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राम मंदिर चंदा विवाद: दान का पैसा वापस मांगने पर दिग्विजय सिंह को लीगल नोटिस, वाराणसी के वकील खुद लौटाएंगे ₹1.11 लाख

अधिवक्ताओं ने यह भी साफ किया है कि यदि दिग्विजय सिंह नोटिस स्वीकार नहीं करते हैं, तो यह पैसा कोर्ट में जमा करा दिया जाएगा.

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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : July 7, 2026 at 1:42 PM IST

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वाराणसी: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को एक लीगल नोटिस भेजा गया है. यह नोटिस उन्हें राम मंदिर के लिए दिए गए दान का पैसा वापस मांगने के बयान पर दिया गया है.

राम मंदिर चंदा विवाद: दान का पैसा वापस मांगने पर दिग्विजय सिंह को लीगल नोटिस (Video Credit; ETV Bharat)

वाराणसी के अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने यह नोटिस भेजते हुए कहा है कि अगर दिग्विजय सिंह दान में दिए गए एक लाख 11 हजार रुपए वापस लेना चाहते हैं, तो वे खुद एक रामभक्त के रूप में यह राशि उन्हें लौटाने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें इसकी लिखित रिसीविंग देगी होगी. अधिवक्ताओं ने यह भी साफ किया है कि यदि दिग्विजय सिंह नोटिस स्वीकार नहीं करते हैं, तो यह पैसा कोर्ट में जमा करा दिया जाएगा.

अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा कि कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह ने बयान दिया है कि राम मंदिर निर्माण के समय उन्होंने एक लाख 11 हज़ार रुपये का चंदा दिया था, अब वह वापस चाहते हैं. दिग्विजय सिंह का यह बयान सनातन के लोगों के भावनाओं को आहत करने वाला है, इसलिए हम सभी हिंदू समाज के लोगों ने निर्णय लिया कि उनका पैसा वापस कर दिया जाए.

इसीलिए हमने दिग्विजय सिंह को एक लीगल नोटिस भेजा है. उन्होंने कहा कि देवता का प्रतिनिधि देवता का भक्त होता है, तो मैं बतौर भक्त, देवता के प्रतिनिधि के रूप में वह पैसा दिग्विजय सिंह को लौटाने के लिए तैयार हूं. हमारी मांग है कि बस दिग्विजय सिंह पैसा मुझसे रिसीव करके रिसीविंग दे दें.

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पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को लीगल नोटिस भेजा गया है. (Photo Credit; ETV Bharat)

अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने बताया कि दिग्विजय सिंह को 15 दिनों का नोटिस दिया गया है. अधिवक्ताओं के अनुसार, दान में दिए गए पैसे का एक लीगल स्टेटस होता है. व्यक्ति दान धार्मिक लाभ के लिए दान देता है, लेकिन दिग्विजय सिंह ने अपने राजनीतिक लाभ और हिंदू जनमानस का इस्तेमाल करने के लिए यह पैसा राम मंदिर ट्रस्ट को दिया था.

उस समय उन्हें लगा कि जब पूरी दुनिया भगवान के काम के लिए योगदान दे रही है, तो कहीं वह पीछे न छूट जाएं. अब जब उन्हें इससे कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिला, तो उन्होंने चढ़ावा चोरी की घटना को आधार बनाकर हिंदू जनमानस को बेइज्जत करने और हिंदू मूल्यों का अपमान करने के लिए एक पूरी व्यवस्था पर आरोप लगाते हुए अपना चंदा वापस लेने की बात की है.

कोर्ट में जमा करेंगे पैसा

अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने कहा है कि यदि उनको पैसा वापस नहीं मिलेगा तो वो अयोध्या के कोर्ट में मुकदमा दाखिल करेंगे. इसलिए मैं देवता का प्रतिनिधि, भक्त हिंदू समाज के लोगों ने यह निर्णय लिया कि हम दिग्विजय सिंह को पैसा वापस करेंगे, लेकिन वो हमें रिसीविंग देंगे. उन्होंने कहा कि यदि वह पैसा वापस नहीं लेने आते हैं तो हम लोग यह पैसा कोर्ट में जमा करेंगे. क्योंकि दिग्विजय सिंह ने जो बयान दिया है. वह बयान अत्यंत आपत्तिजनक है. यह बयान हिंदू मूल्य का अपमान करने जैसा है.

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