सीएम योगी ने कहा, "त्योहारों पर माहौल बिगाड़ने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई", पुलिस को 'जीरो टॉलरेंस' का आदेश
सीएम योगी ने बैठक में कहा कि पर्व-त्योहारों के दौरान सार्वजनिक उद्दंडता और माहौल बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 18, 2026 at 10:57 PM IST
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर सख्त रुख अपनाते हुए कड़ी चेतावनी जारी की है. उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहारों के दौरान सार्वजनिक उदंडता या माहौल खराब करने वालों के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हर हाल में शांति, सुरक्षा और अनुशासन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं और लापरवाही बरतने वालों पर जवाबदेही तय करने को कहा है. धार्मिक आयोजनों के संबंध में उन्होंने निर्देश दिया कि केवल परंपरागत स्वरूप का ही पालन कराया जाए और किसी भी नई परंपरा की अनुमति न दी जाए.
त्योहारों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा: बुधवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने चैत्र नवरात्र, अलविदा की नमाज और ईद-उल-फितर के मद्देनजर तैयारियों का जायजा लिया. उन्होंने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को संवेदनशीलता के साथ आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने को कहा है. चैत्र नवरात्र के दौरान देवी मंदिरों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए स्वच्छता, सुरक्षा, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रमुख मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है.
अपराध और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई: बदायूं, मुरादाबाद, गाजियाबाद और प्रयागराज सहित अन्य जिलों में हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. उन्होंने दो टूक कहा कि अपराध की एक भी घटना पूरे समाज का माहौल खराब करती है, इसलिए हर शिकायत को पूरी गंभीरता से लिया जाए. चेन स्नेचिंग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए पीआरवी-112 वाहनों की गश्त बढ़ाने और अपराधियों में पुलिस की वर्दी का खौफ पैदा करने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के मानकों के अनुसार धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज सीमित रखने और नियमों का उल्लंघन करने पर उन्हें हटाने की सख्त हिदायत दी है.
आपूर्ति व्यवस्था और गो-वंश संरक्षण: एलपीजी की आपूर्ति के विषय में मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद आम जनता को किसी प्रकार की किल्लत नहीं होनी चाहिए. उन्होंने जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, निराश्रित गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती और चारे के लिए समयबद्ध धनराशि भुगतान सुनिश्चित करने को कहा है. अयोध्या और मथुरा-वृंदावन में राष्ट्रपति महोदया के प्रस्तावित आगमन को देखते हुए प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने के निर्देश भी संबंधित जिलाधिकारियों को दिए गए हैं.
पुलिस बल की मुस्तैदी: बैठक के दौरान पुलिस महानिदेशक ने अवगत कराया कि आगामी श्रीरामनवमी और ईद के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पुलिस बल पूरी तरह सतर्क है. पूरे प्रदेश में फुट पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है. इस उच्चस्तरीय बैठक में शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ सभी जोन के एडीजी, पुलिस कमिश्नर और जिलों के कप्तान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे. मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि आमजन की समस्याओं का त्वरित और संवेदनशील समाधान ही शासन की प्राथमिकता होनी चाहिए.
यह भी पढ़ें- यूपी में 5.25 लाख स्मार्ट प्रीपेड बिजली उपभोक्ताओं का कटा कनेक्शन; 2.1 लाख ग्राहकों पर विजिलेंस की नजर

