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हरियाणा में श्रम विभाग घोटाला, सामने आई 13 जिलों की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, विज बोले- "और गंभीर हो सकता है मामला"

हरियाणा में श्रम विभाग घोटाले को लेकर 13 जिलों की रिपोर्ट सामने आ गई है. अनिल विज ने आंकड़ों सहित बड़े स्कैम की जानकारी दी.

हरियाणा में श्रम विभाग घोटाला
हरियाणा में श्रम विभाग घोटाला (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : December 30, 2025 at 5:22 PM IST

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Updated : December 30, 2025 at 5:36 PM IST

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अंबाला: हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने श्रम विभाग में 1500 करोड़ रुपये के वर्क स्लिप घोटाले को लेकर कहा कि "यह एक बड़ा घोटाला सामने आया है". जब मैंने श्रम विभाग का चार्ज लिया था. तब मामला सामने आया था, कि जो वेरिफिकेशन है वो एक आदमी ने कई हजार लोगों की की है और ऐसा संभव नहीं है. निर्माण कार्य के मजदूरों को सरकार काफी लाभ देती है. उनके बच्चों का पीएचडी तक का सारा खर्च, शादी व बच्चे होने पर भी सरकार पैसे देती है. बीमार होने पर इलाज भी देती है. शर्त यह है कि लाभार्थी रजिस्टर होना चाहिए. इसके लिए वेरिफिकेशन होती है".

"13 जिलों की जांच रिपोर्ट आई": विज ने बताया कि "मामले में जांच हुई है और 13 जिलों की रिपोर्ट आई है. 9 जिलों की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है. 13 जिलों की रिपोर्ट देखकर ही हम हैरान रह गए कि 5, 99, 758 वर्ग स्लिप में से केवल 53 हजार 249 ही वैध हैं. जबकि बाकी सभी अवैध है. इसी तरह 2, 21, 517 रजिस्टर्ड वर्कर में से केवल 14 हजार 240 वर्कर ही वैध है. जबकि बाकी अवैध हैं. यानी बाकी मजदूरों के नाम पर जो लाभ मिल रहा है वो कोई और ले रहा है. जिसकी जांच होना जरूरी है. किसने पर्ची बनाई, कब से ले रहे हैं, किस-किस ने लिया, किसने इसे वेरीफाई किया, यह जांच में सामने आएगा. यह मामला और भी बड़ा हो सकता है".

9 जिलों की रिपोर्ट आना बाकी और गंभीर हो सकता है मामला (Etv Bharat)

"विभाग के पास इतना स्टाफ नहीं था": विज ने कहा कि "जब मेरे सामने यह मामला आया कि एक-एक कर्मचारी ने कई-कई बार हजार लोगों को वेरीफाई किया है, तो पहले उन्होंने तीन जिलों की समरी इंस्पेक्शन कराई. जिसमें यही बात सामने आई. फिर उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों में जांच कराई. लेकिन प्रदेशभर में जांच कराने के लिए श्रम विभाग के पास इतना स्टाफ नहीं था. इसलिए जिला उपायुक्तों को पत्र लिखकर तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर उन्हें अपने-अपने जिलों में रजिस्टर्ड कामगारों की सूचियां लेकर घर-घर जाकर जांच कराने को कहा था".

श्रम विभाग से सामने आया करोड़ों रुपये का घोटाला: गौरतलब है कि श्रम विभाग में हुए इस फर्जीवाड़े की जांच श्रम मंत्री अनिल विज द्वारा कराई गई थी. जिसमें करीब 1500 करोड़ रुपये का वर्क स्लिप घोटाला सामने आया है. मंत्री अनिल विज द्वारा इस मामले में मुख्यमंत्री नायब सैनी से जांच की सिफारिश भी की गई है.

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Last Updated : December 30, 2025 at 5:36 PM IST