सल्ट तड़म गांव में पिंजरे में कैंद हुआ तेंदुआ, गौला बैराज CCTV में भी कैद चहलकदमी
पहाड़ी इलाकों में जंगली जानवर आबादी वाले इलाकों की ओर रुक कर रहे हैं. वन विभाग उन्हें रोकने की कोशिशें कर रहे हैं.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : April 19, 2026 at 1:56 PM IST
हल्द्वानी/अल्मोड़ा: उत्तराखंड में जंगली जानवरों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है. आये दिन मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं सुनने को मिल रही हैं. काठगोदाम गोलाबैराज क्षेत्र में बाघ देखने को मिला. सीसीटीवी फुटेज में बाघ एक कुत्ते को उठाकर ले जाता दिखा. जिससे इलाके में दहशत फैल गई है. लोगों ने वन विभाग से पिंजरा लगाकर बाघ को पकड़ने की मांग की है.
मामला 16 अप्रैल की रात का है. इस दिन गौला बैराज कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों में बाघ साफ तौर पर कैद हुआ. जिसमें वह एक कुत्ते को अपने जबड़े में दबाकर ले जाता दिखाई दे रहा है. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं. स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी कई बार क्षेत्र में गुलदार की चहलकदमी देखी जा चुकी है. बीते महीनों में कई पालतू जानवरों के शिकार की घटनाएं सामने आई थीं. जिससे लोगों में पहले से ही भय का माहौल बना हुआ था. अब बाघ की मौजूदगी ने इस डर को और बढ़ा दिया है. इलाके के लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाए. आरओ नैनीताल नितिन पंत ने बताया जिस क्षेत्र में बाघ की मूमेंट है वहां ट्रैप कैमरा लगाया जाएगा.
वहीं, अल्मोड़ा सल्ट ब्लॉक के तड़म गांव में पिछले कई महीनों से तेंदुए का आतंक है. तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की ओर से पिंजरा लगाया गया. शनिवार को एक तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया. जिसे वन विभाग ने अल्मोड़ा रेस्क्यू सेंटर भेजा है. तड़म गांव में कुछ समय पहले तेंदुए ने गांव के एक बुजुर्ग खीम सिंह पर हमला कर उसे मार डाला था. उसके बाद एक घटना और हुई जिसमें कुछ माह पूर्व इसी क्षेत्र के खोल्यो क्यारी गांव में तेंदुए ने एक बुजुर्ग महिला को अपना निवाला बना दिया था.

