चमोली के नंदानगर में लैंडस्लाइड, टैक्सी स्टैंड पर खड़े वाहन क्षतिग्रस्त, लगातार आ रहा मलबा
चमोली में नंदा नगर टैक्सी स्टैंड के ऊपर पहाड़ पर लैंडस्लाइड हुआ है. इससे दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : August 27, 2026 at 4:27 PM IST
चमोली: नंदानगर में सितेल-सुतोल टैक्सी स्टैंड के पास गुरुवार को अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर टूट गया. देखते ही देखते भारी मलबा और बड़े-बड़े पत्थर सड़क किनारे खड़े वाहनों पर जा गिरे. भूस्खलन की चपेट में आने से दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई.
भूस्खलन की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिरते दिखाई दे रहे हैं. सबसे चिंता की बात यह रही कि जिस स्थान पर भूस्खलन हो रहा है, उसके ठीक नीचे सड़क से वाहनों की आवाजाही भी बनी रहती है.
अचानक टूटा पहाड़, वाहनों पर गिरा मलबा: नंदानगर के एसआई मनोज भट्ट ने बताया कि सितेल एवं सुतोल टैक्सी स्टैंड के पास अचानक पहाड़ी टूटने से भूस्खलन हुआ है. पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिरा और इसकी चपेट में आने से दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. फिलहाल किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है. पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए स्थानीय लोगों से टैक्सी स्टैंड के पास नहीं जाने की अपील की है.
पहाड़ी से अभी भी लगातार मलबा और बड़े पत्थर गिर रहे हैं. ऐसे में प्रभावित क्षेत्र में आना जाना जोखिम में डालने के बराबर हो सकता है.
-मनोज भट्ट, एसआई-
बारिश में पहाड़ की दरकती जमीन बनी मुसीबत: चमोली में बारिश के दौरान भूस्खलन कोई नई बात नहीं है, लेकिन हर बार दरकती पहाड़ी अपने पीछे खतरे की नई तस्वीर छोड़ जाती है. जिले के कई ग्रामीण इलाकों में सड़कें भूस्खलन की चपेट में आने से यातायात बाधित हो जाता है. सड़क बंद होने पर ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए कई किलोमीटर पैदल चलकर तहसील और जिला मुख्यालय तक पहुंचना पड़ता है.
पहाड़ में बरसात के दिनों में सड़क, पैदल रास्ते और संपर्क मार्ग ही जीवन की सबसे बड़ी कड़ी होते हैं. इनके बंद होते ही गांवों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं. नंदानगर में टैक्सी स्टैंड के पास हुए ताजा भूस्खलन ने एक बार फिर बारिश के मौसम में संवेदनशील पहाड़ियों और सड़क किनारे सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि किसी बड़े हादसे का इंतजार न करना पड़े.
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