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झारखंड में बढ़ रही तेंदुओं की संख्या, अकेले इस क्षेत्र में मौजूद हैं सैंकड़ों!

झारखंड के विभिन्न जंगली इलाकों में तेंदुओं की संख्या बढ़ रही है.

leopard population increasing in Jharkhand Evidence of sightings found in many districts
तेंदुआ (प्रतीकात्मक तस्वीर) (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : January 6, 2026 at 4:55 PM IST

4 Min Read
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पलामूः झारखंड में तेंदुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. पलामू टाइगर रिजर्व इलाके में अकेले 150 से अधिक तेंदुआ की संख्या हो गई है. जबकि झारखंड के गोड्डा, जमशेदपुर, हजारीबाग, रांची, चतरा, कोल्हान समेत कई इलाकों में तेंदुआ के मौजूद होने के सबूत मिले.

दरअसल, पूरे देश में टाइगर ऐस्टीमेशन का कार्य चल रहा है. इसी कड़ी में बाघ, तेंदुआ समेत कई मांसाहारी जीवों की भी गिनती हो रही है. टाइगर ऐस्टीमेशन के दौरान ही तेंदुआ के मौजूद होने की सबूत मिले हैं. टाइगर ऐस्टीमेशन के लिए झारखंड में पलामू टाइगर रिजर्व नोडल है. टाइगर ऐस्टीमेशन से जुड़े हुए सारे डाटा पलामू टाइगर रिजर्व के इलाके में जमा हो रहे हैं. टाइगर ऐस्टीमेशन से जुड़ी रिपोर्ट में पूरे राज्य के सभी इलाकों में तेंदुआ के मौजूद होने की जानकारी निकलकर सामने आई है.

जानकारी देते पीटीआर उपनिदेशक (ETV Bharat)

वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट को भेजा जा रहा डाटा

पूरे झारखंड में सबसे अधिक पलामू टाइगर रिजर्व के इलाके में तेंदुआ की संख्या बढ़ी है. 2023-24 के रिपोर्ट के अनुसार पलामू टाइगर रिजर्व की इलाके में 50 तेंदुआ के मौजूद होने की जानकारी सामने आई थी. 2018 में जारी रिपोर्ट के अनुसार पलामू टाइगर रिजर्व की इलाके में 36 से 50 के बीच तेंदुआ की संख्या बताई गयी.

टाइगर ऐस्टीमेशन के द्वारा पलामू टाइगर रिजर्व की इलाके में 150 के करीब तेंदुआ के मौजूद होने की जानकारी निकलकर सामने आई है. टाइगर ऐस्टीमेशन से जुड़े हुए कैमरा ट्रैप, पग मार्क्स समेत सभी तरह के को वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट भेजा जा रहा है. डाटा के विस्तृत अध्ययन के बाद झारखंड एवं पलामू टाइगर रिजर्व की इलाके में तेंदुआ की वास्तविक संख्या की जानकारी निकलकर सामने आएगी.

पलामू टाइगर रिजर्व की इलाके में शुरू से तेंदुआ की संख्या रही है. तेंदुआ की संख्या बढ़ी है, कितना बढ़ा है इसकी डिटेल रिपोर्ट भारत सरकार की तरफ से आएगी. कैमरा ट्रैप और जो सूचनाएं सामने आ रही हैं उसके अनुसार और ह्यूमन कनफ्लिक्ट के अनुसार तेंदुआ के संख्या बढ़ने की जानकारी मिली है. भारत सरकार की रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक संख्या का पता चलेगा. -प्रजेशकांत जेना, उपनिदेशक, पीटीआर.

बाघ के इलाके आसानी से दाखिल नहीं होते हैं तेंदुआ और हायना

बाघ के इलाके में तेंदुआ और हायना जैसे मांसाहारी जीव दाखिल नहीं होते हैं. पलामू टाइगर रिजर्व बाघों के लिए संरक्षित है लेकिन इस इलाके में तेंदुआ अपनी संख्या को बढ़ा रहे हैं. टाइगर ऐस्टीमेशन के दौरान तेंदुआ के अलावा हायना की भी संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

तेंदुआ से मानव का होता रहा है संघर्ष, बुलाया गया था चर्चित शूटर

झारखंड में तेंदुआ और मानव के बीच संघर्ष में कई जान भी गई है. दिसंबर 2022 से जनवरी 2022 के बीच पलामू टाइगर रिजर्व से जुड़े हुए गढ़वा एवं लातेहार के इलाके में तेंदुआ के हमले में पांच बच्चों की जान गई थी. बाद में तेंदुआ को मैन ईटर की भाषा में शामिल किया गया था.

पलामू टाइगर रिजर्व ने तेंदुआ के खिलाफ कार्रवाई के लिए देश के चर्चित शूटर शफात अली खान को भी बुलाया था. हालांकि उसे दौरान तेंदुआ पर काबू नहीं पाया जा सका. अचानक तेंदुआ गायब हो गया था और दोबारा उसके मूवमेंट का पता नहीं चल पाया है.

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