गैरसैंण के मेहलचौरी क्षेत्र में गुलदार ने फिर मारे दो गौवंश, यहीं गुस्साए लोगों ने वनकर्मियों को बनाया था बंधक
नैनीताल के हल्दूचौड़ में अज्ञात वाहन की टक्कर से गुलदार की मौत हो गई.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : January 7, 2026 at 2:41 PM IST
गैरसैंण: चमोली के गैरसैंण के मेहलचौरी न्याय पंचायत में गुलदार का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है. सोमवार रात गुलदार ने सिलंगा ग्राम पंचायत के घनियाली गांव में गौशाले का दरवाजा तोड़कर गाय और एक बछड़े को निवाला बना दिया था. घटना में एक हैरान कर देने वाली बात भी देखने में सामने आई है, जहां गुलदार ने गौशाला में बंधे भैंस के थोरी (बछड़े) को खरोच तक नहीं लगाई है. इससे प्रतीत होता है कि गुलदार केवल गोवंश को ही अपना निवाला बना रहा है.
मामले में ग्रामीणों ने जल्द गांव में पिंजरा लगाकर गौभक्षी हो चुके गुलदार से निजात दिलाने की मांग की है. वहीं वन विभाग के पास अभी एक ही पिंजरा है, जिसे घनियाली गांव में लगाए जाने की बात कही गई है. जबकि हफ्ते पहले ऊजिटिया गांव में दो गायों और नजदीकी रंगचौणा गांव में एक गाय को निवाला बनाने के बाद भी गुलदार लगातार गांव में ही सक्रिय दिखाई दे रहा है. ग्रामीणों ने गांव से हटाए गए पिंजरे को दोबारा से लगाए जाने की मांग की है. लेकिन विभाग के पास उपलब्ध दूसरा पिंजरा खराब हालत में होने से फिलहाल लगाया नहीं जा सका है.
मामले में रेंजर प्रदीप गौड़ ने बताया कि घनियाली गांव में गुलदार के हमले के बाद वहां पिंजरा लगाया जा रहा है. जबकि ऊजिटिया रंगचौणा और मेखौली में भी लगातार गुलदार के सक्रिय होने की सूचना मिल रही है. दूसरा पिंजरा ठीक करवाकर उसे भी जल्द प्रभावित क्षेत्र में लगाए जाने की तैयारी है.
सड़क पर गुलदार की चहल कदमी: चमोली के सीमांत क्षेत्र मेहलचौरी के नजदीकी गांवों में लगातार गुलदार देखें जा रहे हैं. मंगलवार शाम साढ़े 6 बजे मेहलचौरी बाजार से आधा किलोमीटर आगे माईथान सड़क पर वाहन सवार दो युवकों ने दो गुलदारों लड़ते हुए देखा. वहीं सोमवार शाम 4 बजे रंगचौणा गांव के पास अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को गुलदार दिखाई दिया था. जिसके बाद रंगचौणा गांव में रात भर गुलदार की सक्रियता देखी गई. सुबह ग्रामीणों ने गुलदार के खून से सने पंजों के कई निशान गांव के अलग-अलग रास्तों पर देखे जाने की बात कही. जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि गुलदार के पैर में चोट लगी हो सकती है.
गुलदार ने फिर किया हमला: विकासखंड गैरसैंण के मेहलचौरी क्षेत्र में गुलदारों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. मंगलवार की रात कुनीगाड़ क्षेत्र के कोठा गांव के राजेंद्र राम पुत्र ख्यालीराम की गौशाला में बंधी गाय को गुलदार ने निवाला बना डाला. दिनों-दिन गुलदार के बढ़ते आतंक को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को भी मिल रही है. एक तरफ वन विभाग जहां विभागीय खानापूर्ती में लगा है. वहीं मामले में प्रभावित गांवों के जनप्रतिनिधियों को छोड़ क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि गुलदार की घटनाओं को लेकर फिलहाल वेट एंड वॉच की रणनीति अपनाए हुए हैं.
वाहन की टक्कर से गुलदार की मौत: तराई केंद्रीय वन प्रभाग के अंतर्गत हल्दूचौड़ क्षेत्र स्थित तेल डिपो के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-109 पर मंगलवार देर शाम एक अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक गुलदार की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद सड़क पर राहगीरों की भीड़ जमा हो गई. सूचना पर पहुंची टांडा रेंज की टीम ने गुलदार के शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी है.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेल डिपो के पास गुलदार सड़क पार करने का प्रयास कर रहा था. तभी तेज रफ्तार से गुजर रहे किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गुलदार ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया. गुलदार की मौत की खबर के बाद घटना स्थल पर राहगीरों का जमावड़ा लग गया. इस दौरान राहगीरों ने घटना की जानकारी वन विभाग को दी.
सूचना पर तराई केंद्रीय वन प्रभाग की टीम मौके पर पहुंची. वन अधिकारियों ने सड़क से गुलदार के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. प्रारंभिक जांच में गुलदार की मौत का कारण सड़क दुर्घटना बताया जा रहा है. हालांकि, वन विभाग द्वारा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सटीक कारणों की पुष्टि की जाएगी.
ये भी पढ़ें:

