'RDG पर चर्चा राजनीति से प्रेरित, भाजपा हिमाचल हित में खड़ी, सरकार की हठधर्मिता से प्रदेश को नुकसान'
जयराम ठाकुर ने कहा कि, हिमाचल को यदि आज राजस्व घाटा अनुदान नहीं मिला तो उसके जिम्मेदार मुख्यमंत्री और सुक्खू सरकार है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 18, 2026 at 8:37 PM IST
|Updated : February 18, 2026 at 10:48 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र में RDG बंद होने को लेकर हुई तीन दिवसीय सत्र के बाद मुख्यमंत्री के जवाब पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. विपक्ष के सदस्यों ने सदन के बाहर आकर नारेबाजी करते रहे और इसी बीच मुख्यमंत्री अपना भाषण देते रहे. आरडीजी को बहाल करवाने को लेकर सदन में प्रस्ताव पारित किया गया. वहीं, सदन से बाहर आने के बाद भी सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए. सत्ता पक्ष की ओर से विपक्ष पर हिमाचल के हितों के साथ खड़े न होने के आरोप लगाए गए. वहीं, विपक्ष ने सरकार पर हिमाचल को बेचने के आरोप लगाए. विपक्ष ने कहा कि हिमाचल हित के लिए हमेशा खड़े हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार के अपने राजनीतिक हित के लिए उनके साथ खड़े नहीं हो सकते हैं.
सदन में बहती रही मुख्यमंत्री के झूठ की धारा
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि, "सदन में लगातार झूठ बोला जा रहा है. मुख्यमंत्री जवाब देते हुए लगातार गलत आंकड़े पढ़ रहे थे. उनका उत्तर देने के लिए हमने समय मांगा, लेकिन हमें समय नहीं मिला. मजबूरन भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल को वेल में आकर नारेबाजी करनी पड़ी, लेकिन हमारा पक्ष नहीं सुना गया और मुख्यमंत्री के झूठ की धारा सदन में बहती रही. जब से यह सत्र चला है सत्ता पक्ष से लगातार यह बात कही जा रही थी कि आडीजी खैरात नहीं है अधिकार है. विधायक ही नहीं मुख्यमंत्री भी लगातार गलत आंकड़े अलग–अलग तरीके से प्रस्तुत कर रहे. मुख्यमंत्री वित्त विभाग की प्रेजेंटेशन से विपरीत आंकड़े दे रहे हैं. कितना झूठ सरकार में बैठे लोग बोल रहे हैं."
'हमने हर मंच पर हिमाचल की आवाज उठाई'
जयराम ठाकुर ने कहा कि, 15वें वित्त आयोग में हमारी सरकार द्वारा दी गई प्रेजेंटेशन लेकर आए थे. हमने जो बात सरकार में रहते हिमाचल के भले के लिए कर सकते थे किया. मुख्यमंत्री भी कह रहे थे कि आपने हिमाचल के हित के लिए 15वें वित्त आयोग में बहुत बढ़िया काम किया था. हमने काम किया, तर्कपूर्ण पक्ष रखे, हिमाचल की समस्याएं बताई, हर मंच पर हिमाचल की आवाज उठाई तो हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र से मदद मिली. हम आज भी अपनी उस प्रेजेंटेशन पर कायम हैं.
'सरकार की हठधर्मिता से प्रदेश को नुकसान'
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, "हिमाचल को यदि आज राजस्व घाटा अनुदान नहीं मिला तो उसके जिम्मेदार मुख्यमंत्री और सुक्खू सरकार है. हिमाचल के हितों की वह पैरवी नहीं कर पाए. भाजपा सदैव हिमाचल के हित के लिए लगातार तत्पर है. कांग्रेस की इस राजनीति से प्रदेश का नुकसान हो रहा है. सरकार को राजनीति से बाज आना चाहिए. सरकार की हठधर्मिता की वजह से प्रदेश का बहुत नुकसान हो रहा है."
...तो इसलिए कांग्रेस के साथ नहीं खड़ी हो सकती भाजपा
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, भाजपा लगातार हिमाचल के हितों की पैरवी केंद्र सरकार से करती रहती है. लेकिन, मुख्यमंत्री हिमाचल के हितों की पैरवी के बजाय सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए हिमाचल के हित सर्वोपरि है लेकिन कांग्रेस इस पर राजनीति कर रही है और राजनीति के मकसद से ही राजद पर चर्चा लाई गई है, ऐसे में भाजपा कांग्रेस के अपने राजनीतिक हित के लिए उनके साथ खड़ी नहीं हो सकती है.
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