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अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में डटे शहीद लांस हवलदार सुरेश गेनन की अंत्येष्टि, 20 मिनट पहले पिता से हुई थी आखिरी बात

अंतिम संस्कार के दौरान भारतीय सेना की टुकड़ी ने शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया.

Funeral of martyr Lance Havildar Suresh Gennan
शहीद लांस हवलदार सुरेश गेनन की अंत्येष्टि (ETV Bhart Sikar)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : July 2, 2026 at 2:53 PM IST

3 Min Read
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सीकर: जिले के दांतारामगढ़ तहसील के हरीपुरा गांव के वीर सपूत लांस हवलदार सुरेश कुमार गेनन का ड्यूटी के दौरान निधन हो गया. वे पंजाब के पठानकोट में तैनात थे. उनका निधन 1 जुलाई को हुआ. वे भारतीय सेना की 3 जाट रेजिमेंट में तैनात थे. सूबेदार सोहन राम ने बताया कि निधन के दौरान शहीद हवलदार सुरेश कुमार गेनन अमरनाथ यात्रा QRT की सुरक्षा टीम का हिस्सा थे. सैन्य अधिकारियों ने उनके निधन को बैटल कैजुअल्टी घोषित किया है. उनके शहीद होने की खबर मिलते ही पूरे गांव सहित क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव हरीपुरा पहुंचाया गया, जहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया.

शहीद सुरेश कुमार के पिता जगदीश गेनन ने बताया कि वे वर्ष 2011 में भारतीय थल सेना में भर्ती हुए थे. वर्तमान में वे पंजाब के पठानकोट क्षेत्र में 3 जाट रेजिमेंट में लांस हवलदार के पद पर तैनात थे. उनके पिता ने बताया कि शहादत से महज 20 मिनट पहले ही सुरेश कुमार से उनकी मोबाइल पर बातचीत हुई थी. बातचीत के दौरान उन्होंने जल्द ही छुट्टी लेकर गांव आने का भरोसा दिलाया था. परिवार उनके आने की तैयारियां कर ही रहा था कि कुछ देर बाद उनके शहीद होने की सूचना मिली. यह खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और पूरे गांव में मातम छा गया.

नम आंखों से दी शहीद को विदाई (ETV Bharat Sikar)

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तिरंगा यात्रा निकाली गई: शहीद सुरेश कुमार अपने पीछे पत्नी सीमा देवी, 9 वर्षीय पुत्र पियूष तथा अपने माता-पिता को छोड़ गए. परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. वहीं गांव के लोग परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए लगातार उनके घर पहुंच रहे हैं. शहीद के पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने से पहले खाचरियावास पुलिस चौकी से हरीपुरा गांव तक तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, युवा, पूर्व सैनिक और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए.

Paid tribute to the martyr by laying a floral wreath
शहीद को पुष्प चक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि (ETV Bharat Sikar)

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पूरे मार्ग पर भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से वातावरण गूंज उठा. अंतिम संस्कार के दौरान भारतीय सेना की टुकड़ी द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई. शहीद के 9 वर्षीय पुत्र पियूष ने मुखाग्नि दी. सीकर सांसद अमराराम और दांतारामगढ़ विधायक वीरेंद्र सिंह ने भी शहीद को पुष्प अर्पित किए और परिवार को ढांढस बंधाया. इधर, शहीद की मां आची देवी और पत्नी सीमा देवी का रो–रो कर बुरा हाल है.