बलरामपुर में तेंदुए ने हमला कर महिला को मार डाला; खेत में पड़ा मिला शव
वन्य जीवों के हमले में पिछले तीन महीने में 5 लोगों की जा चुकी है जान.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 25, 2026 at 8:42 PM IST
बलरामपुर: जिले के सोहलवा वन क्षेत्र में जंगली जानवरों के हो रहे हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. तेंदुए के ताजा हमले में एक महिला की मौत हो गई है. बुधवार को भांभर रेंज में खेत में काम करने गई महिला पर तेंदुए ने हमला कर दिया. महिला का क्षत-विक्षत शव खेत में पड़ा मिला. पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है. तेंदुए की तलाश के लिए ड्रोन कैमरे लगाए जा रहे हैं. दूसरी ओर वन्य जीवों के हमलों से मौतों पर ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है.
जानकारी के अनुसार, भाभर रेंज के परसरामपुर गांव की मंजू देवी (25) जंगल के पास खेत में गई थी. बताते हैं कि तभी घात लगाए तेंदुए ने हमला कर दिया. महिला की चीख-पुकार सुनकर लोग उसे बचाने दौड़े. तब तक तेंदुए ने महिला को मार डाला था. जब तक ग्रामीण पहुंचे, तेंदुए भाग गया था. पास ही खेत में महिला का शव पड़ा मिला.
प्रभागीय वनाधिकारी गौरव गर्ग ने बुधवार को बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. तेंदुए की तलाश के लिए वन विभाग की दो टीमें लगाई गई हैं. तेंदुए के हमले को देखते हुए ट्रैकिंग तथा ड्रोन कैमरे लगाने के निर्देश दे दिए गए हैं. उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि जंगल के किनारे खेतों में काम करते समय विशेष सतर्कता बरतें तथा सामूहिक रूप से कार्य करें. कहा कि किसी भी दशा में जंगल के अंदर प्रवेश न करें.
घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक राकेश यादव ने मृतका के परिजनों से बात की तथा उन्हें ढाढस बांधते हुए सरकार से परिजनों को दस लाख रुपये सहायता देने की मांग की. बता दें कि सोहेल्वा वन क्षेत्र में पिछले तीन महीने के अंदर 5 लोगों की मौत हो चुकी है. तेंदुए के हमले से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है.
रेस्क्यू के बाद तेंदुए की हुई मौत
बहराइच में नानपारा रेंज इलाके में बुधवार को ग्रामीणों ने तेंदुआ होने की सूचना वन विभाग टीम को दी. सूचना पर पहुंची टीम ने जाल व पिंजरा लगाकर पकड़ा था. हालांकि, रेंज कार्यालय ले जाने के दौरान पिंजरे में ही तेंदुए की मौत हो गई. वन विभाग की टीम उसका पोस्टमार्टम करा रही है. बितनिया मंगलपुरवा में ग्रामीणों ने पेड़ पर तेंदुए को देखा. तत्काल इसकी सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी. टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. पेड़ के चारों ओर पिंजरा लगाते हुए जाल बिछाया गया. 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुआ जाल में फंस गया. वन विभाग की टीम द्वारा जब उसे रेंज कार्यालय नानपारा लेकर पहुंची तो पिंजरे में ही उसकी मौत हो चुकी थी. डीएफओ ने बताया कि तेंदुए की उम्र करीब 1 वर्ष की है. उसकी मौत कैसे हुई, इसके लिए डॉक्टरों का पैनल शव का पोस्टमार्टम करेगा. जांच रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चल सकेगा.
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