नेता प्रतिपक्ष जूली ने मोदी की गारंटी और 5 साल बनाम 2 साल पर सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष जूली विधानसभा में अपने अंदाज को लेकर चर्चा में रहे. उन्होंने महंगाई, हादसों और अधूरे वादों को लेकर सरकार पर हमला बोला.

Published : February 27, 2026 at 8:00 PM IST
जयपुर: राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र के दौरान वित्त और विनियोग विधेयक पर चर्चा के बीच सदन का माहौल उस समय गर्म हो गया, जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरते हुए तीखा भाषण दिया. इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी सदन में मौजूद रहे और पक्ष-विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा. जूली ने अपने संबोधन की शुरुआत शेरो-शायरी से करते हुए सरकार पर तंज कसा और कहा कि सत्ता के अहंकार में नहीं रहना चाहिए, क्योंकि समय बदलते देर नहीं लगती. उन्होंने 'दो साल बनाम पांच साल' के विकास पर बहस की बात उठाते हुए दावा किया कि पिछली सरकार की योजनाओं की तुलना में वर्तमान सरकार अपेक्षित काम नहीं कर पाई. उन्होंने कहा कि भाजपा को गरीबी मिटानी थी, लेकिन नीतियों से गरीब ही प्रभावित हो रहे हैं.
मोदी की गारंटी पर निशाना: नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व चुनावी वादों का हवाला देते हुए कहा कि 2023 की रैली में किए गए कई वादे अब तक पूरे नहीं हुए. उन्होंने सिलेंडर की कीमत, बिजली यूनिट, रोजगार और किसान हित योजनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार से जवाब मांगा कि जनता को वास्तविक लाभ कितना मिला. साथ ही आरोप लगाया कि कुछ पुरानी योजनाओं का नाम बदल दिया गया या उन्हें प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया जा रहा है. जूली ने आरोप लगाया कि कई कॉलेज और संस्थान उद्घाटन के बाद भी पूरी तरह शुरू नहीं हुए हैं और मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर और प्रोफेसरों की कमी है, जिसके कारण छात्रों को ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई करनी पड़ रही है. उन्होंने महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस की इमारत तैयार होने के बावजूद संचालन शुरू न होने का मुद्दा भी उठाया. भरतपुर के आरबीएम अस्पताल भवन का जिक्र करते हुए कहा कि लोकार्पण के महीनों बाद भी सुविधाएं चालू नहीं हुईं.
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महंगाई, ईंधन दर और आर्थिक आंकड़ों पर बहस: नेता प्रतिपक्ष ने पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पड़ोसी राज्यों की तुलना में राजस्थान में दरें अधिक हैं. उन्होंने बजट भाषण में महंगाई दर 0.81% बताने पर सरकार से आंकड़ों का स्रोत पूछा और कहा कि यह आरबीआई के लक्ष्य से अलग है. साथ ही एमओयू निवेश आंकड़ों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि घोषित निवेश और धरातल पर आए निवेश में बड़ा अंतर है. जूली ने बिना नाम लिए आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी फर्जी तस्वीरें लगाकर पुरस्कार प्राप्त कर रहे हैं, जो प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है. उन्होंने कहा कि सरकार को प्रचार से अधिक वास्तविक काम पर ध्यान देना चाहिए. प्रश्नकाल को लेकर भी उन्होंने व्यवस्था में बदलाव की मांग की और कहा कि विधायकों को खुलकर सवाल पूछने का अवसर मिलना चाहिए.
5 साल बनाम 2 साल का चैलेंज बड़े जोश से स्वीकार किया, समय आने पर सदन में आते ही मुख्यमंत्री जी ने अपने ही शब्दों से किनारा कर लिया।
— Tika Ram Jully (@TikaRamJullyINC) February 27, 2026
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हादसों का जिक्र, मुआवजे का सवाल: जूली ने अपने भाषण के दौरान प्रदेश में भजनलाल सरकार के कार्यकाल में हुए बड़े हादसों का जिक्र किया और मुआवजे की प्रक्रिया को सवालों से घेरा. टीकाराम जूली ने हाल ही में अलवर में हुए अवैध पटाखा फैक्ट्री हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि नौ लोगों की मौत के बाद सरकार ने किसी भी अधिकारी को लापरवाह मानते हुए एक्शन नहीं लिया. उन्होंने जयपुर में ट्रेलर से कुचले गए लोगों की मौत का जिक्र करते हुए मृतक आश्रितों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता को लेकर सवाल किया, तो जोधपुर में हुई बस दुखांतिका में मारे गए लोगों के मुआवजे की सरकारी प्रक्रिया पर तल्ख सवाल किया. खास तौर पर एक दलित परिवार के घर में पांच लोगों को मारे जाने के बाद भी आर्थिक सहायता को लेकर तय राशि पर सवाल उठाए. उन्होंने सवाई मानसिंह अस्पताल में हुए अग्निकांड पर भी सवाल खड़े किए.
