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कैमरा ट्रैप-ड्रोन व पैरों के निशान, तीन दिन की मशक्कत..तब पकड़ा लेपर्ड, एक व्यक्ति की ले चुका था जान

वन विभाग ने लेपर्ड के पैरों के निशान से लोकेशन तय की और उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया.

Leopard Trapped In Udaipur
पिंजरे में कैद लेपर्ड के साथ वन विभाग की टीम (ETV Bharat Udaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : August 29, 2026 at 2:02 PM IST

3 Min Read
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उदयपुर: शहर के पास उमरड़ा खेड़ा गांव में कई दिनों से दहशत का पर्याय बना लेपर्ड आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया. शनिवार को सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित निकालकर सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क ले जाया गया. पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों और वन विभाग ने राहत की सांस ली. लेपर्ड ने मंगलवार और बुधवार दो दिन में पांच लोगों पर हमला किया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी.

डीएफओ डीके तिवारी ने बताया कि लेपर्ड की तलाश बुधवार से जारी थी. सघन जंगल, पहाड़ी क्षेत्र और दुर्गम रास्तों के कारण पकड़ना चुनौती बना था. टीम ने कई जगह कैमरा ट्रैप लगाए और ड्रोन से निगरानी की, लेकिन शुरुआती दौर में सटीक लोकेशन नहीं मिली. शुक्रवार को कैमरा ट्रैप में मौजूदगी दर्ज हुई. इसके बाद इंप्रेशन पैड से पैरों के निशान तलाशे गए. निशानों से संभावित मूवमेंट रूट चिन्हित कर पहले लगे पिंजरों की जगह बदली और नए पिंजरे लगाए गए. डीएफओ तिवारी ने बताया कि गतिविधियों को समझने के बाद रणनीति बदली गई. पैरों के निशानों के इनपुट से लोकेशन तय की गई, जिसका नतीजा शनिवार सुबह लेपर्ड के कैद होने के रूप में सामने आया.

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पांच लोगों पर किया था हमला: मंगलवार शाम से बुधवार दोपहर तक लेपर्ड ने पांच लोगों पर हमला किया था. मंगलवार शाम लोगर लाल मीणा (45) पर हमला हुआ. बुधवार सुबह जग्गा (60), हितेश (20) और कालू (40) पर और दोपहर में लोगरी बाई (45) पर हमला किया. इसमें लोगर लाल की मौत हो गई थी, जबकि चार घायल हुए थे.

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किसान को बनाया था शिकार: उदयपुर जिले में आए दिन लेपर्ड के आतंक की घटनाएं सामने आ रही हैं. पिछले दिनों बड़ी पंचायत के उपली बड़ी गांव में लेपर्ड ने खेत में सो रहे किसान पर हमला कर दिया था. यह घटना सज्जनगढ़ वन्यजीव अभयारण्य के समीप स्थित खेतों में हुई थी, जहां वन्यजीवों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है. मृतक की पहचान बाबूलाल गमेती (42) के रूप में हुई थी. वह गेहूं की फसल में पानी देने के बाद कुएं के पास बने कमरे की छत पर सो गया था. रात को लेपर्ड छत पर पहुंचा और अचानक हमला कर उसे नीचे गिरा दिया. इसके बाद वह किसान को दबोचकर करीब 500 मीटर दूर खेत में ले गया. वहां उसकी मौत हो गई.