मणिकर्ण घाटी में पहाड़ी दरकने से मची अफरा-तफरी, बाल-बाल बचे वाहन चालक
साफ मौसम के बीच कुल्लू जिले के मणिकर्ण घाटी में भारी भूस्खलन हुआ है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 24, 2026 at 1:23 PM IST
|Updated : February 24, 2026 at 1:58 PM IST
कुल्लू: जिला कुल्लू की मणिकर्ण घाटी में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब मंगलवार सुबह मौसम के बीच अचानक पहाड़ी दरकने लगी. भूस्खलन के दौरान सड़क से गुजर रहे वाहन चालक बाल-बाल बच गए. वरना बड़ा हादसा हो सकता था. वहीं, पहाड़ी से भारी मलबा गिरने की वजह से मणिकर्ण-बरशैणी सड़क पूरी तरह से बंद हो गई है. घटीगढ़ के नजदीक पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थरों और मलबे के कारण मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है. पहाड़ी से यह भूस्खलन साफ मौसम में हुआ है, जिससे घाटी के लोगों में डर का माहौल बना हुआ है.
मणिकर्ण घाटी में भारी लैंडस्लाइड
गनीमत यह रही कि, पहाड़ी से हुए भूस्खलन की चपेट में कोई वाहन नहीं आया. भूस्खलन का वीडियो भी सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें तीन गाड़ियां ऐन मौके पर रुक गईं. अगर गाड़ियां नहीं रुकती तो भारी नुकसान हो सकता था. स्थानीय निवासी शशि ठाकुर कहते हैं कि, "बारिश और बर्फबारी के बाद पहाड़ी का बड़ा हिस्सा अस्थिर हो चुका है. ऐसे में दिन-रात छोटे-बड़े पत्थर सड़क पर गिर रहे हैं, जिससे इस मार्ग पर सफर करना खतरे से खाली नहीं है."
स्थानीय लोगों की प्रशासन से मांग
इसके अलावा स्थानीय निवासी अनिल कुमार का कहना है कि, "पहले भी कई बार यह मार्ग बंद हो चुका है. लेकिन, अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है. इस सड़क से रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं, जिनमें पर्यटक, स्कूली बच्चे, मरीज और आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोग शामिल हैं. कई बार वाहन चालकों को स्वयं मलबा हटाकर रास्ता बनाना पड़ता है. ऐसे में पहाड़ी से हुए भूस्खलन के बाद सैलानियों और श्रद्धालुओं में भी डर का माहौल है. जिससे पर्यटन गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है."

स्थानीय लोगों का कहना है कि, केवल अस्थायी तौर पर मलबा हटाना समस्या का समाधान नहीं है. पहाड़ी की वैज्ञानिक ट्रीटमेंट, मजबूत रिटेनिंग वाल और वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था बेहद जरूरी है. उन्होंने प्रशासन से ठोस और दीर्घकालिक कदम उठाने की मांग की है.
वाहन चालकों से अपील
वहीं, लोक निर्माण विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर गोविंद ठाकुर का कहना है कि, "मार्ग को बहाल करने का कार्य किया जा रहा है. मणिकर्ण में एक मशीन तैनात की गई है, ताकि भविष्य में मार्ग बंद होते ही तुरंत कार्रवाई की जा सके. मार्ग से गुजरते वक्त वाहन चालक सावधानी बरतते हुए वाहन चलाएं."
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