LIVE: विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष @TikaRamJullyINC जी का राजस्थान विनियोग विधेयक एवं वित्त विधेयक पर जवाब https://t.co/7aqCpbviTO
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एप्सटीन से भी बड़ी उदयपुर फाइल्स : नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा, '2047 की बात करते हैं, लेकिन आपको जनता ने 5 साल का समय दिया है. प्रधानमंत्री ने स्मार्ट सिटी की बात की थी, कितनी स्मार्ट सिटी बन गई? हर घर बिजली की बात की थी, यहां विधानसभा में ही बिजली कट रही है. मुख्यमंत्री ने कहा था कि हमने देश में सबसे ज्यादा गेहूं की खरीद की है, पता नहीं ये आंकड़े कहां से आ रहे हैं. भारत सरकार के 2025-26 के जो आंकड़े हैं, वे कह रहे हैं कि पहले नंबर पर पंजाब है, राजस्थान चौथे नंबर पर है....जूली बोले कि एप्सटीन फाइल्स तो छोड़िए, उससे भी बड़ी फाइल है उदयपुर फाइल्स. उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा का ख्याल रख रहा हूं, नहीं तो सबकी परतें यहीं खुल जाएंगी.
राजनीतिक तंज और सदन में शायरी: भाषण के दौरान उन्होंने सरकार के विज्ञापन स्लोगन और हिंदी प्रयोग पर भी टिप्पणी की. राइजिंग राजस्थान को लेकर उन्होंने कहा, 'सरकार 35 लाख करोड़ के एमओयू की बात करती है, 8 लाख करोड़ के एमओयू कहां पर हैं? इसे सार्वजनिक क्यों नहीं करते? उद्योग मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ पर हल्का व्यंग्य करते हुए कहा कि उन्हें कलाकंद भेजा है. साथ ही राजस्थान क्रिकेट संघ के चुनाव दो साल से लंबित होने का मुद्दा उठाया और पूछा कि चुनाव क्यों नहीं कराए जा रहे. जूली बोले, 'आरसीए के चुनाव नहीं हो रहे हैं, 2 साल हो गए हैं. एक नई बात सामने आई है कि आरसीए को ट्रस्ट बनाकर देवस्थान में शामिल करना चाहते हैं. पेपर लीक मामले में अभी तक जांच नहीं हो पाई है, कर्मचारी चयन बोर्ड घोटाले की अभी तक जांच नहीं हुई है.'
भाजपा की सरकार ने इस राजस्थान का भट्टा बिठा दिया।
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मिटानी थी गरीबी, गरीब को ही मिटा दिया।
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आईएएस को बना दिया टेलीफोन आपरेटर: विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा, '20 सीनियर आईएएस को टेलीफोन ऑपरेटर बना दिया. यह एक-एक आदमी 10-10 हजार लोगों के फोन सुन सकता है, उन्हें 10-10 फोन सुनने की जिम्मेदारी दे दी.' राजस्थान दिवस की तारीख बदल दी. मुख्यमंत्री अपना जन्मदिन अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से मनाते हैं और राजस्थान दिवस हिंदी कैलेंडर से मनाया जा रहा है. आपके कितने एमएलए हैं जो हिंदी कैलेंडर से जन्मदिन मनाते हैं? उन्होंने दावा किया कि केंद्र से मिलने वाली वित्तीय सहायता में राज्य की रैंकिंग गिर गई है और कहा कि पहले राज्य शीर्ष स्थानों में था, लेकिन अब पीछे चला गया है. जूली ने कहा कि सरकार भविष्य के बड़े लक्ष्यों की बात करती है, लेकिन वर्तमान समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रही. नेता प्रतिपक्ष ने अंत में कहा कि वे झुकने नहीं, बल्कि जनता की आवाज उठाने आए हैं. बजट सत्र की यह बहस आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और जवाबी प्रतिक्रियाओं के कारण और तेज होने के संकेत दे रही है.

