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हमीरपुर में पिता-पुत्र समेत परिवार के पांच सदस्यों को आजीवन कारावास, हत्या मामले में पांच साल बाद आया फैसला

घटना 27 नवंबर 2021 की है. खेत में बने मकान में पशुओं की देखभाल करते समय तीन भाइयों पर किया था हमला.

दोषियों को जेल ले जाती पुलिस.
दोषियों को जेल ले जाती पुलिस. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : February 24, 2026 at 10:38 PM IST

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हमीरपुर : राठ कोतवाली क्षेत्र के मवई गांव में वर्ष 2021 में हुई हत्या के मामले में डकैती कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार की अदालत ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाया. एक ही परिवार के पिता-पुत्र समेत पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. सभी दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है.

अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता मणिकर्ण शुक्ल और सुभाष कुमार श्रीवास्तव ने बताया, 27 नवंबर 2021 को मवई गांव में हुए हमले में अर्जुन की मौत हो गई थी, जबकि उसके दो भाई गंभीर रूप से घायल हुए थे. मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने धीरेंद्र, वीर सिंह, राम किशोरी, रामभरत और शत्रुघन को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई. जुर्माना न देने पर एक वर्ष अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा.

अदालत ने पांचों दोषियों को 10-10 वर्ष की सजा व दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया, जबकि धारा 147, 148, 504 और 506 में अलग-अलग दो-दो वर्ष की सजा भी सुनाई है. सभी धाराओं में अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया है.

21 फरवरी को दोषी करार : विशेष न्यायाधीश ने 21 फरवरी 2026 को सुनवाई के दौरान साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर पांचों आरोपियों को हत्या, जान से मारने के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में दोषी करार दिया था. वहीं आरोपित सम्पत रानी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया. मुकदमे के दौरान एक आरोपी अरविंद की मृत्यु हो चुकी है.

खेत पर हमला, इलाज के दौरान हुई थी मौत : मामले में वादी चंद्रकरन ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया था कि 27 नवंबर 2021 को उसके भाई अर्जुन, सरोवर और धर्मपाल खेत पर बने मकान में पशुओं की देखभाल कर रहे थे. इसी दौरान गांव के ही आरोपियों ने हंसिया और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिसमें तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए.

सात के खिलाफ दर्ज हुआ था केस : घायलों को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर रेफर किया गया. अर्जुन को राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई ले जाते समय मौत हो गई, जबकि अन्य घायलों का झांसी में इलाज कराया गया. पुलिस ने शिकायत के आधार पर 28 नवंबर 2021 को सात नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था. करीब पांच साल चली सुनवाई के बाद अदालत ने मामले में अंतिम फैसला सुनाया.

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