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जोगीरा सारा रा रा.. बिहार में जमकर खेली गई 'कुर्ता फाड़' होली, चौक-चौराहों पर दिख रहा युवाओं में उत्साह

देशभर में आज होली मनाई जा रही है. बिहार में युवाओं के बीच 'कुर्ता फाड़' होली का चलन खूब देखने को मिल रहा है. पढ़ें.

KURTA PHAD HOLI BEING CELEBRATED IN MASAURHI
मसौढी का कुर्ता फाड़ होली की चर्चा पूरे बिहार में होती है (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : March 4, 2026 at 2:34 PM IST

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Updated : March 4, 2026 at 3:39 PM IST

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पटना: देशभर में आज होली का त्योहार मनाया जा रहा है. कहीं फूलों की होली तो कहीं लोग कीचड़ से होली खेल रहे हैं. इस बीच बिहार में युवाओं की टोली कुर्ता फाड़ होली खेल रही है. होली के अलावा गांव की होली अपनी खास देसी मस्ती के लिए जानी जाती है. जहां रंगों के साथ-साथ लोक गीत और परंपराओं का संगम देखने को मिलता है. ऐसे में मसौढ़ी की कुर्ता फाड़ होली की चर्चा पूरे राज्य में होती है. जहां कई मोहल्ले के लोग एक चौराहे पर जुटते हैं और एक दूसरे को रंग लगाकर कुर्ता फाड़ होली खेलते हैं.

नई शुरुआत का प्रतीक है कुर्ता फाड़ होली : मसौढ़ी के समाजसेवी पूर्व प्रखंड प्रमुख रमाकांत रंजन किशोर ने बताया कि पुरानी मान्यताओं के अनुसार, पुरानी ऋतु को पीछे छोड़कर नई शुरुआत करने और सर्दियों के पुराने कपड़ों को त्यागने का प्रतीक माना जाता है. वहीं आचार्य विश्वरंजन की मानें तो कुर्ता फाड़ होली' मस्ती, हुड़दंग और बिना किसी भेदभाव के होली खेलने का एक पारंपरिक तरीका है.

''होली में लोग एक-दूसरे के रंग लगाते हुए खुशी में उनके कुर्ते फाड़ देते हैं. यह परंपरा सामाजिक समानता का प्रतीक है, जहां होली के दिन कोई भी अमीर-गरीब या ऊंचा-नीचा नहीं होता.'' - आचार्य विश्वरंजन

KURTA PHAD HOLI BEING CELEBRATED IN MASAURHI
युवाओं के बीच 'कुर्ता फाड़' होली का चलन खूब देखने को मिल रहा (ETV Bharat)

पूर्व CM लालू यादव की अनोखी होली: हालांकि कुर्ता फाड़ होली का नाम सुनते ही राजधानी पटना में मुख्यमंत्री रहे लालू प्रसाद की भी याद ताजा हो जाती है. इस परंपरा को लालू प्रसाद यादव के दौर से खास पहचान मिली. 1990 में लालू प्रसाद बिहार के मुख्यमंत्री बने. उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद कहा जाता है कि मुख्यमंत्री आवास का गेट आम लोगों के लिए खुल गया था. लालू के CM बनते ही बिहार में होली का अलग रूप देखने को मिलने लगा. मुख्यमंत्री आवास में कुर्ता फाड़ होली मनाई जाने लगी.

KURTA PHAD HOLI BEING CELEBRATED IN MASAURHI
पूर्व CM लालू यादव की अनोखी होली (ETV Bharat)

होली में दिखता था ठेठ अंदाज: लालू प्रसाद होली खेलते समय सबकुछ भूलकर होली के रंग में रंग जाते थे और दूसरों को भी रंगों से सराबोर कर देते थे. लालू की होली में आम और खास सबका कुर्ता फटा मिलता था. सबसे बड़ी बात यह थी कि मुख्यमंत्री रहते हुए अपने समर्थकों से अपना कुर्ता भी फड़वाना नहीं भूलते थे.

KURTA PHAD HOLI BEING CELEBRATED IN MASAURHI
होली में दिखता था पूर्व CM का ठेठ अंदाज (ETV Bharat)

नालंदा को लोगों में होली को लेकर दिखा रहा उत्साह : इधर, नालंदा में भी होली का पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जा रहा है. सुबह से ही जिले के विभिन्न इलाकों में रंग और अबीर-गुलाल उड़ने का सिलसिला शुरू हो गया. शहर के चौक-चौराहों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक त्योहार को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा गया.

KURTA PHAD HOLI BEING CELEBRATED IN MASAURHI
नई शुरुआत का प्रतीक है कुर्ता फाड़ होली (ETV Bharat)

शहर के प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती : त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह मुस्तैद है. जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शहर के प्रमुख स्थानों और संवेदनशील इलाकों में दंडाधिकारियों के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई है. पुलिस की गश्ती गाड़ियां लगातार इलाकों का भ्रमण करती रहीं, जिससे जिले में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना अब तक सामने नहीं आई है.

RSS ने 'होली मिलन' कार्यक्रम का आयोजन किया : बिहार में होली की इस धूम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS ने भी जमकर होली खेली. गोपालगंज के वीएम फील्ड के पास स्थित गायत्री मंदिर परिसर में 'होली मिलन' कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें संघ के स्वयंसेवकों ने अनुशासन के साथ-साथ लोक संस्कृति की अनुपम छटा बिखेरी.

KURTA PHAD HOLI BEING CELEBRATED IN MASAURHI
मसौढ़ी में मनाई जा रही कुर्ता फाड़ होली (ETV Bharat)

समारोह में उम्र का बंधन नहीं दिखा : कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने एक-दूसरे को अबीर और गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं. इस मिलन समारोह में उम्र का बंधन दिखाई नहीं दिया. जहां युवाओं में जोश था, वहीं वरिष्ठ स्वयंसेवकों ने भी उसी उत्साह के साथ त्योहार का आनंद लिया. स्वयंसेवकों ने समाज में प्रेम, एकता और सद्भाव का संदेश देते हुए इस बात पर जोर दिया कि होली केवल रंगों का मेल नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का माध्यम है.

भाईचारे की मिठास घोलने का लिया संकल्प : संघ के स्वयंसेवकों ने इस अवसर पर कहा कि होली का यह पर्व सामाजिक समरसता का प्रतीक है. जिस प्रकार विभिन्न रंग मिलकर एक सुंदर छवि बनाते हैं, उसी प्रकार समाज के हर वर्ग को साथ मिलकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए. स्वयंसेको ने संकल्प लिया कि वे समाज में व्याप्त बुराइयों को मिटाकर भाईचारे की मिठास घोलने का काम करेंगे.

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Last Updated : March 4, 2026 at 3:39 PM IST