ETV Bharat / state

उत्तराखंड के खूबसूरत हर्षिल घाटी में उमड़ी सैलानियों की भीड़, होटल और होमस्टे हुए पैक

न्यू ईयर का जश्न मनाने के लिए उत्तराखंड पहुंच रहे पर्यटक, सुक्की से हर्षिल तक होटल और होमस्टे हुए पैक

New Year Celebration in Uttarkashi
हर्षिल घाटी का रुख कर रहे सैलानी (फोटो सोर्स- Tourist)
author img

By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : December 28, 2025 at 10:49 PM IST

5 Min Read
Choose ETV Bharat

उत्तरकाशी: बीती अगस्त महीने की आपदा के बाद भी हर्षिल घाटी पर्यटकों से पूरी तरह पैक हो चुका है. होटल समेत होमस्टे बुक हो चुके हैं. आलम ये है कि स्थानीय लोगों को पर्यटकों को अपने घरों के कमरों में ठहराने को मजबूर होना पड़ रहा है. जबकि, दो दिन पहले तक वहां पर सन्नाटा पसरा हुआ था. अचानक पर्यटकों की उमड़ी भीड़ के बाद हर्षिल घाटी के लोगों के लिए उम्मीद की किरण नजर आई है.

बता दें कि दो दिन पहले तक हर्षिल और आसपास की घाटी के लोग मायूस बैठे थे कि कोई भी पर्यटक वहां पर नहीं आ रहे हैं, लेकिन बीती शुक्रवार और शनिवार को अचानक ऐसी भीड़ उमड़ी कि हर्षिल से लेकर सुक्की तक करीब 10 किमी की पूरी घाटी के होटल और होम स्टे पैक हो गए.

पर्यटकों की अच्छी आमद देखकर स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों के चेहरे तो खिल उठे, लेकिन धराली की कमी की टीस हर किसी के मन में भरी हुई है. हर्षिल, बगोरी, मुखबा रोड के सभी होटल और होमस्टे पूरी तरह पर्यटकों से पैक हो चुके हैं.

New Year Celebration in Uttarkashi
पर्यटकों से होटल हुए पैक (फोटो सोर्स- Tourist)

वहीं, जब लोगों को हर्षिल में स्थान नहीं मिला तो उन्हें घाटी के झाला, जसपुर और सुक्की के होटल एवं होमस्टे में हर्षिल से करीब आठ से दस किमी दूर ही रूकना पड़ा. हालांकि, इस दौरान पर्यटकों को एक-एक कमरे की कीमत चुकाने के लिए जहमत उठानी पड़ी. इस कारण हर्षिल में लोगों को पर्यटकों को अपने घरों में रुकवाने के लिए मजबूर होना पड़ा.

नए साल के जश्न और साहसिक पर्यटन के लिए डोडीताल व दयारा पहुंचने लगे पर्यटक: नए साल के जश्न को मनाने और इसके साथ ही ट्रैकिंग के माध्यम से रोमांच का अनुभव लेने के लिए देश व प्रदेश के विभिन्न स्थानों से पर्यटक अच्छी संख्या में डोडीताल एवं दयारा बुग्याल पहुंच रहे हैं.

मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए ट्रेकर्स और पर्यटक बर्फबारी का लुत्फ उठाने एवं साहसिक पर्यटन को जीवंत करने के लिए अगोड़ा, रैथल, बार्सू के होमस्टे व होटलों में पहुंच चुके हैं. कई ट्रेकर्स और पर्यटक डोडीताल और दयारा बुग्याल, हरकीदून समेत अन्य ट्रैक पर निकल चुके हैं.

New Year Celebration in Uttarkashi
कैंपिंग करते ट्रेकर्स (फोटो सोर्स- Tourist)

देहरादून, दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बेंगलुरु आदि प्रदेशों और शहरों से लोग इस बार डोडीताल व दयारा बुग्याल का रुख कर रहे हैं. नए साल के जश्न के लिए पर्यटक और ट्रेकर्स अच्छी संख्या में डोडीताल के बेस कैंप अगोड़ा गांव पहुंच रहे हैं.

इसके साथ ही दयारा बुग्याल के बेस कैंप रैथल और बार्सू में भी पर्यटकों की अच्छी संख्या देखने को मिल रही है. आपदा के बाद से पर्यटकों और ट्रेकर्स की अच्छी संंख्या उमड़ने से अब ट्रेकिंग व पर्यटन व्यवसायियों के चेहरे खिल उठे हैं.

अगोड़ा गांव के पर्यटन व ट्रैकिंग से जुड़े उमेद पंवार, राजेश पंवार, मुकेश पंवार, सुनील आदि का कहना ट्रेकर्स और पर्यटक डोडीताल की ओर रवाना हो चुके हैं. वहीं, दूसरी ओर रैथल के होमस्टे संचालक पृथ्वीराज राणा का कहना है कि आपदा के बावजूद भी दयारा बुग्याल की ट्रैकिंग पर्यटकों की अच्छी संख्या पहुंच रही है. हालांकि, अभी तक बर्फबारी नहीं होने के कारण थोड़ा मायूसी जरूर है.

New Year Celebration in Uttarkashi
कैंपिंग का लुत्फ उठाते पर्यटक (फोटो सोर्स- Tourist)

बीते सालों में जहां नए साल के जश्न पर रहती थी भीड़, आज वीरान पड़ा है धराली: बीते अगस्त महीने में धराली और हर्षिल में आई आपदा के बाद इस बार न्यू ईयर के जश्न का मुख्य पर्यटन स्थल वीरान नजर आ रहा है. धराली में सभी होटल और होमस्टे मलबे में दबे हैं. इस साल आपदा के बाद हर्षिल और आसपास के गांव के होटलों और होमस्टे में भी बुकिंग नहीं आई है.

इस कारण वहां पर होटल व्यवसायियों को इस साल निराश होना पड़ा. पिछले साल तक धराली में नए साल के जश्न और क्रिसमस की छुट्टी के लिए पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती थी. हजारों पर्यटक हर्षिल घाटी की सर्द वादियों में बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच जश्न मनाकर नए वर्ष का स्वागत करते थे. वहीं, अब सन्नाटा पसरा है.

New Year Celebration in Uttarkashi
आपदा के बाद ऐसा नजर रहा धराली (फोटो सोर्स- Tourist)

धराली में सबसे ज्यादा पर्यटक रुकते थे, लेकिन बीते अगस्त महीने में आई आपदा के बाद धराली में चारों ओर मलबा ही मलबा पसरा हुआ है. आपदा के बाद जो होमस्टे और होटल बच गए थे. उनमें भी ताले लगे हुए हैं. इस वर्ष वहां पर किसी भी प्रकार का जश्न नहीं मनाया जा रहा है.

होटल व्यवसायी अर्जुन नेगी, संदीप सिंह, दीपक राणा ने कहा कि इस बार धराली की कमी साफ देखने को मिली. क्योंकि, हर साल धराली पर्यटकों की पहली पसंद होती थी, लेकिन इस बार वहां पर बस मलबा ही पसरा हुआ है.

ये भी पढ़ें-