तार का भी उल्लेख किया और युवाओं से नशीली दवाओं से दूर रहने की अपील की.

मरीजों के लिए सहानुभूति रखें- अनुप्रिया पटेल
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि एम्स रायपुर लोगों की उम्मीदों पर खरा उतर रहा है। उन्होंने अंग प्रत्यारोपण, स्वास्थ्य सेवाओं और विशेष रूप से सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन में संस्थान की भूमिका की सराहना की. उन्होंने कहा कि डॉक्टर बनने जा रहे युवाओं को एक मजबूत और स्वस्थ भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी. साथ ही, मरीजों के उपचार में सहानुभूति को भी उतना ही जरूरी बताया और AI साक्षरता पर जोर दिया.
राज्यपाल ने गोल्डन आवर का बताया महत्व
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि डॉक्टरों का हर फैसला लोगों के जीवन पर लंबे समय तक असर डाल सकता है. उन्होंने जान बचाने में गोल्डन आवर के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि एम्स रायपुर की सुविधाओं का लाभ सिर्फ रायपुर और छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों के मरीजों को भी मिल रहा है. उन्होंने तेजी से बदलती स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ चिकित्सा जगत को भी खुद को लगातार अपडेट करने की जरूरत बताई.

देशभर में पहचान बना रहा AIIMS रायपुर
समारोह में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, एम्स रायपुर के प्रेसिडेंट प्रोफेसर डॉ. संजीव हांडा और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.
एम्स रायपुर का तीसरा दीक्षांत समारोह सिर्फ 689 विद्यार्थियों की शैक्षणिक सफलता का उत्सव नहीं रहा, बल्कि यह नए छत्तीसगढ़ की बदलती तस्वीर का भी संदेश लेकर आया. नक्सलवाद से विकास तक और इलाज की जरूरत से आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं तक छत्तीसगढ़ में विकास तेजी से हो रहा है.

