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हिमाचल के इस गांव पर फिर मंडराया भू-धंसाव का खतरा, 8 साल पहले यहां हुआ था भीषण लैंडस्लाइड

2018 में हुए भीषण लैंडस्लाइड के चलते 7 परिवारों को अपना घर छोड़ने के लिए होना पड़ा था मजबूर, अब फिर मंडराया खतरा.

Land subsidence in Karyalag village
करयालग गांव में भू-धंसाव का खतरा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : June 30, 2026 at 2:37 PM IST

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बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश मानसून की एंट्री से पहले ही कहर बरपाना शुरू कर रही है. आगामी 3 से 4 दिन में मानसून प्रदेश में दस्तक देने वाला है, लेकिन उससे पहले ही प्रदेश में कई जगहों पर बारिश का कहर शुरू हो गया है. ताजा मामला बिलासपुर जिले का है. घुमारवीं उपमंडल की कसारू पंचायत के गांव करयालग में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद सड़क के नीचे जमीन धंसने लगी है, जिसने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है.

2018 में भी हुआ था भारी लैंडस्लाइड

कसारू पंचायत के गांव करयालग में ये वहीं संवेदनशील स्थान है, जहां साल 2018 में हुए भीषण लैंडस्लाइड के कारण 7 परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े थे और क्षेत्र को भारी नुकसान झेलना पड़ा था. एक बार फिर उसी स्थान पर भू-धंसाव के संकेत मिलने से ग्रामीणों में भय का माहौल है. रविवार रात और सोमवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद सड़क का एक हिस्सा प्रभावित हो गया है.

बड़े वाहनों की आवाजाही बंद

सड़क के नीचे मिट्टी खिसकने और दरारें आने के कारण प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बधाघाट-सोहणी देवी मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही रोक दी है. वर्तमान में इस मार्ग से सिर्फ छोटे वाहनों को ही गुजरने की अनुमति दी गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए तो लगातार हो रही बारिश के कारण स्थिति और गंभीर हो सकती है.

"कसारू पंचायत के गांव करयालग में भू-धंसाव की सूचना मिली है. संबंधित अधिकारियों के साथ जल्द ही मौके का निरीक्षण किया जाएगा और रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी." - गौरव चौधरी, एसडीएम घुमारवीं

ग्रामीणों ने जताया बड़े हादसे का अंदेशा

वहीं, स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रभावित स्थान के नीचे 33 केवी बिजली सब स्टेशन का निर्माण कार्य भी चल रहा है. ऐसे में भू-धंसाव बढ़ने की स्थिति में निर्माण कार्य और आसपास की आबादी दोनों पर खतरा पैदा हो सकता है. सोमवार सुबह जैसे ही सड़क धंसने की सूचना मिली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया.

प्रशासन से लोगों ने लगाई ये गुहार

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल भू-वैज्ञानिकों और संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजने, प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करवाने, सड़क की सुरक्षा और मरम्मत के लिए स्थायी उपाय करने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि मानसून अभी शुरू ही हुआ है और अगर समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है. लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र की लगातार निगरानी करने और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम करवाने की भी अपील की है.

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