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SPECIAL: प्रतिभा भरपूर, सुविधाएं नदारद, संथाल के खिलाड़ियों के सपनों पर भारी पड़ रही कुमैठा स्टेडियम की बदहाली

देवघर के कुमैठा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की हालत खराब है. फंडिंग और रखरखाव की कमी का असर खेल सुविधाओं पर पड़ रहा है.हितेश चौधरी की रिपोर्ट.

KUMAITHA STADIUM IN DEOGHAR
जर्जर हालत में स्टेडियम (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : August 30, 2026 at 7:21 PM IST

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Updated : August 30, 2026 at 8:35 PM IST

4 Min Read
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देवघर: झारखंड को खिलाड़ियों की धरती कहा जाता है. महेंद्र सिंह धोनी, दीपिका कुमारी और सलीमा टेटे जैसे खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है. ऐसे में राज्य के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों से निकलने वाली खेल प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं देने की जरूरत और भी बढ़ जाती है. लेकिन देवघर का कुमैठा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स इस तस्वीर का दूसरा पहलू दिखा रहा है.

स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की हालत खराब

संथाल परगना के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2018 में कुमैठा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की शुरुआत की गई थी. यहां अलग-अलग खेलों के लिए सुविधाएं विकसित करने की योजना थी, लेकिन कुछ वर्षों में ही कई व्यवस्थाएं बदहाल होने लगीं. फंडिंग और रखरखाव की कमी का असर अब खेल सुविधाओं पर साफ दिखाई दे रहा है.

स्टेडियम मैनेजर, तैराकी के कोच और अध्यक्ष के बयान (Etv Bharat)

वर्षों से बंद पड़ा स्विमिंग पूल

कुमैठा स्टेडियम में तैराकी सीखने के लिए बनाया गया स्विमिंग पूल पिछले कई वर्षों से खराब पड़ा है. स्टेडियम मैनेजर कुंदन शाह के मुताबिक, चुनाव के दौरान स्विमिंग पूल में ईवीएम रखे जाने के बाद इसकी स्थिति खराब हुई और करीब दो वर्षों से यह बंद है. उन्होंने बताया कि पूल को दुरुस्त करने की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही इसे खिलाड़ियों के लिए दोबारा शुरू किया जाएगा.

KUMAITHA STADIUM IN DEOGHAR
कुमैठा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की हालत (Etv Bharat)

स्विमिंग पूल बंद होने का सीधा असर उन बच्चों पर पड़ रहा है, जो तैराकी में अपना करियर बनाना चाहते हैं. खेल संगठन से जुड़े वरिष्ठ सदस्य और कोच नवीन शर्मा बताते हैं कि फिलहाल बच्चों को तालाब में तैराकी की ट्रेनिंग देनी पड़ रही है. इससे बच्चों की नियमित और तकनीकी ट्रेनिंग प्रभावित होती है.

तालाब में ट्रेनिंग, फिर भी प्रतिभा दिखा रहे खिलाड़ी

नवीन शर्मा के मुताबिक, संसाधनों की कमी के बावजूद देवघर और संथाल क्षेत्र के बच्चों में खेल की जबरदस्त प्रतिभा है. कई बच्चे तालाब में अभ्यास करने के बाद भी तैराकी के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका कहना है कि अगर खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन और तकनीकी प्रशिक्षण मिले, तो क्षेत्र से कई प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकती हैं.

KUMAITHA STADIUM IN DEOGHAR
कुमैठा स्टेडियम की बदहाली (Etv Bharat)

एथलेटिक्स ट्रैक का इंतजार

कुमैठा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में सिर्फ स्विमिंग पूल ही नहीं, बल्कि एथलेटिक्स से जुड़ी सुविधाएं भी लंबे समय से अधूरी पड़ी हैं. एथलेटिक्स के लिए मैदान और ट्रैक तैयार करने की प्रक्रिया वर्षों से लंबित बताई जा रही है. ऐसे में खिलाड़ियों को बेहतर स्तर की प्रैक्टिस के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं.

KUMAITHA STADIUM IN DEOGHAR
खेल छात्रावास (Etv Bharat)

खेल संगठन के अध्यक्ष ध्रुव सिंह का कहना है कि स्टेडियम की मरम्मत और स्विमिंग पूल को दोबारा शुरू कराने को लेकर अधिकारियों से लगातार बातचीत की जा रही है. श्रावणी मेले की व्यस्तता के कारण इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी, लेकिन अब अधिकारियों के साथ बैठक कर स्टेडियम की व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने की कोशिश की जाएगी.

KUMAITHA STADIUM IN DEOGHAR
कुमैठा स्टेडियम का बदहाल स्विमिंग पूल (Etv Bharat)

प्रशासन ने दिया सुविधाएं बेहतर करने का भरोसा

जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन कुमैठा स्टेडियम में उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम करेगा. प्रशासन की ओर से एथलेटिक्स के लिए ट्रैक तैयार करने और फुटबॉल स्टेडियम को भी बेहतर स्वरूप देने की बात कही गई है. प्रस्तावित सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने का लक्ष्य बताया गया है, ताकि खिलाड़ी बेहतर माहौल में अभ्यास कर सकें.

प्रशासन से उम्मीद

अब सवाल यही है कि जिस कुमैठा स्टेडियम को संथाल परगना के खिलाड़ियों के लिए उम्मीद का बड़ा केंद्र बनाया गया था, उसकी बदहाल स्थिति आखिर कब तक दुरुस्त होगी? क्योंकि यहां प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ इतनी है कि खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए सही संसाधन और बेहतर मंच मिल सके.

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Last Updated : August 30, 2026 at 8:35 PM IST