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अल्मोड़ा के महत गांव में गुलदार पिंजरे में कैद, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर के महत गांव में पिंजरे में कैद हुआ गुलदार, कई दिनों से ग्रामीणों की अटकाई थी सांसें

Someshwar Mahat Village Leopard
पिंजरे में बंद गुलदार (फोटो सोर्स- Forest Department)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : December 28, 2025 at 6:31 PM IST

3 Min Read
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अल्मोड़ा: सूबे में इन दिनों जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. अल्मोड़ा जिले में भी खासकर गुलदार की बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में खौफ का माहौल है. कई क्षेत्रों में गुलदार लोगों पर झपट रहा है और मवेशियों को अपना शिकार बना रहे हैं, जिससे आमजन की सुरक्षा पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है. इसी कड़ी में सोमेश्वर तहसील क्षेत्र के महत गांव में गुलदार के आतंक से परेशान ग्रामीणों को रविवार को बड़ी राहत मिली, जब वन विभाग के लगाए गए पिंजरे में एक गुलदार कैद हो गया.

गुलदार की चहलकदमी से खौफजदा थे ग्रामीण: बता दें कि बीते कुछ समय से महत गांव और आसपास के इलाकों में गुलदार की लगातार चहलकदमी देखी जा रही थी. गुलदार की चहलकदमी से ग्रामीण खासे डरे हुए थे और शाम ढलते ही घरों से बाहर निकलने से कतराने लगे थे. बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई थी. ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर वन विभाग से क्षेत्र में पिंजरा लगाने की मांग की थी.

Someshwar Mahat Village Leopard
महत गांव में पिंजरे में कैद हुआ गुलदार (फोटो सोर्स- Forest Department)

महत गांव में पिंजरे में कैद हुआ गुलदार: ग्रामीणों की मांग को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने आवश्यक अनुमति मिलने के बाद महत गांव में गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया. रविवार को यह प्रयास सफल रहा और एक नर गुलदार पिंजरे में कैद हो गया. जैसे ही गुलदार के पकड़े जाने की खबर गांव में फैली, उसे देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी.

अल्मोड़ा रेस्क्यू सेंटर भेजा गया गुलदार: हालांकि, स्थिति को नियंत्रित रखते हुए तत्काल इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी गई. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरी सावधानी के साथ गुलदार का रेस्क्यू किया. इसके बाद गुलदार को अल्मोड़ा स्थित रेस्क्यू सेंटर ले जाया गया.

"पिंजरे में कैद हुआ गुलदार करीब पांच वर्ष का नर है. ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई है. कुछ दिनों बाद स्वस्थ होने पर गुलदार को दूर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा."- मनोज कुमार लोहनी, वन क्षेत्राधिकारी

गुलदार की दहशत से निजात दिलाने के लिए वन विभाग कर रहा ये काम: वन क्षेत्राधिकारी मनोज लोहनी ने ये भी बताया कि गुलदार की दहशत से लोगों को निजात दिलाने के लिए विभाग की ओर से क्षेत्र में लगातार गश्त और निगरानी की जा रही है. भविष्य में भी जरूरत पड़ने पर ऐसे कदम उठाए जाएंगे. गुलदार के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है और वन विभाग की तत्परता की सराहना की है.

वहीं, गुलदार को पकड़ने वाली वन विभाग की टीम में वन दरोगा शिव राम, अमित नेगी, संजय जोशी, वन रक्षक कुंदन गैड़ा, धीरेंद्र उप्रेती और नीरज बिष्ट शामिल रहे. ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि आगे भी वन विभाग इसी तरह सतर्क रहकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा.

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