DU के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज फेस्ट के दौरान छात्रों पर बरसी लाठियां, अभाविप ने कहा- छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करें
इस दौरान कई छात्र घंटों तक फंसे रहे. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की तरफ से घटना को लेकर नाराजगी जताई गई है.

Published : February 27, 2026 at 10:22 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज में गायक मोहित चौहान का लाइव परफॉर्मेंस के दौरान शुक्रवार को छात्रों की भारी भीड़ उमड़ी. कॉलेज प्रशासन ने बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन तो किए, लेकिन भीड़ और प्रवेश प्रबंधन की तैयारी नहीं की गई. इसके चलते अचानक एंट्री रोक दिए जाने, देरी और अव्यवस्था के कारण बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. इस दौरान कई छात्र, जो समय पर पहुंचे थे घंटों बाहर फंसे रहे. स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और भीड़ नियंत्रित करने के दौरान कुछ छात्रों पर दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिससे छात्रों नाराजगी बढ़ गई.
घटना को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. परिषद ने इस पूरी घटना की निंदा करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन और दिल्ली पुलिस से छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. दरअसल, दीन दयाल उपाध्याय महाविद्यालय के वार्षिक फेस्ट का शुक्रवार को दूसरा दिन था. इस आयोजन में दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल होने पहुंचे. छात्रों की अपेक्षा से अधिक भीड़ के कारण प्रवेश द्वार पर अव्यवस्था की स्थिति बन गई. पर्याप्त सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था न होने से भगदड़ जैसी स्थिति बनी, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. समुचित योजना और भीड़ प्रबंधन के उपाय किए गए होते तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था.
साथ ही परिषद ने दिल्ली पुलिस मांग की है कि घटना को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जाए और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. छात्रों पर बल प्रयोग किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता, विशेषकर तब जब वह सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रम में भाग लेने आए हों. वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन से आग्रह किया कि आने वाले दिनों में विभिन्न महाविद्यालयों में आयोजित होने वाले फेस्ट के मद्देनजर व्यापक और ठोस सुरक्षा योजना तैयार की जाए. इसमें भीड़ प्रबंधन की समुचित रणनीति, पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती, प्रवेश और निकास द्वारों की संख्या में बढ़ोतरी और आपातकालीन नियंत्रण तंत्र की प्रभावी व्यवस्था शामिल हो. बिना वैध पहचान पत्र के किसी को भी प्रवेश न दिया जाए, ताकि अनावश्यक भीड़ को रोका जा सके.

