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बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल में भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच कराने की मांग

रांची में नेता प्रतिपक्ष ने झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल में भ्रष्टाचार को लेकर सीएम को पत्र लिखा है. भुवन किशोर झा की रिपोर्ट.

Leader of Opposition Babulal Marandi letter to CM regarding corruption in Jharkhand State Pharmacy Council
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : August 24, 2026 at 6:57 PM IST

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Updated : August 24, 2026 at 7:12 PM IST

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रांचीः नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक बार भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में चिठ्ठी लिखा है. नेता प्रतिपक्ष ने इस बार मुख्यमंत्री को झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल में NOC, मान्यता, सीट आवंटन एवं परीक्षा संचालन को लेकर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाया है.

मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि पिछले लगभग एक दशक में राज्य में फार्मेसी कॉलेजों की संख्या 3 से बढ़कर करीब 150 हो गई. आरोप है कि कई संस्थानों को आवश्यक मानकों और संसाधनों के बिना NOC दिए गए तथा प्रति कॉलेज करीब 30 लाख तक की अवैध वसूली हुई.

पूरे तंत्र में लगभग 800 करोड़ के कथित सिंडिकेट की बात सामने आ रही है. कई कॉलेजों की मान्यता बाद में रद्द होना इन आरोपों को और गंभीर बनाता है. प्रश्न यह है कि इतने बड़े स्तर पर वर्षों तक कथित अनियमितताएं होती रहीं तो सरकार, संबंधित विभाग, मंत्री, अधिकारी और काउंसिल के पदाधिकारी इससे अनभिज्ञ कैसे रहे? यह केवल भ्रष्टाचार का मामला नहीं है. इससे हजारों विद्यार्थियों का भविष्य और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की गुणवत्ता सीधे प्रभावित होती है.

Leader of Opposition Babulal Marandi letter to CM regarding corruption in Jharkhand State Pharmacy Council
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा लिखे पत्र की कॉपी (ETV Bharat)

पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच हो- बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पत्र के माध्यम से पूरे प्रकरण की CBI अथवा उच्च न्यायालय के वर्त्तमान न्यायाधीश की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराए जाने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया है. उन्होंने मांग करते हुए कहा है कि पिछले दस वर्षों में जारी सभी NOC, मान्यताओं, सीट आवंटन और डिग्रियों का व्यापक ऑडिट हो तथा संबंधित मंत्री, अधिकारियों, काउंसिल पदाधिकारियों एवं बिचौलियों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाया जाए. दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और निर्दाेष विद्यार्थियों के हितों की रक्षा की जाए.

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Last Updated : August 24, 2026 at 7:12 PM IST