पर्यटकों के लिए बंद होने जा रहा हिमाचल का ये प्रसिद्ध पर्यटन स्थल, अब नहीं उठा पाएंगे बर्फबारी का लुत्फ!
सीसू हिमाचल का एक प्रमुख और लोकप्रिय पर्यटन स्थल है. यहां हर साल लाखों की तादाद में सैलानी बर्फबारी का आनंद लेने आते हैं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : January 10, 2026 at 3:52 PM IST
कुल्लू: हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सीसू पर्यटकों के लिए बंद होने जा रहा है. ग्राम पंचायत सीसू ने 20 जनवरी से 28 फरवरी तक इस क्षेत्र में सभी पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाने का फैसला लिया है. इस दौरान सीसू में न तो पर्यटकों का प्रवेश होगा और न ही किसी प्रकार की शोर-शराबे वाली गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी. पंचायत का कहना है कि इस अवधि में देवी-देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना और तपस्या होती है, जिसे शांत वातावरण में संपन्न कराना बेहद जरूरी है.
धार्मिक आयोजनों के कारण लिया गया फैसला
पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार हर साल जनवरी और फरवरी माह में सीसू और आसपास के क्षेत्रों में देवी-देवताओं की पूजा, तपस्या और पारंपरिक अनुष्ठान किए जाते हैं. इन धार्मिक आयोजनों के दौरान पूरे क्षेत्र में शांति बनाए रखना स्थानीय परंपरा का हिस्सा है. इसी को ध्यान में रखते हुए पंचायत ने यह निर्णय लिया है कि 20 जनवरी से 28 फरवरी तक सीसू में पर्यटन गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेंगी.

प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन
ग्राम पंचायत सीसू की ओर से इस संबंध में एसडीएम केलांग और एसपी लाहौल-स्पीति को ज्ञापन सौंपा गया है. पंचायत ने मांग की है कि इस अवधि में सीसू मैदान और आसपास के क्षेत्रों की ओर किसी भी प्रकार के वाहनों की आवाजाही न होने दी जाए. पंचायत का कहना है कि वाहनों की आवाजाही और पर्यटकों की भीड़ से शांति भंग होती है, जिससे धार्मिक अनुष्ठानों में बाधा आती है.
पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है सीसू
सीसू जिला लाहौल-स्पीति के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल है. यहां आने वाले सैलानी बर्फीले नजारों, सीसू झील और विभिन्न शीतकालीन गतिविधियों का आनंद लेते हैं. सर्दियों में यहां आइस स्केटिंग, स्नो स्कूटर, स्नोबॉल और बर्फ के बीच खेलने जैसी गतिविधियां खास आकर्षण रहती हैं. हालांकि इन दिनों माइनस तापमान के कारण सीसू झील पूरी तरह जम चुकी है और झील में कोई गतिविधि नहीं हो रही है.
अन्य इलाकों की ओर जारी रहेगी आवाजाही
अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित होने के कारण सीसू में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ी है. अटल टनल खुलने के बाद बड़ी संख्या में सैलानी सर्दियों में भी यहां पहुंचने लगे हैं. हालांकि पंचायत के फैसले के बाद अब पर्यटक इस अवधि में सीसू नहीं जा सकेंगे. हालांकि सीसू में पर्यटन गतिविधियां बंद रहेंगी, लेकिन अटल टनल से केलांग, उदयपुर और कोकसर की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहनों की आवाजाही जारी रहेगी. पर्यटक चाहें तो अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल से करीब छह किलोमीटर दूर स्थित कोकसर का रुख कर सकते हैं, जहां वे बर्फ का आनंद ले सकते हैं.
स्थानीय लोगों ने फैसले का किया समर्थन
सीसू पंचायत के प्रधान राजीव कुमार ने बताया कि बीते साल भी इसी अवधि में पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी. इस साल भी प्रशासन ने पंचायत को सहयोग देने का भरोसा दिलाया है, ताकि देवी-देवताओं की पूजा और तपस्या बिना किसी बाधा के पूरी हो सके. लाहौल घाटी के स्थानीय निवासी किशन लाल, दिनेश कुमार और सोनू ठाकुर का कहना है कि जनवरी माह में लाहौल घाटी में लोसर, हालडा, पूना सहित कई धार्मिक उत्सव मनाए जाते हैं. इन आयोजनों के दौरान लोग स्वेच्छा से शांति बनाए रखते हैं और किसी भी प्रकार का शोर-शराबा नहीं करते.
स्थानीय लोगों का मानना है कि पर्यटन महत्वपूर्ण है, लेकिन धार्मिक आस्थाएं और परंपराएं उससे भी अधिक अहम हैं. पंचायत और प्रशासन के इस फैसले से देवी-देवताओं की पूजा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकेगी और स्थानीय संस्कृति का संरक्षण भी होगा.
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