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जयपुर में फिर लेपर्ड की गतिविधियां दर्ज, बजाज नगर क्षेत्र में एडवाइजरी, रेडियो कॉलर लगाने की तैयारी

जयपुर के आबादी वाले इलाके में एक बार फिर लेपर्ड नजर आया है.

आबादी इलाके में लेपर्ड का मूवमेंट
आबादी इलाके में लेपर्ड का मूवमेंट (photo credit- forest department)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : December 8, 2025 at 12:34 PM IST

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जयपुर : राजधानी में लेपर्ड का मूवमेंट लगातार बढ़ता जा रहा है. रविवार को एक बार फिर शहर के पॉश इलाके बजाज नगर स्थित AG कॉलोनी में लेपर्ड के मूवमेंट की खबर के बाद फॉरेस्ट डिपार्टमेंट सक्रिय दिखाई दिया. स्थानीय लोगों की ओर से साझा किए गए CCTV फुटेज में शनिवार शाम 5:56 बजे एक लेपर्ड बेखौफ सड़कों पर घूमता हुआ नजर आया. फुटेज सामने आने के बाद रविवार को वन विभाग को सूचना दी गई, जिसके बाद वन विभाग की टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया. रविवार सुबह भी कुछ लोगों ने लेपर्ड को खुले में घूमते देखा. बताया गया कि यह सबसे पहले अनीता कॉलोनी में दिखाई दिया, इसके बाद सरस्वती मार्ग होते हुए AG कॉलोनी की ओर बढ़ गया. लगातार मूवमेंट के कारण क्षेत्र में दहशत का माहौल है.

वन विभाग उच्च अलर्ट पर : वन्यजीव प्रतिपालक के. सी. अरुण प्रसाद के निर्देश पर क्विक रिस्पॉन्स टीम और रेंजर जितेंद्र सिंह शेखावत की टीम क्षेत्र में लगातार सर्च अभियान चला रही है. टीम ट्रैकर्स और आधुनिक तकनीक की मदद से हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है. इसके साथ ही रात्रि पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है और पुलिस-वन विभाग की संयुक्त टीम इलाके में गश्त कर रही है, ताकि किसी भी खतरे को समय रहते रोका जा सके. वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को देखते हुए कुछ अहम निर्देश जारी किए हैं.

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लोगों के लिए जारी की गई एडवाइजरी :-

  • सुबह-शाम अकेले टहलने से बचें
  • बच्चों को बाहर खेलने न भेजें
  • पालतू जानवरों को घर के अंदर रखें
  • किसी भी मूवमेंट की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम या वन विभाग को दें.

झालाना सफारी क्षेत्र से बढ़ रहा मूवमेंट : स्थानीय लोगों के अनुसार बजाज नगर और आसपास के इलाके झालाना लेपर्ड सफारी की परिधि से जुड़े हुए हैं. पानी और भोजन की तलाश में लेपर्ड अक्सर इन रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ जाते हैं. पिछले कुछ महीनों से शहर के विभिन्न हिस्सों सिविल लाइंस, विद्याधर नगर, गोपालपुरा, शास्त्री नगर, आमेर और जगतपुरा में भी लेपर्ड की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है. वन विभाग ने कहा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और लेपर्ड को सुरक्षित जंगल क्षेत्र में वापस भेजने की कोशिशें जारी हैं.

निगरानी के लिए रेडियो कॉलर लगाने की तैयारी : जयपुर में रिहायशी इलाकों में लेपर्ड की बढ़ती आवाजाही ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है. वन विभाग ने रात 7 बजे से सुबह 7 बजे तक गश्त के लिए पांच विशेष टीमें तैनात की हैं. रणथम्भौर से अनुभवी ट्रैकर्स बुलाए गए हैं, जबकि स्थानीय स्टाफ को भी मूवमेंट की पहचान और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए प्रशिक्षित किया गया है. वरिष्ठ अधिकारी हर दिन फील्ड रिपोर्ट की मॉनिटरिंग कर रहे हैं.

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तेंदुओं की गतिविधियों की वैज्ञानिक ट्रैकिंग के लिए विभाग जल्द ही 2 से 3 तेंदुओं को रेडियो कॉलर लगाने जा रहा है. बेंगलुरु से दो कॉलर मंगवाए भी जा चुके हैं. ये कॉलर मोबाइल से जुड़े होंगे और तेंदुए की लोकेशन का मैसेज लगातार भेजेंगे. इससे पता चलता रहेगा कि तेंदुआ जंगल में है या आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है. यदि कोई तेंदुआ बार-बार शहर में घुसता पाया गया तो उसे पकड़कर जंगल में शिफ्ट किया जाएगा. इस बीच झालाना कंज़र्वेशन रिज़र्व की क्षतिग्रस्त बाड़ की मरम्मत तेज़ी से की जा रही है. अंदर पेरीफेरल पेट्रोलिंग ट्रैक बनाने की तैयारी भी अंतिम चरण में है. अधिकारियों का मानना है कि इन कदमों से मूवमेंट कंट्रोल होगा और मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका कम होगी. वन्यजीव प्रतिपालक के. सी. अरुण प्रसाद और उपवन संरक्षक विजय पाल सिंह 24×7 मॉनिटरिंग सिस्टम की निगरानी कर रहे हैं.