बजट से पहले गैरसैंण में सड़कों पर उतरी महिलाएं, स्वास्थ्य सेवाओं की उठाई मांग, जानिये क्या कहा
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संसाधनों की मांग को लेकर गैरसैंण में प्रदर्शन हुआ.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 21, 2026 at 1:29 PM IST
गैरसैंण: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैंण में अल्ट्रासाउंड, सर्जन, फिजिशियन सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए संसाधनों की व्यवस्था किये जाने की मांग को लेकर आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं सहित महिला मंगल दलों की पदाधिकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया. गैरसैंण के रामलीला मैदान में एकत्रित होकर सभी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं व महिलाओं ने गैरसैंण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रेड्योलॉजिस्ट,ओटी सहित अन्य सुविधाएं व संसाधनों की व्यवस्था किये जाने की मांग की.
इस दौरान रामलीला मैदान से मुख्य बाजार होते हुए तहसील कार्यालय तक महिलाओं व कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने सरकार व स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन व नारेबाजी की. तहसील कार्यालय पहुंचकर जल्द गैरसैंण अस्पताल में संसाधनों की व्यवस्था करने का मांग पत्र मुख्यमंत्री को प्रेषित किया.
इस दौरान प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष व व्यापार संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि विगत कई वर्षों से गैरसैंण स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली को लेकर आंदोलन व प्रदर्शन किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक ज्ञापन दिए गए, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है. जिसके कारण आज फिर मजबूर होकर सड़कों पर उतरकर अपनी मांग रखनी पड़ रही है. उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 9 मार्च से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गई तो भराड़ीसैण में आयोजित बजट सत्र का पुरजोर विरोध किया जायेगा.
वहीं, उन्होंने गैरसैंण परिक्षेत्र के विकास के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा 25 हजार करोड़ की घोषणा को लेकर भी सवाल उठाये. उन्होंने कहा आज तक उन 25 हजार करोड़ रुपयों से गैरसैंण विकासखण्ड क्षेत्र में क्या काम हुआ है, सरकार को ये भी बताना चाहिए. उन्होंने कहा सरकार 4 दिन की पिकनिक मनाने गैरसैंण आ रही है. झूठे वादे और झूठी घोषणाएं करके के जनता को बेवकूफ बनाने व ठगने का काम कर रही है.
कांग्रेस नगर अध्यक्ष कुंवर सिंह रावत ने गैरसैंण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली को लेकर कई सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा एक और सरकार गैरसैंण के विकास को लेकर बड़े बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति करके अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन संसाधनों के आभाव में विशेषज्ञ चिकित्सक हाथी के दांत साबित हो रहे हैं. उन्होंने कहा अल्ट्रासाउंड मशीन है लेकिन रेड्योलॉजिस्ट नही है. महिला रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति तो सरकार ने कर दी है लेकिन ओटी नहीं है.एनेस्थीसिया की नियुक्ति कर दी गई है लेकिन ऑपरेशन करने वाला सर्जन ही नहीं है. उन्होंने गैरसैंण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द सरकार से संसाधन मुहैया कराने की मांग की है.
पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुमति बिष्ट ने कहा बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गैरसैंण में कई बार गर्भवती महिलायें इलाज के आभाव में दम तोड़ दे रही हैं. जिसको लेकर कई बार आंदोलन व प्रदर्शन किए गए. सरकार के कानों में आज तक जूं नही रेंगी है. जिस कारण आये दिन मरीजों को रानीखेत व श्रीनगर का रुख करना पड़ता है. उन्होंने महिलाओं को पार्टीवाद छोड़कर एकजुट होकर अपनी मांग को रखने का आह्वान किया.
भाजपा महिला मोर्चा की नगर अध्यक्ष लक्ष्मी रावत ने भी बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा वो बजट सत्र के दौरान इन सब मांगों को लेकर महिलाओं के साथ मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर इन सभी बातों को रखेंगी. पूर्व सभासद सरोज शाह ने जल्द स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने की मांग की. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैंण के चिकित्सा अधीक्षक अर्जुन रावत ने कहा कि ओटी व अन्य सभी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए एफआरयू (फर्स्ट रेफरल यूनिट) की डीपीआर बनाकर शासन सहित भारत सरकार को भेज दी गई है.
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