ढेकलावन में तेंदुआ की दहशत, वन विभाग का पिंजरा अब तक खाली, 17 दिन बाद भी नहीं मिली कामयाबी
कांकेर के ढेकलावन में 17 दिन बाद भी तेंदुआ नहीं पकड़ा जा सका है. वनविभाग तेंदुए को पकड़ने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 7, 2026 at 7:02 PM IST
कांकेर: उत्तर बस्तर कांकेर जिले के दुधावा क्षेत्र के नरहरपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ढेकलावन गांव में तेंदुए की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है. पिछले करीब 20 दिनों से गांव और आसपास के इलाके में तेंदुए की गतिविधियां देखी जा रही हैं.इस दौरान तेंदुए के हमलों में कई ग्रामीण घायल हो चुके हैं, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है.
पिंजरे में भी नहीं फंसा तेंदुआ
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने गांव में विशेष ट्रैप (पिंजरा) लगाया है.ग्रामीणों के अनुसार पिछले 17 दिनों से प्रतिदिन एक बकरे को पिंजरे में बांधा जा रहा है, लेकिन अब तक तेंदुआ जाल में नहीं फंसा है.बताया जा रहा है कि वन विभाग पशुपालकों से करीब 400 रुपए प्रतिदिन की दर पर बकरा लेकर उसे चारे के रूप में पिंजरे में रख रहा है. वहीं यदि तेंदुआ बकरे का शिकार कर लेता है तो उसकी भरपाई करने का आश्वासन भी दिया गया है.


ग्रामीण पर तेंदुआ कर चुका है हमला
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ दिन के समय जंगल क्षेत्र में दिखाई देता है, जबकि शाम होते ही गांव के आसपास पहुंच जाता है.दो दिन पहले भी शाम के समय शौच के लिए गए एक ग्रामीण पर तेंदुए ने हमला कर दिया था. इससे पहले भी कई लोग घायल हो चुके हैं. लगातार घटनाओं के चलते लोग शाम ढलते ही घरों में रहने को मजबूर हैं और सामान्य दिनचर्या प्रभावित हो रही है.इस संबंध में कांकेर डीएफओ रौनक गोयल ने कहा कि तेंदुए को पकड़ने के लिए विभिन्न प्रक्रियाएं अपनाई जाती हैं, जिनमें ट्रैपिंग भी एक तरीका है.


पिंजरे में जीवित चारा पूरी सुरक्षा और निर्धारित मानकों के तहत रखा जाता है.इसमें किसी प्रकार की हानि या शिकार की स्थिति नहीं होती.ग्रामीणों के सहयोग से वन विभाग तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने का प्रयास कर रहा है-रौनक गोयल, डीएफओ

बकरा उपलब्ध कराने के एवज में राशि दिए जाने के संबंध में डीएफओ ने कहा कि विभाग में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, हालांकि स्थानीय स्तर पर कोई व्यवस्था की गई हो तो इसकी जानकारी मुझे नहीं है. वन विभाग ने तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गांव के बाहर तथा ट्रैप के आसपास कैमरे लगाए हैं.कैमरों में तेंदुआ एक बार दिखाई भी दिया, लेकिन वह पिंजरे के भीतर नहीं गया। विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है और तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के प्रयास जारी हैं.वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे शाम और रात के समय अकेले जंगल या सुनसान स्थानों पर न जाएं, समूह में रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल वन अमले को दें.
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