लखीमपुर खीरी में आतंक बना तेंदुआ पिंजरे में कैद; 15 दिन पहले बच्चे को बनाया था निवाला
तेंदुए के पकड़े जाने से गांव के लोगों ने ली राहत की सांस, अब भी सतर्कता बरत रहे लोग.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 15, 2026 at 5:47 PM IST
|Updated : February 15, 2026 at 7:30 PM IST
लखीमपुर खीरी : जिले के पलिया तहसील क्षेत्र के ग्राम राजा टापर में पिछले पंद्रह दिनों से दहशत का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया. रविवार को तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही गांव में लोगों ने राहत की सांस ली. तेंदुए ने कुछ दिन पहले एक मासूम बच्चे को अपना शिकार बना लिया था.
करीब 15 दिन पहले तेंदुए ने गांव के एक मासूम बच्चे पर हमला कर उसे अपना निवाला बना लिया था. इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे गांव में भय का माहौल व्याप्त था. लोग खेतों में जाने से डरने लगे थे और बच्चों को घरों से बाहर निकलने पर रोक लगा दी गई थी. शाम ढलते ही गांव की गलियां सूनी हो जाती थीं. घटना के बाद वन विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए इलाके में पिंजरा लगाकर निगरानी शुरू कर दी थी. टीम लगातार गश्त कर रही थी और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही थी.
रविवार को तेंदुआ उसी पिंजरे में फंस गया, जिसे पहले से रणनीतिक तरीके से लगाया गया था. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा घेरे में तेंदुए को पिंजरे सहित पलिया रेंज कार्यालय ले जाया गया. पलिया रेंजर विनय कुमार ने बताया कि तेंदुए की गतिविधियों को ट्रैक करने के बाद पिंजरा लगाया गया था. रविवार को वह उसमें फंस गया. उन्होंने कहा कि वन्यजीव चिकित्सकों द्वारा तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा. आवश्यक औपचारिकताओं के बाद उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा, ताकि वह आबादी वाले क्षेत्र में दोबारा न आए.
तेंदुए के पकड़े जाने के बाद गांव में फैली दहशत काफी हद तक कम हो गई है. ग्रामीणों ने वन विभाग की तत्परता की सराहना की और कहा कि अब उन्हें राहत महसूस हो रही है. हालांकि, लोग अभी भी सतर्क हैं और बच्चों को अकेले बाहर न भेजने की हिदायत दे रहे हैं. वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और आसपास के गांवों में भी निगरानी रखी जा रही है. अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत विभाग को सूचना दें.
पलिया वन रेंजर विनय कुमार ने बताया कि तेंदुए की गतिविधियों को ट्रैक करने के बाद पिंजरा लगाया गया था. वन्यजीव चिकित्सकों द्वारा तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा.आवश्यक औपचारिकताओं के बाद उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा, ताकि वह आबादी वाले क्षेत्र में दोबारा न आए.
बहराइच में तेंदुए के दो शावकों का शव मिला
बहराइच के कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज में तेंदुए के दो शावकों का शव मिलने से हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम द्वारा शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रेंज कार्यालय भेज दिया है. कतर्निया घाट वन्य जीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज के ग्राम अड़गोडवा व ग्राम मंगौड़िया इलाके में खेत में दो शावकों का शव मिला है. ग्रामीण संदीप सिंह ने बताया कि खेत में जब लोगों ने शावकों को देखा तो लोग दहशत में आ गए. ग्रामीणों ने इसकी जानकारी वन विभाग को दी. सूचना पर पहुंचे रेंजर सुरेंद्रनाथ तिवारी ने शवों को कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय भेज दिया है. रेंजर ने बताया कि दोनों शावकों की उम्र करीब 7 माह की है. प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि किसी बड़े तेंदुए द्वारा हमला किया गया है.
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