सरकारी एंबुलेंस सेवा के नाम पर वित्तीय अनियमितता! नेता प्रतिपक्ष ने अपर मुख्य सचिव को लिखा पत्र
सरकारी एंबुलेंस सेवा के नाम पर वित्तीय अनियमितता को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा है. भुवन किशोर झा की रिपोर्ट.

Published : August 21, 2026 at 8:13 PM IST
रांचीः आम तौर पर सरकारी एम्बुलेंस सेवा को लेकर सवाल उठते रहे हैं मगर इस बार इसमें हुई वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला प्रकाश में आया है.
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस संदर्भ में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर अवगत कराते हुए 108 एंबुलेंस सेवा संचालन में हो रही वित्तीय अनियमितता एवं भ्रष्टाचार की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है.
नेता प्रतिपक्ष ने एंबुलेंस सेवा में हो रहे वित्तीय अनियमितता एवं कथित भ्रष्टाचार की शीघ्रातिशीघ्र जाँच कराकर एंबुलेंस संचालक एजेंसी सम्मान फाउडेंशन को किए गए अधिक राशि के भूगतान को वापस लेते हुए इस एजेंसी को काली सूची में डालने और इस लूट तंत्र के जिम्मेवार पदाधिकारी एवं कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने सहित अन्य मांग की है.

उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरे राज्य में मरीजों की सुविधा के लिए 108 एंबुलेंस सेवा पिछले कई वर्षों से संचालित हो रही है. बेशक सरकार की इस पहल से मरीजों को सुविधा मिल रही है लेकिन समय-समय पर एंबुलेंस वाहनों की खराबी की वजह से यह सेवा बाधित भी रहती है. कमोबेश हरेक जिलों में कुछ एंबुलेंस वाहन खराब पड़ा रहता है और इन खराब वाहनों का भी सरकार द्वारा निर्धारित दर प्रतिमाह एजेंसी/संचालक को विभाग की मिलीभगत से भुगतान किया जाता है.
यह समाचार कई बार अखबारों में प्रमुखता से प्रकाशित भी हुआ है लेकिन इस वित्तीय अनियमितता एवं हो रहे भ्रष्टाचार पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है. इससे यह प्रतीत होता है कि विभागीय पदाधिकारी एवं कर्मचारी की इस भ्रष्टाचार में संलिप्तता है.
सम्मान फाउडेंशन, पटना को करें ब्लैकलिस्टेड- बाबूलाल मरांडी
नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में विश्वस्त सूत्रों को हवाला देते हुए लिखा है कि ज्ञात एवं साक्ष्य के रूप में कुछ महत्वपूर्ण कागजात मिला है, जो पत्र के साथ संलग्न करते हुए आपका ध्यान आकृष्ट कराना चाहता हूं. उन्होंने कहा है कि मुझे प्राप्त साक्ष्य के अनुसार आपके विभाग द्वारा 543 एंबुलेंस वाहन का परिचालन किया जा रहा है.
वर्ष 2025 के 05 फरवरी को 500 एंबुलेंस वाहनों का परिचालन का जिम्मा सम्मान फाउडेंशन, पटना (संचालक इरफान आलम) की कंपनी को दिया गया, जिसमें से लगभग 2200 चालक, टेक्नीशियन, कॉल सेंटर स्टॉफ कार्यरत हैं. एंबुलेंस सेवा संचालन में हो रही गड़बड़ी, वित्तीय अनियमितता एवं भ्रष्टाचार को रेखांकित करते हुए कहना है कि ‘‘सम्मान फाउडेंशन‘‘ द्वारा राज्य के सभी जिलों में 500 एंबुलेंस सेवा संचालन किया जा रहा है. जिसमें लगभग 80 एंबुलेंस विभिन्न जिलों में कई-कई महीनों से खराब पड़े हैं लेकिन इन खराब पड़े एंबुलेंस का भी निर्धारित दर प्रति एंबुलेंस 93,000/- रुपये प्रति माह की दर से सम्मान फाउडेंशन को विभाग द्वारा भुगतान किया जा रहा है, जो भ्रष्टाचार का जीता-जागता प्रमाण है.
महीनों से खराब पड़े एम्बुलेंस की विस्तृत सूची रजिस्ट्रेशन नंबर सहित संलग्न है. इन खराब पड़े सभी 80 एंबुलेंस का महीनावार कुल मिलाकर 618 महीना होता है जिसका भुगतान विभाग द्वारा 5 करोड़ 74 लाख 74 हजार रुपया कर दिया गया है, यह भ्रष्टाचार का बड़ा नमूना है एवं सरकारी पैसे की लूट है. करोड़ों रुपये की हुई लूट की उच्च स्तरीय जांच कराना एवं संचालक और लूट तंत्र में शामिल दोषी पदाधिकारी एवं कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत है.
दूसरी बात यह है कि सम्मान फाउडेंशन संचालक पटना के इरफान आलम द्वारा कर्मचारियों का फरवरी 2025 से अक्टूबर 2025 (9 माह) तक का पीएफ/ईएसआई राशि जमा नहीं किया गया है, जो लगभग 7 करोड़ 12 लाख रुपये हैं. कर्मचारियों के हितों से संबंधित मामला है.
तीसरी महत्वपूर्ण बात है कि कर्मचारियों को फरवरी 2025 से जुलाई 2026 का वेतन लंबित है. संचालक के द्वारा आश्वासन दिया जाता है लेकिन अमल नहीं हो रहा है एवं अन्य कई समस्याएं यथा कर्मचारियों के वेतन, ओवरटाइम भुगतान से संबंधित है, जो बहुत ही गंभीर विषय है.
आपसे आग्रह है कि एंबुलेंस सेवा में हो रहे वित्तीय अनियमितता एवं कथित भ्रष्टाचार की शीघ्रातिशीघ्र जांच कराकर एंबुलेंस संचालक एजेंसी सम्मान फाउडेंशन को किए गए अधिक राशि के भुगतान को वापस लेते हुए उक्त एजेंसी को काली सूची में डाला जाए. साथ ही इस लूट तंत्र के जिम्मेवार पदाधिकरी एवं कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए.
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