VB-G RAM G कानून के खिलाफ वामदलों का प्रदर्शन, कहा- अधिकार आधारित रोजगार खत्म करने की साजिश
सीपीआई सहित अन्य मजदूर संगठनों ने नए मजदूर कानून के खिलाफ रांची के परमवीर अल्बर्ट एक्का चौक में विरोध प्रदर्शन किया.

Published : December 22, 2025 at 9:55 PM IST
रांची: सीपीआई झारखंड इकाई द्वारा रांची के परमवीर अल्बर्ट एक्का चौक में नए मजदूर कानून में संशोधन के खिलाफ प्रदर्शन किया. इस विरोध प्रदर्शन में वामदलों के साथ शोधकर्ताओं और मजदूर संगठन शामिल हुआ था. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन ग्रामीण कानून 2025 (VB-G RAM G) का विरोध किया.
अधिकार आधारित रोजगार को खत्म करने के लिए मनरेगा की जगह जीरामजी: वाम मोर्चा
विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) कानून 2025 के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल वाम दलों और मजदूर संगठनों से जुड़े नेताओं ने कहा कि बिना किसी मजदूर संगठन, किसान समूह, राज्य सरकारों या अन्य हितधारकों से परामर्श के इस विधेयक को लाया गया है. जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) जैसे अधिकार आधारित कानून को समाप्त कर, उसे एक केंद्र-नियंत्रित और विवेकाधीन योजना में बदलने का प्रयास है. नेताओं ने कहा कि यह प्रक्रिया न केवल अलोकतांत्रिक है, बल्कि संवैधानिक मूल्यों के भी विरुद्ध है.

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नया कानून मांग आधारित रोजगार के अधिकार को खत्म कर बजट सीमित और आपूर्ति आधारित योजना को थोपने वाला है. इससे ग्रामीण मजदूरों की काम की गारंटी समाप्त होगी. राज्यों पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा और ग्राम सभाओं की भूमिका कमजोर होगी. यह बदलाव विशेष रूप से सीमांत किसानों, दलितों, आदिवासियों और महिला मजदूरों की शक्ति को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा. वाम नेताओं ने कहा कि इस नई योजना से काम की अनिश्चितता बढ़ने से ग्रामीणों में संकट गहराएगा और मजबूरी में पलायन तेज होगा. यह फासीवादी और केंद्रीकृत तरीके से काम के अधिकार को एक साधारण केंद्र प्रायोजित योजना में बदलने की कोशिश है.
संसद से पास VB-G-RAM-G कानून की प्रति जलाकर विरोध
विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने G-RAM-G विधेयक की प्रति जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया. इस दौरान 'मनरेगा तो बहाना है, मकसद गुलाम बनाना है'. 'नया बिल रद्द करो, मनरेगा बहाल करो'. 'मनरेगा बचाओ, देश बचाओ, संविधान बचाओ' जैसे नारों के साथ केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों की कड़ी निंदा की. इस प्रदर्शन में अपूर्वा, अशोक वर्मा, आशीष रौशन, एलिना होरो, चार्ल्स मुर्मू, छोटू राम महतो, जगरनाथ उरांव, जसपाल हांसदा, भाकपा माले, सीपीएम एवं झारखण्ड जनाधिकार महासभा, नरेगा वॉच, नरेगा संघर्ष मोर्चा और आइसा जैसे संगठन मौजूद थे.
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