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'बिहार में 90 दिनों में कराएं दाखिल खारिज', विजय सिन्हा बोले- राजस्व कार्यो में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं

अगर आप बिहार में जमीन खरीद-बिक्री किए हैं तो 90 दिनों में दाखिल खारिज करा लें. मंत्री ने अधिकारियों संग महत्वपूर्ण बैठक की. पढ़ें खबर

VIJAY SINHA
विजय कुमार सिन्हा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : December 6, 2025 at 1:31 PM IST

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पटना : बिहार के मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री तक एक्शन में हैं. भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सख्त निर्देश दिया है. उपमुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग के अंदर व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर अधिकारियों को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि विभाग में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. साथ ही लोगों से भी अनुरोध किया है कि संपत्ति खरीद के 90 दिनों के भीतर दाखिल खारिज करा लें.

'राजस्व कर्मचारियों को निर्धारित पंचायत में बैठना जरूरी' : उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राजस्व प्रशासन की पारदर्शिता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. पंचायत सरकार भवनों को सरकार ने गांव के प्रशासनिक केंद्र के रूप में विकसित किया है. इसलिए राजस्व कार्यों को निर्धारित स्थल से ही संचालित किया जाना अनिवार्य है.

विजय कुमार सिन्हा का बयान (ETV Bharat)

''किसी भी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा कार्यालय व्यवस्था से खिलवाड़, निजी व्यक्तियों का हस्तक्षेप या अवैध वसूली किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जिले के पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जनता को सुविधाएं नियुक्त स्थल पर ही समय पर और बिना किसी परेशानी के मिलें. किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी.''- विजय कुमार सिन्हा, उपमुख्यमंत्री, बिहार

उपमुख्यमंत्री विजय सिंन्हा ने कहा कि राजस्व कर्मचारियों की निर्धारित कार्यालय की सूची अंचल कार्यालयों एवं संबंधित पंचायत सरकार भवन में नाम नंबर के साथ प्रदर्शित किया जाय और सुनिश्चित किया जाए कि सभी कर्मचारी वहीं से कार्य करें. एक से अधिक हल्का प्रभार वाले कर्मचारियों के लिए रोस्टर तैयार किया जाए ताकि वे प्रत्येक निर्धारित स्थल पर कार्यरत रहें.

बैठक करते विजय सिन्हा
बैठक करते विजय सिन्हा (ETV Bharat)

'समाहर्ता, सीओ लिखित में दें' : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी जिलों के समाहर्ता को पत्र भेजा है. इसमें निर्देश दिया है कि अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों द्वारा निर्धारित कार्यालय स्थल अंचल कार्यालय, पंचायत सरकार भवन, राजस्व कचहरी या सामुदायिक भवन से ही कार्य संचालित किया जाए.

'निजी स्थान पर नहीं चला सकते हैं कार्यालय' : सचिव ने पत्र जारी कर कहा है कि विभाग को मिली शिकायतों में यह पाया गया है कि कुछ हल्का कर्मचारी निर्धारित स्थानों से इतर निजी स्थानों पर छद्म कार्यालय चलाकर राजस्व कार्य कर रहे हैं. इतना ही नहीं, कुछ मामलों में अंचल अधिकारियों के लैपटॉप और डोंगल का दुरुपयोग निजी दलालों द्वारा किए जाने तथा आवेदकों से अवैध वसूली की जानकारी भी प्राप्त हुई है.

बैठक करते विजय सिन्हा
बैठक करते विजय सिन्हा (ETV Bharat)

''विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट कहा है कि यह आचरण सरकारी सेवक के लिए पूर्णतः अस्वीकार्य है. सभी समाहर्ता को अपने स्तर पर सख्त मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा डीसीएलआर, एसडीओ और एडीएम को नियमित औचक निरीक्षण का निर्देश दिया गया है.''- जय सिंह, सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग

'अंचल अधिकारी होंगे भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार' : सचिव ने सभी अंचलाधिकारी से लिखित रिपोर्ट मांगी है. पत्र में यह भी कहा गया है कि राजस्व अभिलेख केवल अंचल अभिलेखागार में ही रखे जाएं, किसी भी परिस्थिति में अभिलेख किसी कर्मचारी के पास या हल्का कार्यालय में भौतिक रूप से पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी.

''दलालों के हस्तक्षेप पर पूर्ण रोक लगाई जाए तथा एक सप्ताह के भीतर सभी अंचल और हल्का कार्यालयों का निरीक्षण कराया जाए. निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कठोर अनुशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कर विभाग को रिपोर्ट भेजी जाए.''- जय सिंह, सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग

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