ETV Bharat / state

सरकारी महकमे की नजर से कोसों दूर जामताड़ा का कुष्ठ कॉलोनी, उपेक्षित जिंदगी जीने को मजबूर लोग, सुविधाओं का घोर अभाव

जामताड़ा के मिहिजाम हासी पहाड़ी कुष्ठ कॉलोनी में रहने वाले लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं. वे बदहाली में रहने को मजबूर हैं.

kushth colony in Jamtara
कुष्ठ कॉलोनी का हाल (Etv Bharat)
author img

By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : February 19, 2026 at 5:26 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

जामताड़ा: जिले में विकास और सुविधाओं के लाख दावे भले किए गए हों, लेकिन शहरी इलाके में स्थित कई इलाके ऐसी बदहाली में हैं, जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता. जामताड़ा के मिहिजाम शहर का एक इलाका ऐसी ही उपेक्षा का शिकार है. पश्चिम बंगाल की सीमा से लगे हुए मिहिजाम के हासी पहाड़ी स्थित कुष्ठ स्नेहा कॉलोनी बहुत ही बुरे दौर से गुजर रही है. हासी पहाड़ी कहने को तो मिहिजाम नगर परिषद के अतंर्गत आता है, लेकिन यहां सुविधाओं का घोर अभाव है.

हासी पहाड़ी कुष्ठ स्नेहा कॉलोनी में रहने वाले उपेक्षित जिंदगी जीने को मजबूर हैं. यह कुष्ठ स्नेहा कॉलोनी कुष्ठ के मरीजों के परिवार का घर है, जो समाज से अलग-थलग अपनी जिंदगी जी रहे हैं. यह कॉलोनी नगर परिषद के वार्ड नंबर 20 में आती है. ये लोग वोट तो देते हैं, लेकिन उन्हें नगर परिषद या प्रशासन से कोई खास सुविधाएं नहीं मिलतीं. वे टूटी-फूटी झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं.

kushth colony in Jamtara
कुष्ठ कॉलोनी का हाल (Etv Bharat)

इन लोगों के पास न पक्का मकान है, ना पीने के पानी, ना ही साफ-सफाई और ना ही शिक्षा की व्यवस्था. अपने इलाके के कुड़े की सफाई भी ये खुद ही करते हैं. वहीं रोजगार के लिए कुछ लोग मजदूरी करते हैं. वहीं कुछ लोग भीख मांग कर अपना गुजारा करते हैं.

लोग बताते हैं कि उन्हें सबसे ज्यादा पीने के पानी की समस्या है. ये समस्या गर्मी के दिनों में और भी बढ़ जाती है. वहीं बच्चों की शिक्षा के बारे में बताते हैं कि बच्चों को सरकारी स्कूल में भेजते हैं. पर उसके आगे की पढ़ाई नहीं हो पाती. जिससे वे भी बड़े होकर मजदूरी और भीख मांगने में लग जाते हैं. वे बताते हैं कि सरकार महिलाओं को मंईयां योजना के तहत 2,500 रुपये देती है, लेकिन उनमें से कई दिव्यांग हैं, जिसकी वजह से उन्हें सिर्फ 1,000 रुपये मिलते हैं. वे 1,000 रुपये से क्या करेंगे?

kushth colony in Jamtara
कुष्ठ कॉलोनी का हाल (Etv Bharat)

लोगों का कहना है कि बहुत पहले एक पुजारी ने उनके लिए घर बनवाया था. वे आज भी उसी टूटे-फूटे घर में रहते हैं. लोग डरे हुए हैं. उनका कहना है कि सरकार ने उन्हें पक्के घरों के लिए पैसे आवंटित किए हैं. लेकिन वे घर बनाने की क्वालिटी को लेकर परेशान हैं. उनका कहना है कि दीवारों का काम ठीक से नहीं हो रहा है.

लोग बताते हैं कि उनके लिए प्रशासन और समाजसेवी संस्थाएं कभी-कभी कपड़े और अच्छा खाना बांटती हैं. कुष्ठ कॉलोनी में रहने वाले बच्चों के लिए कैंप लगाए जाते हैं, जहां वे हेल्थ केयर, कपड़े और पूजा-पाठ का सामान देते हैं. लेकिन उनकी परेशानियां अभी भी सुलझ नहीं रही हैं. उन्हें झूठे वादे और झूठे सपने दिखाकर दिलासा दिया जाता है, लेकिन न तो उनकी जिंदगी संवर रही है और न ही बदल रही है. स्थानीय समाजसेवी इन लोगों के लिए सरकार से बेहतर सुविधाएं की मांग कर रहे हैं.

kushth colony in Jamtara
कुष्ठ कॉलोनी का हाल (Etv Bharat)

स्थानीय समाजसेवी संस्थाओं और बुद्धिजीवियों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को कुष्ठ कॉलोनी में रहने वाले उपेक्षित लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है. वे वहां के बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा और रोजगार की जरूरत पर जोर देते हैं. उनका कहना है कि सरकार को वहां के बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा, बेहतर साफ-सफाई का माहौल और रोजगार उपलब्ध कराना चाहिए.

यह भी पढ़ें:

कहने को नगर पंचायत पर सुविधाएं ढाक के तीन पात! देखिए, डेरासाल गांव के बदहाली की तस्वीर

जामताड़ा नगर पंचायत के वार्डों का हाल बेहाल, बुनियादी सुविधाओं से लोग वंचित

झारखंड निकाय चुनाव: रांची के न्यू विद्यानगर–पहाड़ टोली की बदहाल तस्वीर, न सड़क, न नाली मूलभूत सुविधाओं को तरसते लोग