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पंतनगर औद्योगिक एरिया में 3 दिनों से अटका रखी थी लोगों की सांसें, पिंजरे में कैद हुआ गुलदार

औद्योगिक क्षेत्र पंतनगर सिडकुल में घूम रहा गुलदार पिंजरे में कैद, गुलदार के पिंजरे में कैद होने पर लोगों ने ली राहत की सांस

Leopard Captured in Cage
पंतनगर में गुलदार (फोटो सोर्स- Forest Department)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : January 8, 2026 at 10:51 PM IST

3 Min Read
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रुद्रपुर: आखिरकार पिछले तीन दिनों से औद्योगिक क्षेत्र पंतनगर सिडकुल में घूम रहे गुलदार को पिंजरे में कैद कर लिया गया है. जिसके बाद अब वन विभाग की टीम आगे की कार्रवाई में जुट गई है. बताया जा रहा है कि गुलदार बीमार है. इस गुलदार ने पंतनगर सिडकुल क्षेत्र में स्थानीय लोगों और औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों की सांसें अटका रखी थी. वहीं, गुलदार के पिंजरे में कैद होने के बाद सभी ने राहत की सांस ली है.

बता दें कि 6 और 7 जनवरी की रात को टांडा जंगल से सटे हुए सिडकुल क्षेत्र में एक फैक्ट्री के सामने गुलदार की चहलकदमी देखी गई थी. जिसके बाद से वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी थी. गुरुवार यानी 8 जनवरी को जब वन विभाग की टीम क्षेत्र में कैमरा ट्रैप लगाने के लिए पहुंची. तभी टीम का सामना गुलदार से हो गया. गुलदार की मौजूदगी की सूचना पर मौके पर लोगों का जमावड़ा लग गया था. हालांकि, गुलदार जंगल की ओर भागने में कामयाब रहा.

Leopard Captured in Cage
गुलदार की चहलकदमी (फोटो सोर्स- Forest Department)

वहीं, गुलदार की गतिविधि से लग रहा था कि वो बीमार है. जिसके बाद देर शाम वन विभाग की टीम ने सिडकुल क्षेत्र में पिंजरा लगाया. जिसमें गुलदार कैद हो गया. तराई केंद्रीय वन प्रभाग के डीएफओ यूसी तिवारी की मानें तो गुलदार बीमार प्रतीत हो रहा है, लेकिन जांच के बाद ही उसके बारे में कुछ कहा जा सकता है. फिलहाल, वन विभाग की टीम गुलदार को अपने साथ ले गई है.

Leopard Captured in Cage
पिंजरे में कैद हुआ गुलदार (फोटो सोर्स- Forest Department)

मानव वन्यजीव संघर्ष में इजाफा: गौर हो कि भोजन और पानी की तलाश में वन्यजीव अब जंगल से बाहर निकल कर आवासीय और औद्योगिक क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं. जिस कारण मानव वन्यजीव संघर्ष में इजाफा देखने को मिल रहा है. आए दिन कहीं न कहीं से गुलदार, बाघ, भालू से लेकर हाथियों के हमले की घटनाएं सामने आ रही है. जिसमें लोग घायल होने के साथ ही जान भी गंवा रहे हैं.

अल्मोड़ा और नैनीताल जिले में एक हफ्ते के भीतर बाघ के हमले में गई 3 लोगों की जान: कुमाऊं में तो एक हफ्ते के भीतर बाघ के हमले में 3 लोग जान गंवा चुके हैं. जहां अल्मोड़ा के टोटाम के क्यारी गांव और नैनीताल के सांवल्दे क्षेत्र में बाघ के हमलों में दो महिलाओं की मौत हुई थी. इसके बाद नैनीताल के पाटकोट क्षेत्र के भलोन गांव में बाघ ने मजदूर को मौत के घाट उतारा था. इसके अलावा अन्य जगहों पर कई लोग जान गंवा चुके हैं.

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